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स्टारबक्स के CEO ब्रायन निकोल ने कर्मचारियों को 4 दिन ऑफिस आने का आदेश, पर खुद रहेंगे वर्क फ्रॉम होम!

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स्टारबक्स का CEO कर्मचारियों को ऑफिस बुला रहा है, पर खुद घर पर आराम? क्या यह डबल स्टैंडर्ड नहीं?

अरे भई, सुनो ये मजेदार किस्सा! स्टारबक्स के CEO ब्रायन निकोल ने अचानक एक नया फरमान जारी कर दिया – अब सभी कर्मचारियों को हफ्ते में 4 दिन ऑफिस आना होगा। पर यहाँ ट्विस्ट ये है कि ये साहब खुद वर्क फ्रॉम होम (WFH) करेंगे। अजीब बात है न? कंपनी इसे अपनी “Back to Starbucks” रणनीति का हिस्सा बता रही है, लेकिन सच तो ये है कि ये फैसला कर्मचारियों को बिल्कुल पच नहीं रहा।

पहले 3 दिन, अब 4 – क्यों बदल रहा है गेम?

कोविड के बाद तो लगभग हर कंपनी ने हाइब्रिड मॉडल अपना लिया था। स्टारबक्स भी उनमें से एक थी जहाँ कर्मचारियों को सिर्फ 3 दिन ऑफिस आना होता था। लोगों को ये सिस्टम पसंद भी आया था, क्योंकि थोड़ी फ्लेक्सिबिलिटी तो मिल ही जाती थी। लेकिन अब? अचानक 4 दिन का नियम! सीधे-सीधे कहें तो ये कर्मचारियों के साथ अन्याय है।

CEO का कहना है कि ये टीमवर्क और प्रोडक्टिविटी के लिए जरूरी है। मगर सच्चाई? जब ये बात सामने आई कि वो खुद घर से काम करेंगे, तो लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। क्या ये डबल स्टैंडर्ड नहीं है? अगर CEO के लिए WFH ठीक है, तो बाकी लोगों के लिए क्यों नहीं?

कर्मचारी नाराज, सोशल मीडिया पर तूफान

1 नवंबर से ये नया नियम लागू होने वाला है, और कर्मचारियों का रिएक्शन? एकदम फायर! ट्विटर पर तो मानो स्टॉर्म आ गया है। #HypocrisyAtStarbucks और #DoubleStandards ट्रेंड कर रहे हैं। लोग सीधे-सीधे पूछ रहे हैं – “भई, ये कैसा न्याय है?”

CEO ने अपनी सफाई में कहा कि उनकी भूमिका अलग है, उन्हें ट्रैवल भी करना पड़ता है। लेकिन सच बताऊँ? ये बहाना किसी को पसंद नहीं आया। कर्मचारी यूनियनों ने इसे सीधे तौर पर “भेदभाव” बताया है। उनका सवाल सही है – अगर ऊपर वालों को छूट मिल सकती है, तो नीचे वालों को क्यों नहीं?

क्या होगा अब? कहानी अभी खत्म नहीं हुई!

अब सवाल ये है कि आगे क्या? कर्मचारी शायद विरोध प्रदर्शन करें। कुछ सूत्रों का कहना है कि ये मामला और बड़ा हो सकता है। स्टारबक्स के पास अब दो ही रास्ते हैं – या तो नियम बदलें, या फिर CEO को भी ऑफिस बुलाएँ।

देखते हैं ये ड्रामा कहाँ तक जाता है। पर एक बात तो तय है – ये मामला सिर्फ स्टारबक्स तक सीमित नहीं रहेगा। अगर यहाँ ये नियम चल गया, तो दूसरी कंपनियाँ भी इसी रास्ते पर चल पड़ेंगी। असल में, ये पूरा विवाद हाइब्रिड वर्क कल्चर और लीडरशिप की जिम्मेदारी पर बड़ा सवाल खड़ा कर देता है। क्या आपको नहीं लगता?

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Source: NY Post – Business | Secondary News Source: Pulsivic.com

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