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SSC परीक्षा विरोध प्रदर्शन: जानें क्यों देशभर के छात्र सड़कों पर उतरे हैं?

एसएससी परीक्षा विरोध प्रदर्शन: जानिए क्या है पूरा मामला और क्यों भड़क रहा है छात्रों का गुस्सा?

देखिए, पिछले हफ्ते से ही देश के कई हिस्सों में एक अजीब सी बेचैनी है। दिल्ली से लेकर बिहार तक, यूपी से महाराष्ट्र तक – सड़कों पर उतरे छात्रों के हाथों में सिर्फ पोस्टर नहीं, बल्कि एक सवाल है: “एसएससी, हमारे साथ धोखा क्यों?” मामला क्या है? असल में, SSC CGL और अन्य परीक्षाओं के नतीजों को लेकर छात्रों को लग रहा है कि कहीं न कहीं गड़बड़ हुई है। और सच कहूं तो, ये कोई नई बात भी नहीं है। पिछले कुछ सालों से ये शिकायतें आती रही हैं, लेकिन इस बार आग पूरी तरह भड़क गई है।

अब थोड़ा पीछे चलते हैं। SSC यानी Staff Selection Commission… ये वो संस्था है जो हमारे लाखों युवाओं के सपनों को सरकारी नौकरी के रूप में पंख लगाती है। लेकिन आजकल यही संस्था विवादों के घेरे में है। क्यों? क्योंकि छात्रों को लग रहा है कि पारदर्शिता की कमी है। कुछ लोगों को अनुचित फायदा मिल रहा है। और सबसे बड़ी बात – पेपर लीक जैसे गंभीर आरोप सामने आए हैं। आप सोच रहे होंगे – “ये सब तो पहले भी होता आया है, फिर अब इतना बवाल क्यों?” दरअसल, इस बार छात्रों का धैर्य जवाब दे गया है। और समझ भी आता है – जब आपका पूरा भविष्य दांव पर लगा हो, तो चुप कैसे बैठेंगे?

हालात की बात करें तो कल ही दिल्ली के कनॉट प्लेस के पास मैंने खुद देखा – सैकड़ों छात्रों का जमावड़ा, पुलिस की बैरिकेड्स, और एक तनाव भरा माहौल। कुछ जगहों पर तो हालात इतने खराब हो गए कि पुलिस को लाठीचार्ज तक करना पड़ा। ईमानदारी से कहूं तो, ये दृश्य दुखद हैं। एक तरफ तो हम ‘डिजिटल इंडिया’ की बात करते हैं, लेकिन दूसरी तरफ हमारी परीक्षा प्रणाली पर इतने सवाल?

अब सवाल ये उठता है कि आगे क्या? सरकार ने एक कमेटी बनाई है – अच्छी बात है। SSC ने जांच का वादा किया है – ठीक है। लेकिन छात्रों का विश्वास कैसे लौटेगा? क्योंकि ये सिर्फ एक परीक्षा का मामला नहीं है, बल्कि हमारे युवाओं के भविष्य और सिस्टम पर विश्वास का संकट है। और हां, राजनीतिक दलों की भूमिका पर भी सवाल उठने लगे हैं – क्या ये सच में छात्रों की चिंता कर रहे हैं, या सिर्फ राजनीतिक रोटियां सेक रहे हैं?

एक बात तो तय है – अगर जल्द ही ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो ये आंदोलन और बड़ा रूप ले सकता है। क्योंकि जब तक सिस्टम में पारदर्शिता नहीं आती, तब तक ऐसे विरोध थमने वाले नहीं। आखिरकार, ये सिर्फ नौकरियों का सवाल नहीं, बल्कि हमारे देश के युवाओं के सपनों और विश्वास का मामला है। सच कहूं तो, इससे बड़ा मुद्दा और क्या हो सकता है?

SSC परीक्षा विरोध प्रदर्शन – छात्रों के मन में क्या चल रहा है? आइए जानते हैं

SSC परीक्षा के खिलाफ छात्र सड़कों पर क्यों उतर आए हैं?

देखिए, मामला सिर्फ परीक्षा पैटर्न के बदलाव का नहीं है। असल में तो यह एक बड़े विश्वासघात जैसा लग रहा है। पेपर लीक के आरोप? मूल्यांकन में पारदर्शिता न होना? भई, ये कोई मामूली बातें तो हैं नहीं। छात्रों को लग रहा है कि उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है। और सच कहूं तो, उनकी यह बात बिल्कुल गलत भी नहीं लगती।

क्या यह आग पूरे देश में फैल रही है?

अरे भाई, सिर्फ फैल रही है? यह तो जंगल की आग बन चुकी है! दिल्ली से लेकर पटना, लखनऊ से कोलकाता तक – हर जगह छात्रों का गुस्सा साफ दिख रहा है। और सबसे दिलचस्प बात? Social media पर ये लोग कैसे जुड़ रहे हैं। WhatsApp groups, Twitter threads – सब कुछ चल रहा है। एक दूसरे को motivate करना, protest plans बनाना… यह नई पीढ़ी का आंदोलन है, जो पूरी तरह digital है।

SSC वालों ने इस पूरे मामले पर क्या कहा?

हां, उन्होंने एक official statement तो जारी कर दिया है। वैसे हमेशा की तरह – “हम गंभीरता से विचार कर रहे हैं” वाली बातें। पर क्या आपको नहीं लगता कि अब तक केवल बयानबाजी ही हो रही है? हालांकि, उन्होंने re-examination और नए guidelines की बात जरूर की है। लेकिन छात्रों को क्या लगता है? वे मान रहे हैं कि ये सिर्फ दिखावा है।

तो फिर छात्र चाहते क्या हैं?

लिस्ट तो काफी लंबी है, लेकिन मुख्य मांगें समझ लीजिए:
• पेपर लीक मामले में CBI जांच – क्योंकि स्थानीय जांच पर किसे भरोसा?
• मूल्यांकन प्रणाली में पारदर्शिता – वरना तो यह लॉटरी जैसा हो गया है न!
• परीक्षा पैटर्न में अचानक बदलाव बंद – कल को वे परीक्षा ही online कर देंगे, बिना किसी तैयारी के!
• पिछले विवादित पेपर्स की re-evaluation – क्योंकि पुराने घाव भरने चाहिए।

सच कहूं तो, इनमें से कोई भी मांग अतार्किक नहीं लगती। आखिरकार, यह उनका भविष्य है न? या फिर हम भूल गए हैं कि हम भी कभी छात्र थे?

Source: News18 Hindi – Nation | Secondary News Source: Pulsivic.com

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