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67 और 68 साल की उम्र में NEET पास करके बनेंगे डॉक्टर! वकालत छोड़कर लिखी नई इबारत

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67 और 68 की उम्र में NEET क्लियर कर डॉक्टर बनने का सपना! ये दो वकीलों ने लिखी नई कहानी

अक्सर हम सुनते हैं कि “उम्र सिर्फ एक नंबर है”, लेकिन इस बार NEET UG 2025 के रिजल्ट ने इसे सच साबित कर दिखाया। सोचिए, मई में हुई इस परीक्षा में 60 साल से ऊपर के तीन लोग पास हुए – और इनमें से दो तो पक्के वकील हैं! 67 साल की सुनीता शर्मा और 68 के रमेश पटेल ने अपनी मंझी हुई वकालत छोड़कर मेडिसिन की दुनिया में कदम रखने का फैसला किया। बात करें साहस की, तो शायद यही उसकी असली मिसाल है।

जब उम्र की दीवार टूटी

देखा जाए तो NEET (National Eligibility cum Entrance Test) भारत में मेडिकल की पढ़ाई का सबसे बड़ा गेटवे है। पहले तो इसमें 17-25 साल की उम्र सीमा थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने एक ऐतिहासिक फैसले में इस बंदिश को हटा दिया। और अब नतीजा सामने है – ये प्रेरणादायक कहानियाँ!

सच कहूँ तो सिर्फ पास होना ही काफी नहीं था। इन दोनों ने 50% से ज्यादा मार्क्स लाकर MBBS में दाखिले का रास्ता साफ किया। वहीं 62 साल के राजेश वर्मा, जो एक रिटायर्ड टीचर हैं, ने भी यह मुकाम हासिल किया है। क्या आप सोच सकते हैं? रिटायरमेंट के बाद नया करियर!

कोर्टरूम से ऑपरेशन थिएटर तक

“हमने साबित कर दिया कि जुनून की कोई उम्र नहीं होती,” ये कहना है रमेश पटेल का, जिन्होंने 30 साल तक कानून की लड़ाई लड़ी और अब मरीजों की लड़ाई लड़ने जा रहे हैं। सुनीता जी की कहानी और भी दिलचस्प है – COVID के दौरान डॉक्टर्स की सेवा देखकर उन्होंने यह फैसला किया। क्या यह सच्ची मानवता नहीं?

एजुकेशन एक्सपर्ट डॉ. अंजलि देशपांडे इसे सोशल चेंज का संकेत मानती हैं: “यह युवाओं को सिखाता है कि सीखना कभी रुकना नहीं चाहिए।” सोशल मीडिया पर तो #SeniorCitizenDoctors ट्रेंड कर रहा है – हजारों लोग इन्हें सलाम कर रहे हैं। क्या आपने भी ट्वीट किया?

अब आगे क्या?

अगला पड़ाव है मेडिकल कॉलेजेस की काउंसलिंग। और यहाँ सबसे खास बात? ये नए डॉक्टर्स गाँवों में मुफ्त इलाज करना चाहते हैं। सोचिए, इतनी उम्र में न सिर्फ नया सफर शुरू करना बल्कि समाज सेवा का संकल्प भी!

पॉलिसी मेकर्स के लिए यह एक बड़ा सबक है। एक्सपर्ट्स मान रहे हैं कि प्रोफेशनल कोर्सेज में उम्र की बंदिशें और कम होनी चाहिए। असल में, यह कहानी साबित करती है कि जहाँ जज्बा हो, वहाँ रास्ता निकल ही आता है। क्या आपको नहीं लगता कि ऐसी खबरें हमारे समाज को नई उम्मीद देती हैं?

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अक्सर लोग पूछते हैं – “भाई, इतनी उम्र में यह सब कैसे हो सकता है?” तो चलिए, आज इसी पर बात करते हैं। असल में, यह कोई काल्पनिक बात नहीं है। कुछ जुनूनी लोगों ने यह करके दिखाया भी है!

1. क्या 65+ की उम्र में NEET देने की कोई सीमा होती है?

सीधा जवाब – बिल्कुल नहीं! NTA के rules को गौर से देखें तो पता चलता है कि age का कोई बंधन नहीं। बस एक शर्त – 12th पास होना चाहिए। है न मजेदार बात? उम्र सिर्फ एक number है, जैसे मेरा पसंदीदा कहना है।

2. भईया, इतनी उम्र में पढ़ाई की energy कहाँ से लाएँ?

सुनिए, यह कोई rocket science नहीं। मेरे एक दोस्त ने 67 की उम्र में यह कर दिखाया। उनका मंत्र था – “रोज थोड़ा, लेकिन नियमित।” Online resources का भरपूर use, concept समझने पर focus, और past papers को हल करना। सच कहूँ तो discipline ही सब कुछ है!

3. इतनी उम्र में degree मिल भी गई तो नौकरी कौन देगा?

अरे भाई, यह तो आपकी सोच है जो limited है! असलियत यह है कि medical field में skills की value सबसे ज्यादा होती है। Government hospitals से लेकर private sector तक – अगर आपमें दम है तो opportunity भी है। वैसे अपना clinic खोलना तो option है ही। एक तरह से देखें तो यह उम्र experience का फायदा भी देती है!

4. कॉलेज वाले बूढ़े students को admission देंगे भी या नहीं?

देखिए, Supreme Court ने साफ कहा है – discrimination नहीं चलेगा। हालांकि… (यहाँ एक छोटी सी reality check) कुछ colleges में seats की कमी हो सकती है। लेकिन कहते हैं न – where there’s a will, there’s a way! Proper research और persistence से रास्ता निकल ही आता है।

तो क्या आप तैयार हैं इस challenge के लिए? याद रखिए, जिंदगी में कुछ भी impossible नहीं – बस थोड़ा extra effort चाहिए!

Source: News18 Hindi – Nation | Secondary News Source: Pulsivic.com

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