Smartworks Coworking IPO: ₹582 करोड़ के इस इश्यू में पैसा लगाने से पहले ये 10 बातें जान लीजिए!
अरे भाई, भारत का coworking सेक्टर तो इन दिनों रॉकेट की स्पीड से उड़ान भर रहा है – और इसी में एक बड़ा नाम है Smartworks। अब ये कंपनी IPO लेकर आ रही है, और हम जैसे छोटे निवेशकों के मन में सवाल उठ रहे हैं – क्या ये सही मौका है? तो चलिए, बिना समय गंवाए डिटेल्स में चलते हैं। 10 से 12 जुलाई 2025 के बीच ₹582 करोड़ के इस आईपीओ में आप अपना हिस्सा ले सकते हैं, जिसका प्राइस बैंड ₹387-₹407 तय हुआ है। और हां, अगर सब कुछ ठीक रहा तो 17 जुलाई को BSE/NSE पर लिस्टिंग होगी। सच कहूं तो, shared office space का ये बढ़ता ट्रेंड देखकर लगता है कि ये एक दिलचस्प अवसर हो सकता है।
असल में, Smartworks ने पिछले कुछ सालों में क्या कमाल किया है! देशभर में अपने centers का जाल बिछा दिया है। छोटे स्टार्टअप्स से लेकर बड़ी कंपनियों तक – सबको flexible workspace देने का इनका फॉर्मूला काम कर रहा है। और इस IPO से जो पैसा आएगा, उसका 50% तो कर्ज चुकाने में जाएगा, 30% नए centers खोलने में, बाकी 20%… वो तो कॉरपोरेट जगत का रहस्य ही रहने दीजिए! मजे की बात ये कि ये फंड यूटिलाइजेशन प्लान काफी क्लियर दिखता है – जैसे कोई बिजनेस स्टूडेंट का पर्फेक्ट केस स्टडी हो।
IPO के ये अपडेट्स जानना है जरूरी
तो अब सवाल यह उठता है कि इस IPO में क्या खास है? सुनिए, बुक बिल्डिंग 10-12 जुलाई तक चलेगी जहां QIB, NII और हम जैसे retail investors भी हिस्सा ले सकते हैं। प्राइस बैंड ₹387-407 के बीच है, जिससे कंपनी की वैल्यूएशन ₹4,200-4,400 करोड़ के आसपास बैठती है। और हां, अगर आपको जल्दी निकलना हो तो 17 जुलाई को लिस्टिंग के बाद मौका मिल जाएगा। पर सच पूछो तो, क्या वाकई इतनी जल्दी एक्जिट करना समझदारी होगी?
वैसे analysts की राय इस पर बंटी हुई है। कोई कह रहा है कि 20% CAGR वाले इस सेक्टर में ये लॉन्ग टर्म के लिए बढ़िया मौका है। वहीं कुछ का मानना है कि प्राइस बैंड थोड़ा ज्यादा aggressive है – खासकर जब कंपनी के current नंबर्स से तुलना करो। मेरा ख्याल? थोड़ा रिस्क तो हर निवेश में होता ही है न!
मेरी नोटबुक से: निवेशकों के लिए टिप्स
देखिए, इस IPO को लेकर retail investors में काफी उत्साह है – वर्क फ्रॉम होम कल्चर के बाद तो coworking स्पेस की डिमांड और बढ़ी है। लेकिन यहां एक गंभीर सलाह: RHP को जरूर पढ़ें, खासकर risk factors वाले हिस्से को। मेरा तो यहां तक कहना है कि अगर आपको financial statements समझ न आएं, तो किसी एक्सपर्ट से सलाह लेने में कोई बुराई नहीं। आखिरकार, ये आपकी मेहनत की कमाई है न?
अंत में एक बात और – अगर ये IPO अच्छी तरह सब्सक्राइब हो जाता है, तो कंपनी के लिए future में फंड जुटाना आसान हो जाएगा। पर याद रखिए, listing के बाद शेयर का परफॉरमेंस पूरी तरह से सेक्टर के ट्रेंड्स और कंपनी के fundamentals पर निर्भर करेगा। तो हां, जोखिम तो है… लेकिन अगर आप risk लेने को तैयार हैं, तो शायद ये आपके पोर्टफोलियो में एक दिलचस्प एडिशन हो सकता है। क्या कहते हैं आप?
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अगर आप भी Smartworks Coworking के IPO में पैसा लगाने का सोच रहे हैं, तो ज़रा ठहरिए! RHP को गौर से पढ़ना और इन 10 बातों को समझना क्यों ज़रूरी है? देखिए, IPO में पैसा डालना तो आसान है, लेकिन समझदारी से निवेश करना ही असली बात है। मैं खुद भी कई बार इसी गलती का शिकार हुआ हूँ – बिना रिसर्च के पैसा लगा दिया और फिर… खैर, वो कहानी फिर कभी।
असल में, RHP आपको बताता है कि कंपनी क्या करती है, उसका पैसा कहाँ जाएगा, और क्या रिस्क हैं। ये उतना ही ज़रूरी है जितना कि किसी घर को खरीदने से पहले उसकी मैपिंग देखना। एक तरफ तो मौका मिल सकता है अच्छा रिटर्न पाने का, लेकिन दूसरी तरफ… अरे भाई, शेयर बाज़ार है, यहाँ कुछ भी हो सकता है ना?
तो अगली बार जब IPO का नाम सुने, तो पहले थोड़ी homework कर लें। स्मार्ट निवेश के लिए स्मार्ट रिसर्च – यही तो है असली मंत्र। और हाँ, ये मैं नहीं, मेरे पिछले कई ग़लत फैसलों का अनुभव बोल रहा है!
Smartworks Coworking IPO: क्या यह आपके पैसे का सही जगह इस्तेमाल होगा? 10 बातें जो आपको पता होनी चाहिए
1. Smartworks Coworking IPO है क्या बला? और कितने पैसे की लगाम लगाएगी कंपनी?
देखिए, Smartworks का IPO तो वैसा ही है जैसे कोई नया रेस्टोरेंट खुला हो – सबको उत्सुकता है, लेकिन असली स्वाद तो खाने के बाद पता चलता है। कंपनी को ₹582 करोड़ जुटाने हैं, जिसमें नए शेयर भी हैं और पुराने निवेशकों के शेयर बेचने का मौका (OFS) भी। सीधे शब्दों में कहें तो, पूरा पैकेज!
2. भईया, क्या सच में इसमें पैसा लगाना चाहिए?
अरे भाई, ऐसे ही किसी के कहने पर तो IPO में पैसा नहीं लगाया जाता! RHP (वही लाल रंग का डॉक्यूमेंट) को गौर से पढ़ना होगा। कंपनी के नंबर्स क्या कहते हैं? मार्केट में इसका कितना दम है? ये सब समझो। एक तरफ तो मौका है अच्छा रिटर्न पाने का, लेकिन दूसरी तरफ रिस्क भी उतना ही। जैसे हमारे यहाँ कहते हैं – “जो खेले सो पाए, जो न खेले सो खाए!”
3. Price band का क्या चक्कर है? कितने में मिलेंगे शेयर?
सच बताऊँ? अभी तक तो कंपनी ने ऑफिशियल price band बताया नहीं है। लेकिन अंदाज़ा लगाने के लिए SEBI filings और कंपनी के announcements पर नज़र रखनी होगी। वैसे मार्केट वाले कानाफूसी तो कर ही रहे हैं – आप भी कान लगाकर सुनते रहिए!
4. छोटे निवेशकों के लिए यह IPO कितना सही है?
ईमानदारी से कहूँ तो, retail investors को बहुत सोच-समझकर कदम बढ़ाना चाहिए। पहले समझो कि coworking का बिजनेस मॉडल कैसे काम करता है। दिल्ली-मुंबई में तो ठीक चल रहा है, लेकिन टियर-2 शहरों में? और competition भी तो खूब है। मेरी सलाह? ज्यादा रिस्क न लो, छोटे lots में ही निवेश करो। जैसे हमारे दादाजी कहते थे – “थोड़ा-थोड़ा पानी डालो, घड़ा भर जाएगा!”
Source: Livemint – Markets | Secondary News Source: Pulsivic.com