थरूर से तिवारी और अब कार्ति तक: क्या कांग्रेस में ‘देश पहले’ का ट्रेंड चल पड़ा है?
अबे यार, Donald Trump फिर से अपनी करतूत पर आ गए हैं! इस बार भारत समेत उन देशों को निशाना बनाया है जो Russia से तेल खरीद रहे हैं। अतिरिक्त tariff की धमकी देकर। लेकिन असल मजा तो तब हुआ जब कांग्रेस के Karti Chidambaram ने एकदम अलग सुर में बोलते हुए सरकार से “राष्ट्रहित को प्राथमिकता देने” की अपील कर डाली। सच कहूं तो यह बयान कांग्रेस के लिए एक तरह का ट्विस्ट है – जैसे कोई साउथ इंडियन फिल्म का प्लॉट! क्योंकि यह पार्टी की आधिकारिक लाइन से कितना अलग है, ये तो आप भी समझ गए होंगे।
कांग्रेस में ‘देशभक्ति’ का नया फैशन?
देखिए, ये कोई पहली बार तो है नहीं। पिछले कुछ सालों में Shashi Tharoor और Manish Tewari जैसे नेताओं ने चीन-पाकिस्तान मुद्दों पर सरकार का साथ दिया था। अब Karti ने इस परंपरा को आगे बढ़ाया है। मजे की बात ये है कि Russia-Ukraine वॉर के बीच Trump का यह बयान भारत-अमेरिका रिश्तों में नया मसाला डाल सकता है। और कांग्रेस का यह ‘देश पहले’ वाला स्टैंड… अरे भई, ये तो बिल्कुल वैसा ही है जैसे कोई बॉलीवुड स्टार अचानक से पॉलिटिकली करेक्ट बयान दे दे!
मामले की तीन लेयर्स
इस पूरे ड्रामे को समझने के लिए तीन चीजें देखनी चाहिए:
1. Trump का सीधा-सपाट धमकी भरा बयान
2. Karti का सरकार को सपोर्ट करने वाला अंदाज – जो कांग्रेस के लिए नया है
3. और सबसे ज्यादा दिलचस्प… कांग्रेस का खुद का कोई स्पष्ट स्टैंड न होना! यानी पार्टी के अंदर ही कन्फ्यूजन। ऐसा लग रहा है जैसे कोई फैमिली फंक्शन में सबके अलग-अलग मूड हों!
राजनीति का नया सीरियल: ‘सपोर्ट या नो सपोर्ट’
अब प्रतिक्रियाओं का क्या हाल है? BJP वाले तो Karti के बयान को लेकर खुश हो रहे हैं – “देखो, हमारी बात मान रहे हैं” वाला अंदाज। वहीं कांग्रेस के अंदर दो ग्रुप बन गए हैं – एक जो देशहित की बात कर रहा है, दूसरा जो पार्टी इमेज की चिंता कर रहा है। Political analysts कह रहे हैं कि यह सब Rahul Gandhi के लिए नया हेडेक पैदा कर सकता है। खासकर जब 2024 elections की घड़ी टिक-टिक कर रही है।
आगे क्या? तीन संभावित स्क्रिप्ट
अब ये सीरियल किस दिशा में जाएगा? तीन संभावनाएं दिख रही हैं:
1. कांग्रेस को तय करना होगा – एक सुर में बोलें या फिर अंदरूनी झगड़े चलने दें
2. केंद्र सरकार Trump के बयान को गंभीरता से लेकर अमेरिका के साथ diplomatic talks तेज कर सकती है
3. और सबसे बड़ा प्वाइंट – opposition unity पर सवाल! जैसे-जैसे geopolitical tensions बढ़ेंगी, यह ‘राष्ट्रवाद बनाम पार्टी लाइन’ का खेल और दिलचस्प होता जाएगा।
सच कहूं तो यह पूरा मामला उतना ही रोचक है जितना कोई पॉलिटिकल थ्रिलर सीरियल! देखते हैं अगला एपिसोड क्या लाता है…
थरूर से लेकर राहुल गांधी तक: कांग्रेस का ‘देश पहले’ वाला नारा कितना असली है?
अरे भाई, आजकल तो हर कोई ‘देश पहले’ बोल रहा है न? कांग्रेस वाले भी पीछे कहाँ रहने वाले थे! लेकिन सच्चाई क्या है? चलो समझते हैं…
1. ये ‘देश पहले’ वाली बात है क्या बला?
देखिए, असल में ये एक तरह का political चश्मा है जिसे कांग्रेस ने पहना हुआ है। मतलब? जब शशि थरूर जैसे leaders Twitter पर English में देशभक्ति की बातें करें, या ज्योतिरादित्य सिंधिया rural areas में तिरंगा लहराएं – इसे ही कहते हैं messaging strategy! पर सवाल ये है कि क्या ये सिर्फ दिखावा है या दिल से?
2. राहुल भैया ने इस गाने में अपनी आवाज़ कैसे मिलाई?
अब राहुल गांधी… उनका तो पूरा style ही बदल गया है न? पहले जहां ‘मोदी-मोदी’ करते थे, अब ‘भारत-भारत’ करने लगे हैं। उनके recent rallies में देखा न – तिरंगे की छाया में खड़े होकर national unity की बातें! सच कहूं तो अच्छा लगता है, पर क्या ये सिर्फ election season का makeup है?
3. क्या सच में कांग्रेस वाले एक सुर में गा रहे हैं?
हं… अच्छा सवाल पूछा! बाहर से तो सब एकजुट दिखते हैं, पर अंदर ही अंदर तो खेल चल रहा है। कुछ leaders इस नए tune पर ठीक से नाच भी नहीं पा रहे। आपको पता ही है न – जैसे family function में सब मिलकर गाना गाते हैं, पर कोई सुर में तो कोई बेसुरा!
4. क्या ये नारा votes ला पाएगा?
देखिए, theory तो बढ़िया है – young लोगों को पसंद आएगा, middle class को भा जाएगा। पर ground reality? वो अलग कहानी है। जब तक ये सिर्फ speeches और social media तक सीमित रहेगा, तब तक… आप समझ गए न? जैसे मेरी दादी कहती हैं – “बातों से घर नहीं चलता बेटा!”
[साइड नोट: अगर आपको लगता है मैं थोड़ा sarcastic हो रहा हूं, तो… आप बिल्कुल सही समझ रहे हैं!]
Source: News18 Hindi – Nation | Secondary News Source: Pulsivic.com