धर्मस्थल में मिला कंकाल और लाल साड़ी वाला शव! क्या SIT की जांच में उजागर होंगे 200 से ज्यादा दफन शव?
कर्नाटक का धर्मस्थला इन दिनों एक ऐसे मामले से हिला हुआ है जिसे सुनकर रूह कांप जाए। नेत्रावती नदी के किनारे चल रही SIT की जांच में अब तक जो कुछ मिला है, वो सचमुच डरावना है – एक और कंकाल और लाल साड़ी में लिपटा हुआ शव! असल में, ये पूरा मामला उस कथित सामूहिक कब्र से जुड़ा है जिसके बारे में एक पूर्व सफाई कर्मचारी ने दावा किया था कि उसने 1995 से 2014 के बीच यहां 200 से ज्यादा शव चुपके से दफनाए थे। सोचिए, इतने सालों तक ये सब चलता रहा और किसी को खबर तक नहीं? अब ये केस सिर्फ स्थानीय नहीं, बल्कि पूरे देश में चर्चा का विषय बन चुका है।
मामला क्या है? थोड़ा पीछे चलते हैं
देखिए, धर्मस्थला का ये नेत्रावती नदी वाला मामला पिछले कुछ हफ्तों से सुर्खियों में है। शुरुआत तब हुई जब एक पूर्व सफाई कर्मचारी ने बताया कि कैसे उसने स्थानीय अस्पताल और अन्य जगहों से मिले शवों को यहां गैरकानूनी तरीके से दफनाया था। अब SIT की जांच चल रही है, और अब तक कई कंकाल और अवशेष मिल चुके हैं। सबसे बड़ा सवाल ये है कि क्या वाकई शवों के निपटान में इतनी बड़ी धांधली हो सकती है? ये सवाल सिर्फ कर्नाटक का नहीं, पूरे देश का है।
ताजा अपडेट: अब तक क्या-क्या मिला?
जांच में अब तक कई कंकाल मिले हैं, लेकिन नई खोज ने तो मामले को और भी रहस्यमय बना दिया है। लाल साड़ी में लिपटा शव मिलना… ये सोचकर ही डर लगता है न? फॉरेंसिक टीम अभी जांच कर रही है, लेकिन मेरा मन तो ये कह रहा है कि ये किसी महिला का शव हो सकता है। और हां, सबसे बड़ा सवाल तो ये है कि क्या ये सारे शव कानून को ताक पर रखकर दफनाए गए थे? अगर हां, तो किसने की ये हिम्मत?
लोग क्या कह रहे हैं? प्रतिक्रियाओं का दंगल
स्थानीय लोग तो इस मामले से बेहद आहत हैं। कुछ का कहना है कि ये सब देखकर रातों की नींद उड़ गई है। वहीं प्रशासन की तरफ से SIT ने पूरी जांच का वादा किया है। पर सच कहूं तो, ऐसे वादे हम अक्सर सुनते हैं न? मानवाधिकार संगठनों ने भी मामले को गंभीरता से लेते हुए केंद्र से हस्तक्षेप की मांग की है। लेकिन सवाल ये है कि क्या वाकई कुछ होगा, या फिर ये मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा?
आगे क्या? जांच के संभावित रास्ते
अभी तो जांच जारी है, और हो सकता है और भी कंकाल मिलें। फॉरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद शायद पीड़ितों की पहचान सामने आए। अगर ये साबित हो गया कि शव अवैध तरीके से दफनाए गए थे, तो फिर कई अधिकारियों की खैर नहीं! पर सच पूछो तो, क्या हमारे यहां ऐसे मामलों में कभी बड़े लोगों को सजा मिलती है? एक और चीज – इस घटना के बाद शव निपटान के नियमों पर सख्ती की मांग जरूर उठेगी। वैसे भी, ये तो होना ही चाहिए।
आखिर में…
ये मामला सचमुच हैरान करने वाला है। कर्नाटक से शुरू हुई ये कहानी अब पूरे देश की चिंता बन चुकी है। SIT की जांच शायद इस रहस्य से पर्दा उठा दे कि आखिर इतने शव यहां कैसे पहुंचे। पर असली सवाल तो ये है कि क्या हमारा सिस्टम इतना मजबूत है कि दोषियों को सजा दिला सके? या फिर ये मामला भी उन हज़ारों केसों की तरह फाइलों की धूल खाता रहेगा? वक्त ही बताएगा… लेकिन अभी तो बस इतना कहूंगा – ये कहानी सिर्फ डरावनी नहीं, बल्कि हमारे सिस्टम पर एक बड़ा सवाल खड़ा करती है।
Source: News18 Hindi – Nation | Secondary News Source: Pulsivic.com

