साइना नेहवाल vs सानिया मिर्जा: पढ़ाई को लेकर क्यों भड़की बहस? असल मुद्दा क्या है?
अरे भाई, क्या बात है! हमारी दो मशहूर खिलाड़ी बेटियाँ फिर से ट्रेंड कर रही हैं – लेकिन इस बार उनके बैडमिंटन रैकेट्स या टेनिस कोर्ट की बजाय… उनकी डिग्रियों को लेकर! हाल ही में साइना नेहवाल के पर्सनल लाइफ के बारे में खबर आई तो सोशल मीडिया पर एक अजीब सी गड़बड़ी देखने को मिली। लोग इन दोनों को मिक्स कर रहे हैं – जैसे कोई साइना को सानिया बुला रहा हो या फिर सानिया के तलाक को साइना से जोड़ रहा हो। है न मजेदार?
नामों का खेल या हमारी याददाश्त का खेल?
देखिए, मजाक की बात ये है कि दोनों के नाम ‘स’ से शुरू होते हैं, दोनों मुस्लिम बैकग्राउंड से हैं, और दोनों ने ही अपने-अपने खेलों में भारत का नाम रोशन किया है। पर यार, एक बैडमिंटन खेलती है तो दूसरी टेनिस – इतना तो समझ लो न! शायद हम भारतीयों को ‘स’ वाले नाम पसंद हैं – सचिन, साइना, सानिया, सुरेश… लिस्ट लंबी है।
पढ़ाई-लिखाई का सवाल: किसका है ज्यादा नंबर?
अब इसी भ्रम के बीच एक नया मसला उठ खड़ा हुआ है – कौन ज्यादा पढ़ी-लिखी है? सच कहूँ तो ये तुलना थोड़ी अजीब लगती है। सानिया ने तो नासर स्कूल और सेंट मैरी कॉलेज से पढ़ाई की, जबकि साइना ने ज्यादातर वक्त कोर्ट पर ही बिताया। पर ये भी सच है कि उन्होंने कोर्ट के साथ-साथ correspondence से ग्रेजुएशन भी पूरी की। मतलब? दोनों ने ही अपने-अपने तरीके से बैलेंस बनाया।
सोशल मीडिया का रिएक्शन: मीम्स से लेकर मुद्दे तक
इस पूरे मामले पर लोगों ने क्या-क्या नहीं किया! कुछ ने तो ऐसे मीम्स बनाए कि हँसते-हँसते पेट दुखने लगा। वहीं कुछ गंभीर लोगों ने सही सवाल उठाया – भई, इनकी पढ़ाई से ज्यादा इनके खेल की बात क्यों नहीं करते? एक ने बैडमिंटन में ओलंपिक मेडल जीता, दूसरी ने टेनिस में देश का झंडा बुलंद किया – ये नहीं देखोगे?
आगे क्या? साइना का करियर और सानिया का लीगेसी
अब सवाल ये है कि साइना के पर्सनल लाइफ के इस दौर का उनके खेल पर क्या असर पड़ेगा? वैसे तो सानिया रिटायरमेंट ले चुकी हैं, लेकिन वो अभी भी स्पोर्ट्स वर्ल्ड में एक्टिव हैं। शायद इस घटना के बाद लोग इन दोनों को अलग-अलग पहचानने लगें। हालाँकि, एक बात तो तय है – जब तक हमारे देश में ‘स’ वाले नाम वाले स्टार्स रहेंगे, तब तक ऐसे कन्फ्यूजन भी चलते रहेंगे!
अंत में बस इतना कहूँगा – चाहे साइना हो या सानिया, दोनों ने अपने खेल से हमें गर्व करने का मौका दिया है। उनकी डिग्रियों से ज्यादा, उनके मेडल्स और ट्रॉफियों की बात करें तो बेहतर होगा। वैसे भी, क्या हम सचिन को उनकी पढ़ाई के लिए याद रखते हैं? बिल्कुल नहीं! तो फिर यहाँ क्यों?
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1. पढ़ाई की बात करें तो दोनों का रास्ता अलग-अलग
देखिए, साइना नेहवाल ने BA की डिग्री लेकर एक formal education पूरी की है। वहीं सानिया मिर्ज़ा की कहानी थोड़ी अलग है – हैदराबाद से schooling तो की, लेकिन graduation छोड़ दिया। क्यों? क्योंकि उनका पूरा ध्यान तो tennis पर था ना! सच कहूं तो, कभी-कभी आपको एक ही चीज़ पर focus करना पड़ता है।
2. पढ़ाई और खेल साथ-साथ? हर किसी के लिए नहीं!
अब यहां दिलचस्प बात ये है कि साइना ने badminton के साथ-साथ पढ़ाई भी जारी रखी। लेकिन सानिया? उन्होंने तो पूरी तरह tennis को ही चुना। और सच बताऊं? दोनों ही approach सही हैं। क्योंकि हर किसी की capacity अलग होती है ना!
3. Academic achievements की बात करें तो…
सीधी सी बात – साइना ने graduation पूरा किया है, तो formal education में उनका score ज़्यादा है। पर सानिया ने? उन्होंने तो sports में ही अपनी degree हासिल कर ली! असल में, achievements को सिर्फ किताबी नंबरों से नहीं आंक सकते। सच ना?
4. पढ़ाई ने career में दी मदद? एक interesting debate!
अब ये तो बिल्कुल apples और oranges की तरह है। साइना के लिए education ने एक balance दिया – खेल भी, पढ़ाई भी। वहीं सानिया ने तो अपनी जान tennis में डाल दी। और result? दोनों ने अपने-अपने field में झंडे गाड़ दिए! तो सवाल ये उठता है – क्या सच में कोई एक सही रास्ता होता है? शायद नहीं।
Source: News18 Hindi – Nation | Secondary News Source: Pulsivic.com