ओडिशा छात्रा आत्मदाह कांड: क्राइम ब्रांच ने किया एक्शन, लेकिन सवाल अब भी बाकी
ओडिशा का यह KIIT University का मामला सच में दिल दहला देने वाला है। क्राइम ब्रांच ने दो छात्रों को गिरफ्तार तो कर लिया है, पर सवाल यह है कि क्या यह काफी है? एक छात्रा ने आत्मदाह करने की कोशिश की, और उसके सुसाइड नोट में जो लिखा है, वह पढ़कर रोंगटे खड़े हो जाते हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन और कुछ सहपाठियों पर उत्पीड़न के गंभीर आरोप… पर सच क्या है? यही तो पूछने वाली बात है।
पीछे की कहानी: जब सिस्टम फेल हो जाता है
देखिए, मामला कुछ यूं है – KIIT की यह छात्रा महीनों से परेशान थी। उसके सुसाइड नोट में साफ लिखा है कि कैसे उसे टार्गेट किया गया। और सबसे डरावनी बात? जब उसने शिकायत की, तो प्रशासन ने उसे गंभीरता से लिया ही नहीं। स्थानीय पुलिस तो वैसे भी… आप समझ ही रहे होंगे। कामचोरी की वजह से मामला क्राइम ब्रांच को भेजना पड़ा। अब सवाल यह कि क्या यह सब उस छात्रा के साथ होने से रोका जा सकता था?
अब तक क्या हुआ? (और क्या नहीं हुआ?)
क्राइम ब्रांच ने दो छात्रों को पकड़ा है, ठीक है। लेकिन असल में तो यह सिर्फ शुरुआत है। पीड़िता के परिवार का कहना है कि विश्वविद्यालय ने जानबूझकर मामले को दबाया। और हां, उस लड़की की हालत… 80% बर्न्स के साथ अस्पताल में है। सच कहूं तो यह सुनकर गुस्सा आता है। क्या हमारे एजुकेशन सिस्टम में इंसानियत इतनी सस्ती हो गई है?
कैंपस में हंगामा: छात्र नाराज, प्रशासन डिफेंसिव
अब तस्वीर यह है – छात्र संगठन सड़कों पर हैं, प्रदर्शन कर रहे हैं। परिवार रो-रो कर बता रहा है कि कैसे उनकी बेटी की आवाज दबा दी गई। और विश्वविद्यालय? वही पुराना रटा-रटाया जवाब – “हम जांच में सहयोग कर रहे हैं।” सच पूछो तो यह सब बहुत पुराना और थका देने वाला लगता है। कब तक चलेगा यह सिलसिला?
आगे क्या? सिर्फ कानूनी कार्रवाई काफी नहीं
क्राइम ब्रांच जांच करेगी, IPC की धाराएं लगेंगी… पर क्या यह काफी है? असल सवाल तो यह है कि हमारे कॉलेज कैंपस कब सुरक्षित होंगे? काउंसलिंग सिस्टम, मेंटल हेल्थ सपोर्ट – यह सब बातें तो तब शुरू होती हैं जब बहुत देर हो चुकी होती है। इस छात्रा की तरह।
एक बात तो तय है – यह मामला सिर्फ एक आत्मदाह की घटना नहीं है। यह हमारे सिस्टम की विफलता का प्रमाणपत्र है। और जब तक संस्थाएं जवाबदेह नहीं होंगी, तब तक… खैर, आप समझ ही गए होंगे।
[नोट: पीड़िता और परिवार के प्रति संवेदना। उम्मीद है न्याय मिलेगा।]
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Source: News18 Hindi – Nation | Secondary News Source: Pulsivic.com