Perplexity का Comet AI ब्राउज़र ट्राई किया – क्या यह सच में इंटरनेट चलाने का तरीका बदल देगा?
भाई, अगर आपको लगता है कि Chrome या Edge जैसे ब्राउज़रों के बाद कुछ नया नहीं आ सकता, तो Perplexity का यह Comet AI ब्राउज़र आपको हैरान कर देगा। असल में देखा जाए तो यह कोई साधारण ब्राउज़र नहीं, बल्कि Artificial Intelligence को पूरी तरह अपने में समेटे हुए एक स्मार्ट असिस्टेंट जैसा है। मैंने इसे पिछले एक हफ्ते से यूज़ किया है, और सच कहूं तो कुछ चीज़ें तो एकदम ज़बरदस्त हैं, जबकि कुछ पर अभी काम चल रहा है। आइए डिटेल में समझते हैं कि यह आपके लिए सही है या नहीं!
पहली नज़र में कैसा लगा?
जब मैंने पहली बार इसे ओपन किया, तो सबसे पहले जो चीज़ नज़र आई वो थी – सादगी। एकदम क्लीन इंटरफ़ेस, बिना किसी झंझट के। आपको बस एक बड़ा सा AI सर्च बार दिखेगा – जैसे कोई आपसे पूछ रहा हो “भाई, आज क्या ढूंढ रहे हो?” हालांकि, जो चीज़ थोड़ी अजीब लगी वो ये कि सेटिंग्स में कस्टमाइज़ेशन के विकल्प कम हैं। मतलब अगर आपको अपना ब्राउज़र रंग-बिरंगा बनाना पसंद है, तो अभी के लिए यहां मौके कम हैं। परफॉर्मेंस? एकदम फटाफट! हालांकि दो-तीन बार क्रैश हुआ, लेकिन होता है ना – नया सॉफ्टवेयर है भाई!
कितनी अच्छी दिखती हैं वेबसाइट्स?
अब ये तो सबसे बड़ा सवाल है ना? मेरा अनुभव कहता है कि ज्यादातर साइट्स एकदम बढ़िया दिखती हैं। चाहे वो YouTube हो, Amazon हो या फिर आपका पसंदीदा न्यूज़ पोर्टल। एक खास बात ये है कि इसमें AI-आधारित डिस्प्ले ऑप्टिमाइज़ेशन है – मतलब रात को पढ़ते वक्त आंखों पर जोर नहीं पड़ता। मुझे तो ये फीचर खासा पसंद आया, खासकर जब लंबे-लंबे आर्टिकल्स पढ़ने होते हैं। मोबाइल पर? और भी बेहतर! स्क्रीन के साइज़ के हिसाब से खुद को ढाल लेता है।
स्पीड और AI फीचर्स – असली मज़ा यहीं है!
तो अब बात करते हैं उस चीज़ की जिसके लिए आप शायद यह ब्राउज़र ट्राई करना चाहेंगे – AI फीचर्स। भई, सच बताऊं तो ये काम तो बहुत ही स्मूदली करता है। आपको किसी आर्टिकल का सार चाहिए? बस एक क्लिक। ट्रांसलेशन चाहिए? कोई बात नहीं। मल्टीटास्किंग के दौरान भी यह ब्राउज़र नहीं लटकता – हालांकि RAM थोड़ी ज्यादा खा जाता है। पर जो सबसे अच्छी बात है – ये समय-समय पर खुद को अपडेट करता रहता है। मतलब आज जो कमी लग रही है, कल वो ठीक हो सकती है!
फोटो और AR वगैरह के मामले में?
देखिए, अगर आप सोच रहे हैं कि यह कोई Pixel या iPhone जैसा कैमरा अनुभव देगा, तो नहीं। फिलहाल इसमें बेसिक इमेज सर्च और AR फीचर्स हैं जो ठीक-ठाक काम करते हैं। मेरा मानना है कि आने वाले अपडेट्स में ये और बेहतर होगा। असल में, ये ब्राउज़र अभी बच्चा ही तो है – बड़ा होकर क्या करेगा, ये तो वक्त ही बताएगा!
बैटरी पर कितना भारी?
ये तो मैं भी जानना चाहता था! हैरानी की बात ये है कि इतने सारे AI फीचर्स के बावजूद यह ब्राउज़र बैटरी को उतना नहीं खाता जितना मैंने सोचा था। मेरे OnePlus पर तो यह Chrome से भी बेहतर परफॉर्म करता है। अगर आप पावर सेविंग मोड ऑन कर दें, तो और भी अच्छा रिजल्ट मिलता है। लेकिन हां, अगर आप लगातार AI फीचर्स का भरपूर इस्तेमाल करेंगे, तो बैटरी ज़रूर तेजी से खत्म होगी।
क्या खास है, क्या कमी है?
प्लस पॉइंट्स: AI की मदद से स्मार्ट सर्च, बेहतरीन यूजर इंटरफ़ेस, और वो भविष्य की झलक जो आपको कहीं और नहीं मिलेगी।
माइनस पॉइंट्स: अभी थोड़ा बगी है, कस्टमाइज़ेशन कम है, और कभी-कभी ज्यादा RAM ले लेता है।
तो क्या यह लेने लायक है?
ईमानदारी से कहूं तो अगर आप टेक के मामले में एडवेंचरस हैं और नई चीज़ें ट्राई करना पसंद करते हैं, तो बिल्कुल! यह ब्राउज़र आपको वो अनुभव देगा जो शायद आपने पहले कभी नहीं देखा होगा। हालांकि, अगर आप बस एक साधारण यूजर हैं जिसे सिर्फ Facebook और WhatsApp चलाना है, तो अभी के लिए आप अपने पुराने ब्राउज़र पर ही टिके रहिए।
क्या आपने भी इस ब्राउज़र को आजमाया है? नीचे कमेंट में बताइए – आपको कैसा लगा? मेरा तो मानना है कि AI का भविष्य बहुत बड़ा है, और यह ब्राउज़र उसकी सिर्फ एक झलक भर है। क्या आप सहमत हैं?
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Perplexity का Comet AI Browser: जानिए सबकुछ जो आप जानना चाहते हैं!
1. Comet AI Browser आखिर है क्या बला? और काम कैसे करता है ये?
देखिए, अगर आपको लगता है कि ब्राउज़र सिर्फ Google खोलने का जरिया है, तो Comet AI Browser आपको हैरान कर देगा। असल में ये एक AI-powered ब्राउज़र है जो आपके internet experience को… क्या कहें… स्मार्ट बना देता है। सोचिए न, जब आप कुछ सर्च करते हैं तो ये सिर्फ लिंक्स नहीं दिखाता – बल्कि पूरी जानकारी चबा-चबाकर आपके सामने परोस देता है। और हां, ये traditional browsers से कहीं ज्यादा तेज है। एकदम रॉकेट स्पीड!
2. यार, पर इसमें ऐसा क्या खास है जो दूसरे ब्राउज़र्स में नहीं?
अरे भई, सवाल तो बिल्कुल सही पूछा! बात ये है कि जहां Chrome या Firefox आपको 10 blue links दिखाकर कहते हैं “जाओ खुद ढूंढो”, वहीं Comet AI Browser कहता है “लो भाई, जवाब तैयार है”। AI की मदद से ये सीधा जवाब देता है – research करके, summarize करके, और हां, आपकी जरूरत के हिसाब से suggestions भी देता है। कुछ-कुछ वैसा ही जैसे कोई स्मार्ट दोस्त आपके लिए पूरी रिसर्च करके रिपोर्ट तैयार कर दे।
3. सुनो, ये पूरा फ्री है या फिर बाद में पैसे मांगेगा?
ईमानदारी से कहूं तो अभी तो ये पूरी तरह free है – कोई catch नहीं, कोई hidden charges नहीं। लेकिन… हमेशा एक लेकिन तो होता ही है न? कंपनी ने संकेत दिए हैं कि future में कुछ advanced features के लिए paid plans आ सकते हैं। पर अच्छी बात ये है कि अभी वो free version पर focus कर रहे हैं ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इसे आजमा सकें। तो जब तक मौका है, फायदा उठा लीजिए!
4. Privacy का क्या? मेरा डेटा तो नहीं बिकेगा न?
अब ये सवाल तो बनता ही है! Perplexity का दावा है कि Comet AI Browser user privacy को सबसे ऊपर रखता है। मतलब ये आपकी हर छोटी-बड़ी जानकारी इकट्ठा नहीं करता। और search queries को anonymize करके process करता है – थोड़ा वैसा ही जैसे आप बिना नाम बताए डॉक्टर से सलाह लें। पर मेरी सलाह? हमेशा की तरह, privacy policy जरूर पढ़ लें। सावधानी में ही समझदारी है, है न?
Source: ZDNet – AI | Secondary News Source: Pulsivic.com