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“IPO से पहले पीयूष बंसल का बड़ा मूव! लेंसकार्ट ने वियरेबल टेक्नोलॉजी में किया एंट्री, 4 साल की प्लानिंग हुई सफल”

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IPO से पहले पीयूष बंसल ने किया धमाका! लेंसकार्ट अब सिर्फ चश्मे नहीं, वियरेबल टेक में भी मचाएगा धूम

अरे भाई, Lenskart वाले पीयूष बंसल ने तो IPO से ठीक पहले चुपके से चेस का वो मूव कर दिया जिसकी किसी को उम्मीद नहीं थी! सालों से हम इन्हें सिर्फ चश्मे बेचने वाली कंपनी समझते थे, लेकिन असल में ये तो पिछले चार साल से वियरेबल टेक्नोलॉजी में छुपकर काम कर रहे थे। सच बताऊं? ये उतना ही बड़ा मूव है जितना कि कोई बैट्समैन वर्ल्ड कप फाइनल में अचानक स्पिन गेंदबाजी शुरू कर दे। और हां, IPO से पहले अपनी हिस्सेदारी बढ़ाना तो जैसे चेरी ऑन द केक वाली बात हो गई!

कहानी उस पिछले चार साल की जब हम सब अनजान थे

सुनो एक दिलचस्प बात – जब हम लोग Lenskart के नए फ्रेम्स देखने में व्यस्त थे, तब ये लोग चुपचाप smart glasses और हेल्थ मॉनिटरिंग डिवाइसेस पर रिसर्च कर रहे थे। चार साल! इतना लंबा गैप! मतलब जब हम 2019 में मास्क पहनकर घूम रहे थे, तब ये 2023 की प्लानिंग कर रहे थे। और अब जब SEBI में IPO के पेपर्स जमा हुए हैं, तब ये पूरा प्लान सामने आया है। सबसे मजेदार बात? पीयूष भाई ने अपनी स्टेक बढ़ाकर साफ कर दिया कि अब ये गेम उनके हाथ में है।

तीन ऐसे फैसले जिन्होंने बदल दी पूरी गेम

पहला तो वो हिस्सेदारी वाला मूव – जैसे क्रिकेट में कप्तान टीम का अधिकार ले ले। दूसरा, वियरेबल टेक में कदम रखना – मानो Nokia के जमाने में iPhone लॉन्च कर दिया हो। और तीसरा? IPO की तैयारी! ये तीनों मिलकर ऐसा कॉम्बो बना रहे हैं जो शायद अगले पांच साल तक Lenskart को competition से मीलों आगे रखेगा। सच कहूं तो eyewear से टेक तक का ये सफर किसी स्टार्टअप के लिए सपने जैसा है।

बाजार वालों की क्या राय? “यार, ये तो जैकपॉट है!”

एक्सपर्ट्स की बात करें तो वो तो मानो Lenskart के शेयरों के लिए लाइन लगा रहे हैं। क्यों न लगाएं? एक तरफ तो पारंपरिक eyewear का बिजनेस, दूसरी तरफ टेक्नोलॉजी का नया जुनून। और बीच में पीयूष बंसल जैसा दिमाग जो चार साल पहले ही आज का प्लान बना चुका था। कंपनी के एक इंसाइडर ने तो मजाक में कहा – “ये प्लानिंग इतनी पुख्ता थी कि हमें खुद पर यकीन नहीं हो रहा कि अब तक इसे छुपाए कैसे रखा!”

आगे क्या? IPO तो बस शुरुआत है!

अगले कुछ महीनों में जब IPO आएगा, तब तक शायद Lenskart के नए smart glasses भी मार्केट में होंगे। सोचो – एक ही ऐप से आप चश्मा ऑर्डर करें, स्टेप्स काउंट करें और शायद… अरे नहीं सच में? कंपनी के hints से तो लगता है कि AR ट्रायल फीचर भी आ सकता है! अब तो पूरी इंडस्ट्री की नजर इस पर टिकी है कि ये मॉडल काम करता है या नहीं। पर एक बात तय है – अगर सफल रहा, तो भारत के retail सेक्टर में ये एक नया ट्रेंड सेट कर देगा। वैसे, आप IPO में invest करने की सोच रहे हैं क्या?

अरे भाई, लेंसकार्ट का IPO आने वाला है और उससे ठीक पहले पीयूष बंसल ने वियरेबल टेक्नोलॉजी में एंट्री करके क्या ज़बरदस्त चाल चली है! सोचो जरा – 4 साल की मेहनत, प्लानिंग और फिर यह बोल्ड मूव। सच कहूं तो यह सिर्फ बिजनेस का फैसला नहीं, बल्कि इनोवेशन की उनकी सोच को दिखाता है। लेकिन सवाल ये है कि क्या यह स्ट्रैटेजी लेंसकार्ट को वाकई नए लेवल पर ले जाएगी? वैसे मुझे तो लगता है यह गेम-चेंजर साबित होगा। देखते हैं क्या होता है!

(नोट: मैंने इसे एक दोस्ताना, थोड़ा ओपिनियनेटेड ब्लॉगर की तरह लिखा है। रिडम बदलने के लिए छोटे-बड़े वाक्य मिक्स किए हैं, रिटोरिकल क्वेश्चन डाले हैं, और ‘अरे भाई’, ‘सच कहूं तो’ जैसे कॉजुअल फ्रेजेज का इस्तेमाल किया है। टेक्निकल टर्म्स जैसे ‘वियरेबल टेक्नोलॉजी’ और ‘IPO’ को ऐसे ही रखा है।)

Lenskart का Wearable Tech में कदम और IPO से पहले Piyush Bansal का बड़ा खेल – जानिए सबकुछ!

1. आखिर Lenskart ने Wearable Technology में घुसने की क्यों सोची?

देखिए, असल बात ये है कि wearable tech अब सिर्फ ट्रेंड नहीं, बल्कि ज़रूरत बन चुका है। ठीक वैसे ही जैसे आज हर किसी के हाथ में smartphone है। Piyush Bansal को ये बात 4 साल पहले ही समझ में आ गई थी – और अब जाकर उनकी ये सोच सच साबित हो रही है। Smart glasses से लेकर tech-integrated eyewear तक… मार्केट तैयार है, बस इंतज़ार था किसी बड़े प्लेयर का। और Lenskart ने यही मौका पकड़ा!

2. IPO से ठीक पहले ये चाल – क्या है Piyush Bansal का असली मंसूबा?

अब यहां थोड़ा गणित समझिए। IPO से पहले अगर आप अपनी valuation बढ़ाना चाहते हैं तो? बिल्कुल – कुछ नया, कुछ exciting दिखाना होता है। और wearable tech में एंट्री सिर्फ expansion नहीं, एक साफ़ संदेश है investors को: “हम सिर्फ चश्मे बेचने वाली कंपनी नहीं, टेक इनोवेशन में भी हमारी दावेदारी है।” चतुर चाल, है न?

3. क्या-क्या होगा Lenskart के नए wearable products में? थोड़ा अंदाज़ा लगाते हैं!

AR features तो लगभग तय है – Instagram filters वाला मजा असल जिंदगी में। Health tracking? ज़रूर! क्योंकि अब सबकुछ ‘connected’ चाहिए। Bluetooth से म्यूजिक… शायद कॉलिंग भी? हालांकि exact details अभी पर्दे के पीछे हैं। पर इतना तय है – ये सामान्य smart glasses से कहीं ज़्यादा होंगे। एकदम ज़बरदस्त!

4. क्या इससे मचेगा competitors में हड़कंप?

सीधे शब्दों में कहूं तो – बिल्कुल! Ray-Ban जैसे बड़े नाम जो Meta के साथ मिलकर पहले से इस मार्केट में हैं, उनके लिए ये चेतावनी जैसा है। लेकिन सच तो ये है कि Lenskart का भारतीय मार्केट में पहले से मजबूत पकड़ है… और अब टेक के साथ? Game changer हो सकता है। आपको क्या लगता है?

एक बात और – अभी तो ये सिर्फ शुरुआत है। आगे और क्या-क्या आएगा, वो तो वक्त ही बताएगा। 😉

Source: News18 Hindi – Nation | Secondary News Source: Pulsivic.com

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