पुनौराधाम जानकी मंदिर: नीतीश का ‘विकास’ और BJP का ‘हिंदुत्व’ – क्या ये दोनों साथ चल पाएंगे?
सुनकर थोड़ा अजीब लगता है न? बिहार सरकार ने अचानक ही सीतामढ़ी के पुनौराधाम में जानकी मंदिर के लिए 882 करोड़ से ज़्यादा की रकम मंजूर कर दी। और हैरानी की बात ये कि ये फैसला 2025 के विधानसभा चुनावों से ठीक पहले आया है। क्या ये सिर्फ एक संयोग है? शायद नहीं। अयोध्या के बाद अब पुनौराधाम – BJP की हिंदुत्व रणनीति का अगला पड़ाव लगता है।
असल में, पुनौराधाम का महत्व तो हम सब जानते हैं – माता सीता की जन्मस्थली। लेकिन सवाल ये है कि क्या सिर्फ मंदिर बनाने से क्षेत्र का विकास हो जाएगा? नीतीश कुमार लंबे समय से ‘विकास पुरुष’ की छवि बनाए हुए हैं, वहीं BJP का फोकस हिंदुत्व पर है। दोनों के बीच ये तालमेल कैसे काम करेगा, ये देखने वाली बात होगी।
मजे की बात ये है कि सरकार ने इसे सिर्फ मंदिर प्रोजेक्ट नहीं बल्कि ‘पुनौराधाम विकास परियोजना’ का नाम दिया है। रोड्स, धर्मशालाएं, पर्यटन सुविधाएं – सब कुछ शामिल है। BJP तो मानो जैसे खुशी से उछल पड़ी हो। वहीं विपक्ष वालों का कहना है – “अरे भई, पहले अस्पताल और स्कूलों पर ध्यान दो!” स्थानीय लोग? उनकी प्रतिक्रिया दिलचस्प है – कुछ खुश, कुछ शंकित। क्या पता ये भी वोट बैंक के चक्कर में एक और वादा ही साबित हो जाए।
अब सवाल ये उठता है कि आखिर इस सब में किसका फायदा? राजनीतिक तौर पर देखें तो:
- BJP को मिलेगा हिंदू वोट बैंक का समर्थन
- नीतीश बना पाएंगे ‘धर्म और विकास’ का नया नैरेटिव
- स्थानीय लोगों को? शायद कुछ रोजगार के अवसर
लेकिन क्या ये सच में विकास है या सिर्फ राजनीति? ईमानदारी से कहूं तो, जवाब शायद दोनों ही है।
अंत में एक बात तो तय है – 2025 के चुनाव में ये मुद्दा ज़ोरदार तरीके से उछलेगा। क्या नीतीश का विकास मॉडल और BJP का हिंदुत्व एजेंडा साथ-साथ चल पाएगा? या फिर ये गठबंधन भी उनकी तरह ही होगा जैसे दूध में मक्खन – ऊपर से तो एक साथ, अंदर से अलग-अलग? वक्त ही बताएगा।
फिलहाल तो बस इतना कह सकते हैं – बिहार की राजनीति में एक नया अध्याय जुड़ गया है। और हां, अगर आप सीतामढ़ी जाने का प्लान बना रहे हैं, तो अगले कुछ सालों में वहां काफी कुछ बदलता हुआ दिखेगा। बस ये मत पूछना कि ये बदलाव किसके लिए है!
यह भी पढ़ें:
Source: News18 Hindi – Nation | Secondary News Source: Pulsivic.com