न्यूज कॉर्प का मुनाफा बढ़ा, पर कैसे? डॉव जोन्स और डिजिटल रियल एस्टेट ने खेला बड़ा रोल
अरे भाई, न्यूज कॉर्प ने तो इस बार जमकर कमाई की है! आपने The Wall Street Journal, MarketWatch या Barron’s के बारे में तो सुना ही होगा – ये सभी इसी कंपनी के बैनर तले आते हैं। हाल ही में आए तिमाही नतीजों ने तो निवेशकों की नींद ही उड़ा दी है। सेगमेंट प्रॉफिट में 10% की बढ़ोतरी? सच में? ये कोई मामूली बात नहीं है। और ये कमाई कहां से आई? डॉव जोन्स के मजबूत परफॉरमेंस और डिजिटल रियल एस्टेट सेक्टर में तेजी ने ये मुमकिन कर दिखाया।
असल में देखा जाए तो, न्यूज कॉर्प की कहानी बड़ी दिलचस्प है। रुपर्ट मर्डोक जैसे मीडिया मोगल ने जिस कंपनी को खड़ा किया, आज वो दुनिया भर में अपनी पहचान बना चुकी है। The Wall Street Journal से लेकर HarperCollins तक – इनके पास तो बेहतरीन ब्रांड्स का खजाना है। पर सवाल यह है कि आज के डिजिटल दौर में ये कंपनी कैसे टिकी हुई है? जवाब सीधा है – इन्होंने डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और रियल एस्टेट में पैसा लगाना शुरू कर दिया। और डॉव जोन्स? अरे भई, वो तो जैसे कंपनी का गोल्डमाइन बन चुका है!
तो क्या कहती है ताजा रिपोर्ट? सुनिए – 10% प्रॉफिट ग्रोथ! ये कोई छोटी-मोटी बात नहीं है। डॉव जोन्स ने तो जैसे जादू ही कर दिया। सब्सक्रिप्शन से लेकर विज्ञापन तक, हर जगह कमाई बढ़ी है। और Realtor.com जैसी सेवाओं ने भी कंपनी के मुनाफे में चार चांद लगा दिए। सच कहूं तो, डिजिटल यूजर्स की बढ़ती संख्या देखकर लगता है कंपनी सही रास्ते पर है।
कंपनी के CEO रॉबर्ट थॉमसन तो खुशी से झूम ही रहे होंगे। उनका कहना है ये सब डिजिटल स्ट्रैटेजी और क्वालिटी जर्नलिज्म का नतीजा है। और सच भी तो है – आज के दौर में विश्वसनीय जानकारी की क्या कीमत है, ये तो हम सभी जानते हैं। हालांकि, कुछ एक्सपर्ट्स की चेतावनी भी गौर करने लायक है। विज्ञापन से होने वाली कमाई में उतार-चढ़ाव आ सकता है, खासकर इस अनिश्चित ग्लोबल इकॉनमी में।
अब आगे की बात करें तो कंपनी की प्लानिंग क्या है? जाहिर है, डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और सब्सक्रिप्शन मॉडल पर जोर बढ़ाने वाली है। रियल एस्टेट सेक्टर में भी नए मौके तलाशे जा रहे हैं। अगली तिमाही के लिए तो उम्मीदें अच्छी हैं, पर ग्लोबल इकॉनमिक हालात पर नजर बनाए रखनी होगी। सच कहूं तो, न्यूज कॉर्प का ये परफॉरमेंस साबित करता है कि डिजिटल एज में भी पारंपरिक मीडिया कंपनियां कैसे खुद को ढाल सकती हैं। बस, अब देखना ये है कि ये रफ्तार बनी रहती है या नहीं!
Source: WSJ – US Business | Secondary News Source: Pulsivic.com