पटना पुलिस का हाफ एनकाउंटर: कौन है कुख्यात रौशन शर्मा? पूरी कहानी जानें

पटना पुलिस का हाफ एनकाउंटर: कौन है यह कुख्यात रौशन शर्मा? पूरी कहानी समझिए

गुरुवार की रात पटना के फुलवारी शरीफ में जो हुआ, उसे सुनकर आपके रोंगटे खड़े हो जाएंगे। पुलिस और रौशन शर्मा नाम के एक बदनाम गुंडे के बीच मुठभेड़… और वो भी तब, जब यह शख्स पुलिस पर ही गोली चलाने लगा! असल में, पुलिस ने जवाबी कार्रवाई में इसके पैर में गोली मार दी। अब यह PMCH हॉस्पिटल में भर्ती है – डॉक्टरों के मुताबिक हालत ‘स्टेबल’ बताई जा रही है। पर सवाल यह है कि आखिर यह रौशन शर्मा है कौन?

कौन है यह रौशन शर्मा?

अरे भई, बिहार के टॉप 5 वांछित अपराधियों की लिस्ट में इसका नाम आता है! लूट, हत्या, अपहरण – न जाने कितने केस इसके नाम पर दर्ज हैं। सच कहूं तो पुलिस को चकमा देते-देते यह तीन साल से फरार था। 10 से ज्यादा केस… और इनमें कई तो ऐसे हैं जिनमें जान भी गई। है न हैरान कर देने वाली बात? पर सबसे बड़ा सवाल – आखिर पुलिस ने इसे पकड़ा कैसे?

मामला कैसे बना?

कहानी तब शुरू हुई जब पुलिस को एक ‘टिप’ मिली – “साहब, रौशन फुलवारी शरीफ के एक सूनसान मकान में छिपा है!” पुलिस ने तुरंत एक्शन लिया। पर जैसे ही उन्होंने इसे सरेंडर करने को कहा, यह शख्स गोली चलाने लगा! हालांकि पुलिस ने भी जवाब दिया – नतीजा? इसका पैर जख्मी हो गया और यह धराशायी हो गया। एक तरह से देखें तो पुलिस के लिए बड़ी कामयाबी… लेकिन क्या यह पूरी कहानी है?

लोग क्या कह रहे हैं?

पुलिस प्रवक्ता तो खुशी से फूले नहीं समा रहे – “हमारी बड़ी सफलता!” पर असली बात यह है कि आम लोगों ने राहत की सांस ली है। एक चाय वाले भैया ने मुझे बताया, “भाई साहब, इसके डर से हम शाम ढलते ही दुकानें बंद कर देते थे।” पर अजीब बात यह कि रौशन के घरवालों ने अभी तक कुछ नहीं कहा… क्यों भला?

अब आगे क्या?

अब पुलिस इसके सारे पुराने केस खंगालेगी। साथ ही, इसके गैंग के दूसरे लोगों की तलाश भी जारी है। पर सच पूछो तो असली टेस्ट अब शुरू होगा – क्या पुलिस इसके पूरे नेटवर्क को उखाड़ पाएगी? एक्सपर्ट्स की मानें तो यह इतना आसान नहीं… क्योंकि ऐसे लोगों के पीछे तो अक्सर बड़े सिंडिकेट होते हैं। देखते हैं आगे क्या होता है – पर एक बात तो तय है, पटना की सड़कें अब थोड़ी सुरक्षित हुई हैं!

आखिरी बात

सच कहूं तो यह केस दिलचस्प भी है और डरावना भी। एक तरफ पुलिस की बड़ी जीत… दूसरी तरफ यह सवाल कि क्या सच में अपराध पर लगाम लगेगी? फिलहाल तो सबकी नजरें इसके अगले अपडेट पर हैं। आपको क्या लगता है – क्या यह सिर्फ एक अपराधी की गिरफ्तारी है या बड़ी साजिश का पर्दाफाश? कमेंट में जरूर बताइएगा!

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पटना पुलिस का हाफ एनकाउंटर और रौशन शर्मा – जानिए पूरा मामला

अरे भाई, ये पटना का हाफ एनकाउंटर केस तो हर कोई डिस्कस कर रहा है न? सोशल मीडिया से लेकर चाय की दुकान तक। तो चलिए, बिना किसी पुलिस-प्रशासन के झमेले में पड़े, सीधे बात करते हैं असल मुद्दे पर।

1. हाफ एनकाउंटर… ये शब्द ही क्यों? और पटना पुलिस ने ये कदम क्यों उठाया?

देखिए, हाफ एनकाउंटर वो नाजुक सिचुएशन होती है जब पुलिस ‘गिरफ्तारी’ के बजाय ‘गोली’ चुन लेती है। अब सवाल ये कि पटना पुलिस ने रौशन के साथ ऐसा क्यों किया? सच कहूं तो वो कोई साधारण चोर-उचक्का नहीं था। पुलिस रिकॉर्ड्स के मुताबिक, ये लड़का तो खुलकर पुलिस को चैलेंज करता था। एक तरह से अपनी हीरोइक इमेज बनाने की कोशिश। लेकिन ये सब कितना सही? वो अलग बहस का मुद्दा है।

2. रौशन शर्मा – नाम तो सुना होगा? पर असल में कौन था ये?

असल में ये कोई रातों-रात उभरा गुंडा नहीं था। बिहार के अंडरवर्ल्ड में इसका नाम-ओ-निशान था। मर्डर से लेकर ड्रग्स तक… केसों का पूरा बंडल था इसके नाम पर। ईमानदारी से कहूं तो पटना के कुछ इलाकों में तो लोग इसके नाम से ही कांपते थे। पर सवाल ये है कि इतने सालों तक ये इतना एक्टिव कैसे रहा? ये जवाब तो शायद पुलिस ही दे पाएगी।

3. पुलिस एक्शन सही या गलत? और ये ‘फेक’ वाला तर्क कहां तक सही?

अब यहां बात दिलचस्प हो जाती है। पुलिस का कहना है कि रौशन ने पहले फायर किया – self-defence का मामला। पर कुछ NGOs और एक्टिविस्ट्स की नजर में ये पुराने ढर्रे की ‘एनकाउंटर राजनीति’ है। सच क्या है? शायद जांच के बाद ही पता चलेगा। पर एक बात तो तय है – बिहार में ये मामला लंबे समय तक चर्चा में रहने वाला है।

4. रौशन अकेला नहीं था… तो उसका गैंग अब कहां?

यही तो सबसे बड़ी चिंता की बात है! रौशन तो चला गया, पर उसका पूरा नेटवर्क अभी भी एक्टिव है। पुलिस के अनुसार कम से कम 5-7 बड़े नाम अभी भी फरार हैं। और हां, ये लोग कोई छोटे-मोटे अपराधी नहीं हैं। Drug smuggling से लेकर contract killing तक… इनके हाथ में सब कुछ है। सवाल ये है कि क्या पुलिस इन्हें भी उसी तरह ‘हैंडल’ करेगी? या फिर कोई नया तरीका अपनाएगी?

अंत में बस इतना… ये मामला सिर्फ एक अपराधी की मौत से कहीं बड़ा है। ये हमारी कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। आपको क्या लगता है? कमेंट में जरूर बताइएगा।

Source: News18 Hindi – Nation | Secondary News Source: Pulsivic.com

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