“संपत्ति में निवेश करें और सोना उगाएं! नई रिपोर्ट में मिला सुनहरा मौका”

संपत्ति में निवेश: क्या यह वाकई सोना उगाने जैसा है?

अरे भाई, अगर आप भी उन लोगों में से हैं जो अपनी मेहनत की कमाई को प्रॉपर्टी में लगाने का सोच रहे हैं, तो ये खबर आपके लिए है। Knight Frank और NAREDCO की हालिया रिपोर्ट तो यही कह रही है कि अभी का समय रियल एस्टेट में पैसा लगाने के लिए बिल्कुल परफेक्ट है। पर सच्चाई क्या है? क्या वाकई यह सुनहरा मौका है या फिर एक और ‘बुलबुला’? चलिए, बात करते हैं बिना किसी शुगरकोटिंग के।

अभी निवेश करें या नहीं? ये है असली सवाल!

देखिए, रियल एस्टेट में पैसा डालने से पहले बाजार की धड़कन समझना जरूरी है। मेट्रो शहरों से लेकर टियर-2 सिटीज तक, प्रॉपर्टी की डिमांड आसमान छू रही है। क्यों? तीन बड़े कारण:

1. ब्याज दरें गिरी हैं – होम लोन EMI पहले से सस्ती हुई है
2. सरकारी योजनाएं (Pradhan Mantri Awas Yojana जैसी) – टैक्स बचत का फायदा
3. महंगाई के सामने संपत्ति का मूल्य बढ़ता रहता है

मजे की बात ये कि मेरे एक दोस्त ने 2019 में फ्लैट खरीदा था – आज उसकी कीमत डबल हो चुकी है! लेकिन हर किसी की कहानी ऐसी नहीं होती, है न?

फायदे तो हैं… पर कितने सच्चे?

असल में बात ये है कि प्रॉपर्टी निवेश के फायदे वाकई जबरदस्त हैं। पहला तो ये कि जमीन-जायदाद का दाम कभी कम नहीं होता (अगर लोकेशन अच्छी हो तो)। दूसरा, किराए से नियमित आमदनी। और हां, टैक्स बेनिफिट्स तो हैं ही – होम लोन के ब्याज पर छूट से लेकर कैपिटल गेन टैक्स तक में राहत।

एक बात और – FD या सोना तो महंगाई के आगे फीके पड़ जाते हैं, लेकिन प्रॉपर्टी? वो तो महंगाई के साथ-साथ खुद भी महंगी होती जाती है। कमाल की बात है न?

पर इतने मीठे में कुछ कड़वा भी तो होगा!

अब सच्चाई की बात – रियल एस्टेट में पैसा बंद हो जाता है। अगर आपको अचानक फंड्स की जरूरत पड़ गई तो? प्रॉपर्टी बेचने में महीने नहीं, साल लग सकते हैं। और भूलिए मत – प्रॉपर्टी टैक्स, मेंटेनेंस, बीमा जैसे छुपे हुए खर्चे तो हैं ही।

मेरे चाचा जी की कहानी सुनिए – उन्होंने एक फ्लैट खरीदा था जो पांच साल से खाली पड़ा है। किराएदार नहीं मिल रहा, और बेचने पर लॉस हो रहा है। तो हां, हर चमकती चीज़ सोना नहीं होती!

तो क्या करें? इन बातों का रखें ख्याल

अगर आप फिर भी निवेश करना चाहते हैं (जो कि अच्छी बात है), तो ये टिप्स जरूर याद रखें:

– लोकेशन, लोकेशन, लोकेशन! इंफ्रास्ट्रक्चर प्लान्स चेक करें
– बजट से 20% कम पर ही विचार करें – अनएक्सपेक्टेड खर्चे आते ही हैं
– कानूनी जांच जरूरी है! बिल्डर का ट्रैक रिकॉर्ड देखें
– होम लोन की बारीकियां समझें – प्री-EMI, फ्लोटिंग रेट्स वगैरह

आखिरी बात: क्या यह आपके लिए है?

ईमानदारी से कहूं तो, अगर आपके पास पैसा बंद रखने की क्षमता है और लॉन्ग-टर्म सोच रखते हैं, तो हां – यह बेहतरीन समय है। वरना? शायद म्यूचुअल फंड या स्टॉक्स बेहतर विकल्प हों।

एक बात याद रखिए – कोई भी निवेश ‘वन साइज फिट्स ऑल’ नहीं होता। अपनी जरूरतों को समझें, एक्सपर्ट्स से बात करें, और फिर कोई फैसला लें। वैसे भी, जल्दबाजी में लिया गया निर्णय अक्सर पछतावे का कारण बनता है। सही कहा न?

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Source: News18 Hindi – Nation | Secondary News Source: Pulsivic.com

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