“पाकिस्तान से सवाल: TRF जैसे आतंकी संगठनों का जन्म उसकी धरती पर कैसे हुआ?”

पाकिस्तान से सवाल: TRF जैसे आतंकी संगठन उसकी ज़मीन पर कैसे पनपते हैं?

अमेरिका ने आखिरकार पाकिस्तान में सक्रिय आतंकवादी गुट “The Resistance Front (TRF)” को आधिकारिक तौर पर ब्लैकलिस्ट कर दिया है। और हैरानी की बात नहीं कि भारत सरकार इसे अपनी बड़ी कूटनीतिक जीत मान रही है। केंद्रीय मंत्री संजय निरुपम तो जैसे इसी का इंतज़ार कर रहे थे – उन्होंने न सिर्फ अमेरिका का शुक्रिया अदा किया, बल्कि सीधे-सीधे पाकिस्तान को घेरते हुए वही सवाल दोहराया जो हम सबके दिमाग में है: “भाई, ये TRF जैसे गिरोह तुम्हारे यहाँ आखिर कैसे फल-फूल रहे हैं?” सच कहूँ तो, ये सवाल पाकिस्तान के उस पुराने रिकॉर्ड पर एक और दाग़ है जहाँ आतंकवादियों को पाला-पोसा जाता रहा है।

TRF: LeT का नया चोला या कोई नई चाल?

The Resistance Front (TRF) नाम सुनकर लगता है जैसे कोई नया संगठन हो, पर असलियत ये है कि ये तो वही पुराना साँप है, बस नई केंचुल पहन ली है। जम्मू-कश्मीर में हाल के वर्षों में जितने भी सुरक्षाबलों पर हमले हुए हैं, उनमें से ज़्यादातर में TRF का हाथ होने का दावा किया जाता है। पर सवाल ये है कि आखिर इस गुट को इतनी ताक़त मिलती कहाँ से है? अरे भाई, जवाब तो पाकिस्तान की सरज़मीं में ही छुपा हुआ है न!

भारत तो लगातार ये आरोप लगाता आया है, पर अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी ये माना जाने लगा है कि TRF को पाकिस्तान की ख़ुफ़िया एजेंसी ISI का पूरा समर्थन हासिल है। ट्रेनिंग? पाकिस्तान में। फंडिंग? पाकिस्तान से। हथियार? वहीं से। और फिर ये सब इस्तेमाल होता है भारत में अशांति फैलाने के लिए। अमेरिका का ये कदम इन्हीं आरोपों को एक तरह से सही ठहराता है।

अमेरिका ने क्यों लिया ये बड़ा फैसला?

अमेरिका ने TRF को अपनी “Foreign Terrorist Organization (FTO)” लिस्ट में डालकर साफ़ संदेश दे दिया है। अब इस संगठन से जुड़ा कोई भी वित्तीय लेन-देन या सैन्य सहयोग पूरी तरह प्रतिबंधित हो गया है। संजय निरुपम ने इसे भारत की जीत तो बताया, पर साथ ही ये भी कहा कि “असली मुकाबला तो अब पाकिस्तान को उसकी ज़िम्मेदारी याद दिलाने का है।” बिल्कुल सही कहा!

दुनिया क्या कह रही है?

भारत तो खुश है ही, पर मज़ेदार बात ये है कि पाकिस्तान अभी तक इस मामले पर मौन साधे बैठा है। शायद उन्हें समझ नहीं आ रहा कि जवाब दें तो क्या दें? अमेरिकी विदेश विभाग ने साफ़ कहा है कि TRF जैसे संगठन “दुनिया भर की शांति के लिए ख़तरा हैं।” अब देखना ये है कि और कौन-कौन से देश इस मामले में भारत का साथ देते हैं।

आगे क्या होगा?

अमेरिका के इस कदम से पाकिस्तान पर अंतरराष्ट्रीय दबाव बढ़ने वाला है। अब भारत और अमेरिका मिलकर FATF (Financial Action Task Force) में पाकिस्तान को ग्रे लिस्ट में ही रखने की माँग कर सकते हैं। साथ ही, TRF के खिलाफ ये कार्रवाई कश्मीर में आतंकी घटनाओं को कम करने में मददगार साबित हो सकती है। पर बड़ा सवाल तो ये है कि क्या पाकिस्तान वाकई में अपने यहाँ पल रहे इन आतंकी संगठनों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई करेगा? मुझे तो संदेह है।

अंत में: TRF पर प्रतिबंध निश्चित रूप से भारत के लिए बड़ी कामयाबी है। पर जंग अभी खत्म नहीं हुई। असली परीक्षा तो अब शुरू होती है – पाकिस्तान को उसकी ज़िम्मेदारी याद दिलाने की। देखते हैं, अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस मामले में कितना दबाव बना पाता है।

पाकिस्तान और TRF जैसे आतंकी संगठन – जानिए पूरी कहानी (FAQs)

1. TRF (The Resistance Front) आखिर है क्या? और पाकिस्तान में इसकी जड़ें कैसे जमीं?

देखिए, TRF कोई नया खेल नहीं है। यह वही पुराना सॉन्ग है बस नए अवतार में। 2019 में अचानक कश्मीर में यह नाम सामने आया, लेकिन असल में यह Lashkar-e-Taiba (LeT) और Jaish-e-Mohammed (JeM) जैसे संगठनों का ही चोंगा है। और हां, यह कोई coincidence नहीं कि इसका जन्म पाकिस्तान की धरती पर ISI की गोद में हुआ। Proxy war का नया टूल, बस इतना ही।

2. सवाल यह है कि पाकिस्तान को TRF जैसे ग्रुप्स से क्या मिलता है?

अरे भाई, पाकिस्तान के लिए तो ये ‘strategic assets’ हैं! मतलब – भारत से लड़ने का सस्ता तरीका। एक तरफ तो ये ग्रुप्स उनके लिए dirty work करते हैं, दूसरी तरफ वो दुनिया के सामने ‘हम तो खुद आतंकवाद के शिकार हैं’ वाला नाटक भी कर लेते हैं। और फंडिंग? ट्रेनिंग? वेपंस? सब पाकिस्तानी एजेंसियों के ही तो हाथों से जाता है। क्या कहें, पूरा पैकेज डील!

3. क्या सच में पाकिस्तान सरकार का इन पर कोई कंट्रोल नहीं? या सिर्फ ढोंग है?

ईमानदारी से कहूं तो… अगर आप UN की रिपोर्ट्स और इंटेलिजेंस एजेंसियों के दावों पर गौर करें, तो सच साफ दिखता है। पाकिस्तान सरकार पब्लिक में मुंह फेर लेती है, लेकिन backchannel पर TRF जैसे ग्रुप्स उनकी सेना और ISI के रिमोट कंट्रोल पर ही डांस करते हैं। सेफ हेवन्स? ट्रेनिंग कैंप्स? फंडिंग? सब उन्हीं के इशारे पर। एकदम साफ-साफ।

4. भारत ने TRF के खिलाफ क्या कदम उठाए हैं?

तो सुनिए! भारत ने सबसे पहले तो TRF को बैन्ड ऑर्गनाइजेशन घोषित किया। उसके बाद? जो भी मेम्बर पकड़ में आया, उसके साथ कोई नरमी नहीं। लेकिन सिर्फ यही नहीं। UN और FATF जैसे इंटरनेशनल प्लेटफॉर्म्स पर भारत लगातार पाकिस्तान की पोल खोल रहा है। और हां, surgical strikes और air strikes तो हुए ही हैं – जिन्होंने इनके कैंप्स को धूल चटा दी। एक शब्द में? जवाबदेही।

Source: News18 Hindi – Nation | Secondary News Source: Pulsivic.com

More From Author

“बिहार-बंगाल चुनाव में BJP का मंत्र: विकास vs भ्रष्टाचार, PM मोदी की रैलियों से गूंजा संदेश!”

झारखंड की बेटी को बिहार में मिली नई जिंदगी! डॉक्टरों के चमत्कारिक सर्जरी ने बदली किस्मत

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recent Comments