“मालेगांव ब्लास्ट केस में साध्वी प्रज्ञा का बड़ा खुलासा: मोदी-योगी के खिलाफ साजिश का दावा!”

मालेगांव ब्लास्ट केस: साध्वी प्रज्ञा का बड़ा दावा…या फिर सियासी तूफान?

अरे भई, साध्वी प्रज्ञा वाला केस तो वाकई रोचक होता जा रहा है! जिसे हमने एक साधारण आतंकी मामला समझा था, वो अब क्या बन गया है? एक पूरा राजनीतिक थ्रिलर! साध्वी जी, जो खुद इस केस में आरोपी रह चुकी हैं, अब कह रही हैं कि ये पूरा मामला मोदी-योगी को फंसाने की साजिश थी। सच कहूं तो, ये दावा सुनकर पहले तो मुझे भी यकीन नहीं हुआ। लेकिन जब उन्होंने कुछ दस्तावेजों और ऑडियो क्लिप्स का हवाला दिया, तो सोचने पर मजबूर हो गया कि ‘कहीं सच में कुछ तो है?’ और सोशल मीडिया पर तो #MalegaonBlastConspiracy ट्रेंड कर ही रहा है। 2024 के चुनावों को देखते हुए, ये मामला और भी दिलचस्प हो गया है।

वो काला दिन: जब मालेगांव हिल गया था

याद है आपको 2008 का वो दिन? 29 सितंबर…मालेगांव में वो विस्फोट जिसने न जाने कितने परिवारों को तबाह कर दिया। 6 लोगों की जान चली गई, 100 से ज्यादा घायल। एकदम दर्दनाक। लेकिन असली मजा तो तब शुरू हुआ जब इस मामले में हिंदू संगठनों से जुड़े लोगों को आरोपी बनाया गया। साध्वी प्रज्ञा भी उनमें से एक थीं। हालांकि 2017 में उन्हें बरी कर दिया गया, पर ये केस अब तक राजनीति की गर्मागर्म बहसों में जिंदा है। सच कहूं तो, ये मामला कभी खत्म हुआ ही नहीं।

“ये सब मोदी-योगी को फंसाने की साजिश थी”

अब साध्वी प्रज्ञा ने तो बम फोड़ दिया है! उनका कहना है कि ये पूरा केस ही मोदी और योगी जी को निशाना बनाने के लिए बनाया गया था। सुनकर हैरानी होती है न? पर सोचिए, अगर ये सच है तो…? उन्होंने कुछ ऑडियो क्लिप्स और दस्तावेज भी दिखाए हैं। हालांकि, सवाल ये उठता है कि अब तक ये सबूत कहां थे? कुछ लोग इसे सच मान रहे हैं, तो कुछ का कहना है कि ये सिर्फ चुनावी माहौल बनाने की कोशिश है। Twitter पर तो जैसे युद्ध छिड़ गया है!

राजनीति गर्मा गई!

इस खुलासे ने दिल्ली की सियासत में तूफान ला दिया है। BJP तो इसे ‘बकवास’ बता रही है। वहीं कांग्रेस और दूसरे विपक्षी दल…अरे भई, उन्हें तो मौका मिल गया सरकार पर हमला करने का! उनका कहना है कि अब जांच होनी चाहिए। राजनीतिक एक्सपर्ट्स की मानें तो, ये मामला UP में खासा असर दिखा सकता है। आखिर साध्वी प्रज्ञा का अपना एक वोट बैंक तो है ही। 2024 में ये मुद्दा कितना भुनाया जाएगा, ये तो वक्त ही बताएगा।

अब आगे क्या?

साध्वी प्रज्ञा ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। नई जांच की मांग की है। अब देखना ये है कि कोर्ट इस पर क्या फैसला करता है। कानून के जानकार कह रहे हैं कि अगर नए सबूतों को गंभीरता से लिया गया, तो केस फिर से खुल सकता है। मेरी नजर में तो ये मामला अभी और सुर्खियां बटोरेगा। नए तथ्य आएंगे, नए दावे होंगे…और हमारे पास चाय पीने के लिए नए मुद्दे मिलेंगे!

एक बात तो तय है – मालेगांव केस अब सिर्फ एक आतंकी मामला नहीं रहा। ये पूरी तरह से राजनीतिक हो चुका है। चाहे जो भी सच हो, 2024 के चुनावों में इसका असर जरूर दिखेगा। फिलहाल तो बस इतना ही…अगले एपिसोड का इंतजार कीजिए!

यह भी पढ़ें:

मालेगांव ब्लास्ट केस और साध्वी प्रज्ञा के खुलासे – जानिए पूरा मामला

अरे भाई, ये मालेगांव केस तो एक पहेली बन चुका है न? सालों बाद भी इसके नए-नए मोड़ सामने आ रहे हैं। और अब साध्वी प्रज्ञा ने तो बमबारी कर दी है अपने नए खुलासों से! पर सच क्या है? चलिए समझते हैं…

क्या सच में साध्वी प्रज्ञा का था कोई रोल?

देखिए, एक तरफ तो उन पर आरोप लगे थे – बड़े-बड़े। लेकिन कोर्ट ने क्लीन चिट दे दी। अब वो खुद हमला कर रही हैं। कह रही हैं कि ये सब साजिश थी मोदी-योगी सरकार के खिलाफ। सच क्या है? पता नहीं, लेकिन मामला गरमा गया है फिर से।

“साजिश” का दावा – कितना सच, कितना झूठ?

अब यहां दिलचस्प बात ये है कि प्रज्ञा कह रही हैं कि पूरा केस ही फर्जी था। हिंदू संगठनों को बदनाम करने की साजिश! पर भईया, सवाल तो उठता ही है – अगर ऐसा है तो सबूत कहाँ हैं? ऐसे गंभीर आरोप तो बिना प्रूफ के नहीं चल सकते न?

सबूतों का सवाल – क्या है हाथ में?

सुनिए, प्रज्ञा ने कुछ दस्तावेजों और गवाहों की बात जरूर की है। लेकिन ईमानदारी से कहूं तो अभी तक कोई ऐसा सबूत सामने नहीं आया जो सचमुच पुख्ता हो। Twitter पर तो हंगामा है, लेकिन कोर्ट में? वहां तो अभी तक कुछ खास नहीं दिखा।

आज कहाँ पहुंचा केस?

तो स्थिति ये है कि कुछ लोगों को सजा हुई, कुछ बरी हुए। और अब प्रज्ञा के इन दावों ने नया मोड़ दे दिया है। Media में तो बवाल मचा हुआ है। क्या होगा आगे? शायद नई जांच हो, या फिर ये सब राजनीति का हिस्सा बनकर रह जाए। वक्त ही बताएगा!

एक बात तो तय है – ये मामला चाय की दुकान से लेकर Parliament तक चर्चा में है। आपको क्या लगता है? सच किसके पक्ष में है? कमेंट में बताइएगा जरूर!

Source: NDTV Khabar – Latest | Secondary News Source: Pulsivic.com

More From Author

चंडीगढ़-मनाली NH पर तबाही: NHAI को 200 करोड़ का झटका, जिम्मेदार कौन?

“किराना व्यापारी की बेटी ने रचा इतिहास, टॉपर से बनी IPS अफसर!”

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recent Comments