“प्रियंका गांधी का जवाब: हमले का रहस्य, मां के आंसू और सियासी सवाल!”

प्रियंका गांधी का जवाब: हमले का रहस्य, मां के आंसू और सियासी सवाल!

अरे भई, लोकसभा में तो कश्मीर मुद्दे ने फिर से हंगामा खड़ा कर दिया! कांग्रेस की प्रियंका गांधी वाड्रा ने सरकार पर ऐसा निशाना साधा कि बात बन गई। पहलगाम में हुए उस भीषण आतंकी हमले पर उनके सवालों ने सियासी गलियारों को हिला दिया। सीधा-सादा सवाल पूछा – “अगर कश्मीर में सब कुछ नॉर्मल है, तो ये 26 बेगुनाह लोग कैसे मारे गए?” सच कहूं तो ये सवाल सिर्फ सरकार की सुरक्षा नीतियों पर ही नहीं, उन हर परिवार के दर्द पर चोट करता है जिन्होंने अपनों को खोया।

ऑपरेशन सिंदूर: एक खूनी त्रासदी

देखिए न, इस पूरे मामले को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का नाम दे दिया गया है। मजे की बात ये है कि जिस वक्त ये हमला हुआ, केंद्र सरकार लगातार ये दावा कर रही थी कि कश्मीर पूरी तरह शांत हो चुका है। लेकिन असलियत? वो तो अब सबके सामने है। विपक्ष का कहना है कि ये सब दिखावा है, और जमीनी हालात बिल्कुल अलग कहानी बयां कर रहे हैं। सुरक्षा में ये चूक न सिर्फ जानें ले गई, बल्कि सरकार की विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़े कर गई। सच में, बड़ा दुखद मामला है।

संसद में गूंजे प्रियंका के सवाल

प्रियंका गांधी ने संसद में जो सवाल उठाए, वो सीधे दिल पर चोट करने वाले थे। उनका पहला सवाल तो बस – “अगर कश्मीर सुरक्षित है, तो ये मौतें कैसे?” और दूसरा सवाल जो शायद हर किसी के मन में है – “सुरक्षा बलों को इस हमले की भनक तक क्यों नहीं लगी?” लेकिन सबसे मार्मिक तो वो पल था जब उन्होंने एक मां के आंसुओं को शब्द दिए – “वो पूछ रही है कि उसके बेटे की सुरक्षा की जिम्मेदारी किसकी है?” ये सवाल सुनकर तो दिल ही दहल जाता है।

राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर

अब जैसा कि होता आया है, राजनीतिक प्रतिक्रियाएं तुरंत आनी शुरू हो गईं। राहुल गांधी ने प्रियंका का पूरा समर्थन किया और सरकार पर जनता को बेवकूफ बनाने का आरोप लगा दिया। वहीं भाजपा वाले? उनका कहना है कि सब कंट्रोल में है और आतंकियों को सबक सिखाया जाएगा। पर सच पूछो तो, इन सब बयानबाजी से उन परिवारों का दर्द कम नहीं होने वाला जिन्होंने अपनों को खोया। उनकी मांग साफ है – मुआवजा और सख्त कार्रवाई।

भविष्य की राजनीतिक दिशा

अब सवाल ये उठता है कि आगे क्या? राजनीतिक एक्सपर्ट्स की राय बंटी हुई है। शीतकालीन सत्र में ये मुद्दा जोरदार बहस छेड़ सकता है। एक तरफ सरकार पर सुरक्षा को लेकर दबाव बढ़ रहा है, तो दूसरी तरफ कश्मीर की जनता का भरोसा डगमगा रहा है। और हां, ये सब आने वाले चुनावों में कैसे असर डालेगा, ये तो वक्त ही बताएगा।

अंत में बस इतना कहूंगा – प्रियंका के इन सवालों ने सरकार को मुश्किल में डाल दिया है। अब देखना ये है कि सरकार क्या जवाब देती है और कश्मीर में सुरक्षा के लिए क्या ठोस कदम उठाती है। क्योंकि ये मामला सिर्फ राजनीति नहीं, देश की सुरक्षा व्यवस्था पर सीधा सवाल है। और ये सवाल… ये सवाल तो हर भारतीय के मन में है।

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Source: News18 Hindi – Nation | Secondary News Source: Pulsivic.com

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