PM मोदी ने कांग्रेस को सुनाई खरी-खरी: ‘हाजीपीर सरेंडर’ पर बरसे आग!
आज प्रधानमंत्री मोदी ने एक चुनावी रैली में क्या बोला, सुनकर तो लगा जैसे राजनीतिक मैदान में तूफान आ गया हो! उन्होंने कांग्रेस पर ऐसा हमला बोला कि सुनने वालों के कान खड़े हो गए। बात चली तो 1965 के युद्ध की, लेकिन असल मुद्दा था हाजीपीर दर्रे का – जिसे कांग्रेस सरकार ने पाकिस्तान के हवाले कर दिया था। मोदी जी का कहना था, “ये सिर्फ एक दर्रा नहीं, बल्कि देश की सुरक्षा से खिलवाड़ था!” सच कहूं तो, ये बयान आग लगाने वाला था।
हाजीपीर दर्रा: जिसे भूल गया था भारत, लेकिन भूगोल नहीं भूलता!
अब थोड़ा पीछे चलते हैं। हाजीपीर दर्रा… नाम तो सुना होगा? जम्मू-कश्मीर और PoK को जोड़ने वाला ये रास्ता कभी हमारे लिए जीवनरेखा था। 1947 से पहले की बात करें तो, यही वो रास्ता था जो जम्मू को कश्मीर से जोड़ता था। लेकिन 1948 में पाकिस्तान ने धोखे से इस पर कब्जा कर लिया। फिर 1965 की जंग हुई, जहां हमारे जवानों ने खून पसीना एक करके इसे वापस लिया… और फिर? ताशकंद समझौते में हमने इसे वापस दे दिया! है ना हैरानी वाली बात?
मोदी का निशाना: कांग्रेस की ‘सरेंडर पॉलिसी’ पर सीधा वार
रैली में मोदी जी ने सीधे शास्त्री जी के फैसले पर सवाल उठाया। उनका कहना था, “जीत को हार में बदलने का काम किसने किया?” और सच्चाई यही है ना? एक तरफ तो हमारे सैनिकों ने दर्रा वापस लिया, दूसरी तरफ सरकार ने मेज पर ही सब खो दिया। अब भाजपा इस मुद्दे को ऐसे उठा रही है जैसे कोई पुराना घाव खुरच रही हो। पर सवाल तो वाजिब है – क्या सच में ये कांग्रेस की कमजोरी थी?
राजनीतिक हलचल: कौन सही, कौन गलत?
कांग्रेस की प्रतिक्रिया? जैसी उम्मीद थी वैसी ही – “ये गलत जानकारी फैलाना है!” उनका कहना है कि ताशकंद समझौता अंतरराष्ट्रीय दबाव में हुआ था। पर यहां दिलचस्प बात ये है कि एक्सपर्ट्स भी दो गुटों में बंटे हुए हैं। कुछ कहते हैं हाजीपीर हमारे लिए स्ट्रेटेजिकली बेहद अहम था, तो कुछ का मानना है कि उस वक्त के हालात अलग थे। सच क्या है? शायद इतिहास ही बता पाएगा।
आगे क्या? एक नया राजनीतिक भूकंप आने वाला है?
अब सवाल ये उठता है कि आगे क्या होगा? क्या ये मुद्दा चुनावी बहसों में गर्म रहेगा? कुछ विश्लेषक तो यहां तक कह रहे हैं कि अगर भविष्य में PoK पर हमारा दावा मजबूत हुआ, तो हाजीपीर फिर से हेडलाइंस में आ सकता है। सरकार कुछ नया करेगी या नहीं – ये तो वक्त बताएगा। पर एक बात तो तय है – मोदी जी के इस भाषण ने एक बार फिर इस ऐतिहासिक मुद्दे को जिंदा कर दिया है। और अब तो ये सिर्फ इतिहास की किताबों तक सीमित नहीं रहने वाला!
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1. PM मोदी ने कांग्रेस को लेकर क्या बड़ा आरोप मारा?
देखिए, मोदी जी ने तो कांग्रेस पर सीधा निशाना साधा है। उनका कहना है कि ये लोग देश की सुरक्षा से खिलवाड़ कर रहे हैं। हाजीपीर जैसी जगह surrender करने की बात? सच में? ईमानदारी से कहूं तो, ये आरोप कोई मामूली नहीं है। मोदी जी ने इसे ‘weak leadership’ का सबूत बताया है। लेकिन सवाल यह है कि क्या सच में ऐसा है?
2. हाजीपीर दर्रा – ये है कहाँ और इतना खास क्यों?
असल में बात ये है कि हाजीपीर दर्रा Jammu-Kashmir में LOC के बिल्कुल पास है। एक तरफ तो ये भारत को POK से जोड़ता है, दूसरी तरफ इसका military importance समझ लीजिए। जैसे आपके घर का मेन गेट होता है न? वैसे ही ये border security के लिए अहम है। Control खो दिया तो… समझ गए न?
3. कांग्रेस ने इस पर क्या रिएक्ट किया?
अरे भई, कांग्रेस तो बिल्कुल पलटवार कर रही है! उनका कहना है ये सब ‘fake narrative’ है। उनके मुताबिक, देश की सुरक्षा से समझौता? बिल्कुल नहीं! और तो और, वो ये भी कह रहे हैं कि मोदी जी तो बस election के लिए नए-नए issues ढूंढ रहे हैं। सच क्या है? ये तो वक्त ही बताएगा।
4. चुनाव पर इसका क्या असर होगा?
देखा जाए तो experts की राय है कि ये मुद्दा Jammu-Kashmir और आसपास के states में ज़ोर पकड़ सकता है। Border security, nationalism… ये सब election के time पर तो बहस तय है। दोनों पार्टियां अपने-अपने voters को target कर रही हैं। पर असल सवाल ये है – जनता इस पर कितना भरोसा करेगी?
एकदम मस्त बहस चल रही है। क्या आपको नहीं लगता?
Source: News18 Hindi – Nation | Secondary News Source: Pulsivic.com