“ब्राजीलिया में PM मोदी का भव्य स्वागत, दिल्ली में पुरानी कारों पर बड़ा ऐलान – जानें पूरी खबर!”

ब्राजीलिया में मोदी जी का ज़बरदस्त स्वागत, और दिल्ली में पुरानी गाड़ियों पर बड़ा फैसला – क्या है पूरा मामला?

आज का दिन दिलचस्प खबरों से भरा है। एक तरफ तो मोदी जी ब्राजील में ऐसे जमके स्वागत किए गए जैसे कोई बॉलीवुड स्टार हो, वहीं दिल्ली वालों के लिए दो बड़ी खबरें – महिलाओं के लिए Smart Card और पुरानी गाड़ियों पर रोक। दोनों ही मामले काफी चर्चा में हैं, पर क्यों? आइए समझते हैं।

ब्राजील में क्यों है इतना जोश?

मोदी जी का ये दौरा कोई आम विजिट नहीं है। पहली बार प्रधानमंत्री के तौर पर ब्राजील जा रहे हैं, और मिशन साफ है – दोस्ती को और गहरा करना। Business, technology से लेकर पर्यावरण तक, हर मुद्दे पर बातचीत होगी। ब्राजील के President ने तो भारतीय अंदाज़ में ही स्वागत किया – नाच-गाना, फूलों की मालाएं… बिल्कुल फिल्मी स्टाइल में!

विदेश मंत्रालय तो खुशी से झूम रहा है, लेकिन विपक्ष वालों को लगता है ये सब घरेलू मुद्दों से ध्यान भटकाने की चाल है। सच क्या है? शायद वक्त ही बताएगा।

दिल्ली की दोहरी चाल: औरतों के लिए खुशखबरी, गाड़ी वालों के लिए टेंशन

जब मोदी जी विदेश में तिरंगा लहरा रहे हैं, दिल्ली सरकार ने दो ऐसे फैसले किए जो सीधे आम आदमी को प्रभावित करेंगे।

पहला – ‘सहेली Smart Card’। अब महिलाएं बस-मेट्रो में सस्ते में सफर कर पाएंगी। CM रेखा गुप्ता का कहना है ये महिला सुरक्षा की दिशा में बड़ा कदम है। लेकिन सियासत की गंध तो आ ही रही है – कुछ लोगों को लग रहा है ये सिर्फ वोट बैंक के लिए है।

दूसरा और बड़ा मुद्दा – प्रदूषण। अब 10 साल पुरानी Diesel और 15 साल पुरानी Petrol गाड़ियों पर रोक लग सकती है। पर्यावरण वालों को ये फैसला बहुत पसंद आया है, लेकिन auto वालों और आम जनता का कहना है – “हमारी जेब पर इसका बोझ पड़ेगा।” सच तो ये है कि दिल्ली की हवा सुधारनी ही होगी, पर तरीका सबको सूट करे ये जरूरी है।

अब आगे क्या? दोनों मोर्चों पर एक्शन जारी

अगले कुछ दिनों में मोदी जी ब्राजील में कई deals पर साइन करेंगे और वहां के भारतीयों से मिलेंगे। वहीं दिल्ली में Smart Card योजना अगले महीने शुरू होगी। पुरानी गाड़ियों वाले मामले में सरकार ने जनता की राय मांगी है – थोड़ा तो लोकतंत्र दिखा दिया न!

एक बात साफ है – चाहे विदेश हो या घर, भारत हर मोर्चे पर एक्टिव है। अब देखना ये है कि ये सभी फैसले आम आदमी के लिए कितने फायदेमंद साबित होंगे। क्योंकि अंत में तो यही मायने रखता है – है न?

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Source: News18 Hindi – Nation | Secondary News Source: Pulsivic.com

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