“किसानों की रक्षा के लिए PM मोदी का ऐलान: अमेरिकी टैरिफ वॉर को चुनौती, कोई भी कीमत चुकाने को तैयार!”

“PM मोदी ने किसानों के लिए क्या कहा? अमेरिकी टैरिफ पर भारत की जवाबी कार्रवाई!”

आज प्रधानमंत्री मोदी ने जो कहा, वो सुनकर लगा जैसे पूरे कृषि क्षेत्र को एक मजबूत पीठ थपथपाई गई हो। सीधे शब्दों में कहें तो – “अमेरिका, हम तुम्हारे टैरिफ से डरने वाले नहीं!” ऐसा लग रहा है जैसे सरकार ने आखिरकार किसानों, मछुआरों और डेयरी वालों की तरफ से खड़े होने का फैसला किया है। पर सवाल ये है कि क्या ये सिर्फ बयानबाजी है या असली कार्रवाई होगी?

पूरा मामला कुछ यूं है – अमेरिका ने हमारे मछली और दूध उत्पादों पर अतिरिक्त टैक्स लगा दिया है। अब ये तो वही बात हुई न कि कोई आपके घर का खाना खाए और फिर उस पर टैक्स लगा दे! हालांकि, सरकार पहले से ही MSP को लेकर कुछ अच्छे कदम उठा रही थी, लेकिन ये नया टैरिफ तो जैसे पूरे खेल को ही बदल देगा।

PM मोदी ने तो साफ कह दिया – “चाहे जितना नुकसान हो, किसानों के हित बचाने हैं।” वाह! बात तो बहुत अच्छी लगती है। पर हम भारतीय जानते हैं न – बातें और वादे तो हमें रोज सुनने को मिलते हैं। असली सवाल ये है कि अब क्या होगा? शायद सरकार अमेरिका को जवाब देने के लिए कुछ अपने टैरिफ लगाएगी… या फिर यूरोप और रूस जैसे देशों से नए सौदे करेगी।

रिएक्शन्स की बात करें तो – राकेश टिकैत जैसे किसान नेता तो खुश हैं, लेकिन उनका कहना है कि “अब जमीन पर काम दिखाओ”। वहीं विपक्ष वालों को तो हर चीज में राजनीति दिखती है – राहुल गांधी ने इसे सिर्फ ‘चुनावी जुमला’ बताया है। और अर्थशास्त्रियों की चिंता अलग – डॉ. सुब्रमण्यम जैसे लोग कह रहे हैं कि “लंबे समय में ये हमारे लिए मुसीबत खड़ी कर सकता है”

अब आगे क्या? देखिए, दो संभावनाएं हैं – या तो दोनों देश बैठकर कोई समझौता कर लेंगे (जो थोड़ा मुश्किल लग रहा है), या फिर ये टैरिफ वॉर और बढ़ेगी। अगर ऐसा हुआ तो हमें यूरोप और दूसरे बाजारों पर ज्यादा फोकस करना पड़ेगा। सरकार शायद किसानों को तुरंत राहत देने के लिए कुछ नई स्कीम भी ला सकती है।

अंत में बस इतना – ये सिर्फ टैरिफ का मामला नहीं है, बल्कि हमारे करोड़ों किसानों की रोटी का सवाल है। सरकार को एक तरफ तो किसानों को संभालना है, वहीं दूसरी तरफ वैश्विक व्यापार में भी अपनी जगह बनाए रखनी है। अब देखते हैं कि ये चेस का खेल किस तरह आगे बढ़ता है। एक बात तो तय है – अगले कुछ महीने बहुत दिलचस्प होने वाले हैं!

यह भी पढ़ें:

किसानों की रक्षा और अमेरिकी टैरिफ वॉर – सच्चाई क्या है?

1. PM मोदी का ऐलान: किसानों के लिए गेम-चेंजर या सिर्फ राजनीति?

देखिए, PM मोदी ने जो ऐलान किया है, वो सुनने में तो बहुत अच्छा लगता है – “अमेरिकी टैरिफ वॉर को चुनौती देंगे, किसानों की रक्षा के लिए कोई भी कीमत चुकाने को तैयार हैं।” लेकिन असल सवाल यह है कि ये सिर्फ बयानबाजी है या फिर कुछ ठोस होगा? एक तरफ तो यह कदम किसानों को अंतरराष्ट्रीय मार्केट के झटकों से बचाने के लिए है, पर क्या हमारी सरकार वाकई इसके लिए तैयार है? ईमानदारी से कहूं तो, अभी तो सिर्फ वादे ही वादे हैं।

2. अमेरिकी टैरिफ वॉर: किसानों की जेब पर क्या बजेगा?

अब बात करते हैं असर की। सीधा सा सच – अमेरिकी टैरिफ वॉर से हमारे किसानों के exports पर गाज गिर सकती है। मतलब साफ है, कमाई पर चोट। पर यहां सरकार कह रही है कि वो किसानों का साथ देगी। सवाल यह है कि कैसे? क्योंकि अभी तक तो ज्यादातर योजनाएं कागजों तक ही सीमित रही हैं। हालांकि, अगर सरकार वाकई में MSP को मजबूत करे और मार्केट एक्सेस बेहतर करे, तो शायद कुछ बदलाव नजर आए।

3. सरकारी योजनाएं: दावा या हकीकत?

सरकार की तरफ से financial support, बेहतर मार्केट एक्सेस और नई policies का ढोल पीटा जा रहा है। लेकिन गांव-गांव जाकर देखिए, तो हकीकत कुछ और ही नजर आएगी। हां, अगर सब्सिडी और MSP पर सच में काम हो, तो बात बन सकती है। पर याद रखिए, ये सब करने के लिए सरकार के पास पैसा होना चाहिए। और वो पैसा आएगा कहां से? टैक्स से? या फिर कर्ज लेकर? ये सवाल भी तो जरूरी हैं ना!

4. भारत-अमेरिका रिश्ते: क्या टूटेगा या जुड़ेगा?

अब सबसे मजेदार सवाल – क्या यह ऐलान हमारे अमेरिका के साथ trade relations को खराब कर देगा? सच कहूं तो, थोड़ा तनाव तो आएगा ही। लेकिन यहां सरकार का पहला ध्यान किसानों पर है, यह अच्छी बात है। पर एक सच यह भी है कि अमेरिका के बिना हमारा export कितना चलेगा? बातचीत जारी है, समाधान निकलेगा या नहीं – यह तो वक्त ही बताएगा। एकदम सिनेमा वाली सस्पेंस है, है ना?

Source: Aaj Tak – Home | Secondary News Source: Pulsivic.com

More From Author

“PM मोदी का ऐलान: किसानों के हितों से कोई समझौता नहीं, हर कीमत चुकाने को तैयार!”

“US की धमकियों से नहीं डरा भारत! मोदी सरकार ने टैरिफ पर दिया जबरदस्त जवाब”

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recent Comments