समिक भट्टाचार्य: बंगाल की राजनीति में BJP का नया ‘गेम चेंजर’ या सिर्फ एक और चेहरा?
अरे भाई, पश्चिम बंगाल की राजनीति में इन दिनों एक नाम सबकी जुबान पर है – समिक भट्टाचार्य। सच कहूं तो, BJP ने इस युवा नेता को लेकर कुछ ऐसी चाल चली है जिसने सबका ध्यान खींचा है। 2024 के लोकसभा चुनाव की तैयारी में ये शख्स अचानक से सेंटर स्टेज पर कैसे आ गया? ममता दीदी के गढ़ में ये नई चाल काम आएगी या नहीं, ये तो वक्त बताएगा। लेकिन इतना तो तय है कि राज्य की राजनीति का समीकरण बदलने की कोशिश जरूर हो रही है।
अब सवाल यह है कि ये समिक भट्टाचार्य आखिर हैं कौन? देखिए न, इनकी कहानी तो छात्र राजनीति से शुरू होती है। बंगाल की मिट्टी को समझने वाला ये नेता BJP के अंदर ‘बंगाली अस्मिता’ की आवाज बनकर उभरा है। 2021 के विधानसभा चुनाव में BJP को जो झटका लगा था, उसके बाद पार्टी ने अपनी रणनीति में बदलाव किया है। और समिक जैसे नए चेहरों को आगे लाकर वो क्या हासिल करना चाहती है? ये समझना दिलचस्प होगा।
हाल के दिनों में BJP के कुछ फैसलों ने सबको हैरान किया है। सुना है पार्टी समिक को राज्य इकाई का प्रमुख बनाने पर गंभीरता से विचार कर रही है। अब ये तो अच्छी बात है, लेकिन सवाल ये कि क्या सिर्फ एक नया चेहरा लाने से BJP की समस्याएं हल हो जाएंगी? TMC तो इसे ‘हताशा का कदम’ बता रही है। पर राजनीतिक जानकारों की राय थोड़ी अलग है। उनका मानना है कि समिक, ममता बनर्जी के narrative को तोड़ने में कामयाब हो सकते हैं। खासकर हिंदू बंगाली मतदाताओं और युवाओं के बीच।
इस पूरे मामले पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। BJP के एक नेता ने तो बड़ा दिलचस्प बयान दिया – “समिक दा तो बंगाल की आवाज हैं!” वहीं TMC वालों का कहना है कि “ये सब बेकार की कोशिशें हैं, बंगाल तो ममता दीदी के साथ है।” असल में देखा जाए तो, ये BJP की ‘soft Hindutva’ रणनीति का हिस्सा लगता है। और बंगाल में शायद यही चल सकता है।
अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि समिक भट्टाचार्य BJP का नया चेहरा बन पाएंगे या नहीं। अगर ऐसा होता है, तो 2024 में TMC के vote bank पर असर पड़ सकता है। लेकिन यहां दो चीजें महत्वपूर्ण होंगी – पहला, समिक की बंगाली अस्मिता और विकास के मुद्दों को उठाने की क्षमता। दूसरा, ममता बनर्जी की प्रतिक्रिया। क्योंकि दीदी कोई आसान प्रतिद्वंद्वी नहीं हैं, ये तो सब जानते हैं।
अंत में बस इतना कि बंगाल की राजनीति में ये नया मोड़ कितना कारगर साबित होगा, ये तो आने वाला वक्त ही बताएगा। BJP अगर इस नए नेतृत्व को सही तरीके से पेश कर पाई, तो हो सकता है राज्य में कुछ बदलाव दिखे। वरना… खैर, ये तो बंगाल है भाई! यहां राजनीति का कोई भरोसा नहीं। एकदम मस्त। सच कहूं तो, अगले कुछ महीने बड़े दिलचस्प होने वाले हैं।
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समिक भट्टाचार्य? अरे भाई, ये नाम तो अब हर किसी की जुबान पर है!
देखिए, समिक भट्टाचार्य सिर्फ बंगाल BJP के senior leader नहीं हैं, बल्कि असल में पार्टी का दमखम हैं। State president होने के साथ-साथ, इन्हें BJP का चेहरा माना जाता है – और सच कहूं तो बेहद मजबूत चेहरा। इनके नेतृत्व में तो BJP ने बंगाल में ऐसा धमाल मचाया है कि elections के नतीजे अक्सर हैरान कर देते हैं। लेकिन सवाल यह है कि ये आदमी इतना खास क्यों है?
2024 में BJP की जीत? मत पूछिए यार, हवा बदलती दिख रही है!
असल में बात ये है कि समिक दा ने ground level पर काम किया है – वो भी बिना शोर मचाए। चुपके से, लेकिन पक्के तौर पर। उनकी strategies और local connect की बात ही अलग है। आपको पता है न कि बंगाल की राजनीति में local connect कितना मायने रखता है? जैसे मछली के लिए पानी। और 2024 के elections में तो पार्टी को मैदानी इलाकों से लेकर शहरों तक अच्छी खासी उम्मीदें हैं। हालांकि… ये तो वक्त ही बताएगा न?
समिक दा का सफर: छात्र नेता से लेकर राजनीति के शिखर तक
एक तरफ तो आज ये बंगाल BJP के सबसे ताकतवर नेता हैं, लेकिन शुरुआत बिल्कुल छोटे स्तर से हुई थी। Student leader के तौर पर career शुरू किया, फिर धीरे-धीरे BJP में अपनी जगह बनाई। सच पूछो तो ये लंबे समय से पार्टी के साथ हैं – इतने लंबे कि अब तो बंगाल में BJP की नींव ही इनके हाथों मजबूत हुई है। पर क्या आप जानते हैं कि इस सफर में सबसे बड़ी चुनौती क्या रही?
TMC का दबदबा तोड़ना: BJP की सबसे बड़ी परीक्षा
सच बात तो ये है कि बंगाल में BJP के सामने दोहरी मुश्किल है। पहला तो TMC का रौब – जो कि बिल्कुल वैसा ही है जैसे मैदान में कोई बड़ा खिलाड़ी। और दूसरा? Local issues पर focus करना। समिक दा इन challenges को लेकर aggressive campaigning कर रहे हैं, लेकिन यार… बंगाल की जनता का मूड समझना आसान नहीं। कभी यहाँ, कभी वहाँ। फिर भी, देखते हैं न! एकदम ज़बरदस्त। सच में।
Source: News18 Hindi – Nation | Secondary News Source: Pulsivic.com