LinkedIn प्रोफाइल बनाने के 10 ज़बरदस्त टिप्स – कंपनियाँ खुद करेंगी आपको कॉल!
अरे भाई, आजकल तो LinkedIn के बिना नौकरी की बात करना भी बेकार है। सच कहूँ तो, अगर आपका प्रोफाइल “चलता हुआ” नहीं है, तो आप टॉप रिक्रूटर्स की नज़रों से ओझल हो जाते हैं। मैंने खुद देखा है – एक अच्छा ऑप्टिमाइज़्ड प्रोफाइल कैसे आपको गेम-चेंजर बना सकता है। तो चलिए, आज 10 ऐसे टिप्स शेयर करता हूँ जो मेरे और मेरे दोस्तों के लिए काम कर चुके हैं।
1. प्रोफेशनल प्रोफाइल फोटो का चुनाव
सुनो, फोटो सिर्फ फोटो नहीं होती – ये आपकी पहली छाप है! मेरे एक दोस्त ने सेल्फी लगा दी थी बैकग्राउंड में बाथरूम का टॉवल दिख रहा था… नतीजा? 3 महीने तक कोई व्यू ही नहीं आया। असल में, रिसर्च कहती है अच्छी फोटो वालों को 21 गुना ज्यादा व्यू मिलते हैं। मेरी सलाह? साधारण सा फॉर्मल ड्रेस, नेचुरल लाइट और सिंपल बैकग्राउंड। इतना ही काफी है।
2. आकर्षक हेडलाइन (Headline) लिखें
यहाँ सबसे बड़ी गलती क्या होती है? लोग बस “मैनेजर” या “एग्जीक्यूटिव” लिखकर छोड़ देते हैं। भईया, ये तो बिल्कुल वैसा ही है जैसे मेनू में सिर्फ “खाना” लिख देना! आपकी हेडलाइन एक मिनी-रिज्यूमे होनी चाहिए। जैसे मैंने रखा है: “डिजिटल मार्केटिंग गुरु | 5 साल में 50+ ब्रांड्स को ट्रांसफॉर्म किया”। देखा न कैसे सबकुछ क्लियर हो गया?
3. कम्पेलिंग “अबाउट” सेक्शन
असल में, ये सेक्शन सबसे ज्यादा अनदेखा किया जाता है। लोग या तो निबंध लिख देते हैं या फिर दो लाइन में काम चला लेते हैं। मेरा मंत्र है: थोड़ा पर्सनल, थोड़ा प्रोफेशनल। अपनी जर्नी बताइए, मगर उस तरीके से जैसे आप दोस्त को बता रहे हों। एक टिप: पहले ड्राफ्ट लिखें, फिर उसे 30% तक काटें। बिल्कुल सही लगेगा!
4. एक्सपीरियंस सेक्शन को डिटेल में भरें
यहाँ मैंने एक बड़ी गलती की थी – सिर्फ जॉब टाइटल डालकर छोड़ दिया। बाद में पता चला, रिक्रूटर्स तो डिस्क्रिप्शन पढ़ते हैं! तो अब मैं हर रोल के साथ 3-4 बुलेट पॉइंट्स जरूर डालता हूँ। और हाँ, नंबर्स का जादू! “टीम लीड” की जगह “15 लोगों की टीम मैनेज की, प्रोडक्टिविटी 25% बढ़ाई” ज्यादा असरदार लगता है, है न?
5. स्किल्स और एंडोर्समेंट्स को अपडेट रखें
एक कन्फेशन: मैं 2 साल तक “MS Paint” को अपनी स्किल लिस्ट में रखे हुए था! हंसी आती है सोचकर। सच तो ये है कि टॉप 3 स्किल्स ही मायने रखती हैं। और एंडोर्समेंट्स? वो तभी मिलते हैं जब आप दूसरों को एंडोर्स करते हैं। छोटी सी ट्रिक है – जिस दिन नई स्किल जोड़ें, उसी दिन 5-6 कनेक्शन्स को मैसेज कर दें। काम की बात!
6. रिकमेंडेशन्स जोड़कर प्रोफाइल को स्ट्रॉन्ग बनाएँ
मेरा एक्स-बॉस मुझसे बहुत खुश था, पर मैंने कभी रिकमेंडेशन नहीं माँगा। बाद में पछताया जब देखा कि मेरे जूनियर को मेरी ही ड्रीम जॉब मिल गई… सिर्फ 3 अच्छी रिकमेंडेशन्स की वजह से! तो सीख लीजिए – जब भी कोई प्रोजेक्ट अच्छा जाए, तुरंत रिकमेंडेशन माँग लीजिए। पर ध्यान रहे – जेनरिक नहीं, स्पेसिफिक होना चाहिए।
7. कीवर्ड्स का सही उपयोग करें
ये SEO वाला गेम है भाई! मैंने एक बार देखा – “डिजिटल मार्केटिंग” की जगह “ऑनलाइन प्रचार” लिख दिया था… बस फिर कोई भी सर्च में नहीं आया। ट्रिक ये है कि जॉब पोस्टिंग्स देखिए, और वहीं से कीवर्ड्स चुराइए! मगर हद से ज्यादा नहीं – वरना प्रोफाइल रोबोट जैसी लगने लगेगी। बैलेंस बनाना आना चाहिए।
8. एक्टिविटी और एंगेजमेंट बढ़ाएँ
मेरा एक दोस्त हफ्ते में सिर्फ एक पोस्ट डालता है, मगर ऐसी कि 100+ कमेंट्स आ जाते हैं। कैसे? वो करंट टॉपिक्स पर अपनी एक्सपर्ट राय देता है। आपको डेली पोस्ट करने की जरूरत नहीं – मगर जब भी करें, दमदार करें। और सच बताऊँ? कभी-कभी सवाल पूछ लेना भी बढ़िया तरीका है। लोग जवाब देना पसंद करते हैं!
9. कस्टम URL बनाकर प्रोफाइल को यूनिक बनाएँ
अरे यार, मेरी पहली URL थी – linkedin.com/in/john-xy123456789! बिल्कुल स्पैम जैसी लगती थी। फिर सीखा कि अपना नाम + प्रोफेशन सबसे बेस्ट कॉम्बिनेशन है। अब मेरी URL देखकर ही लोग समझ जाते हैं कि मैं क्या करता हूँ। छोटी सी बात, पर बड़ा फर्क पड़ता है। ट्राई करके देखिए!
10. नेटवर्किंग पर ध्यान दें
यहाँ मैं गलती कर बैठा था – सैकड़ों कनेक्शन्स, पर किसी से बात नहीं। फिर एक दिन एक HR ने मुझे बताया: “LinkedIn फेसबुक नहीं है, यहाँ नंबर्स नहीं, रिलेशन्स मायने रखते हैं।” तो अब मैं हर हफ्ते 2-3 लोगों को पर्सनल मैसेज भेजता हूँ। कोई आर्टिकल पसंद आया? कमेंट कर दीजिए। कोई नया कनेक्शन बना है? थोड़ी सी बातचीत कर लीजिए। यही तो जादू है!
तो दोस्तों, ये थे वो 10 टिप्स जिन्होंने मेरा और मेरे सर्कल का LinkedIn गेम बदल दिया। एक बात और – परफेक्ट प्रोफाइल बनाने में महीनों न लगाएँ। छोटे-छोटे स्टेप्स लीजिए, रोज थोड़ा सा अपडेट कीजिए। और हाँ… जब पहला रिक्रूटर कॉल आएगा, तो मुझे याद जरूर करना! 😉
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1. LinkedIn प्रोफाइल बनाते वक्त सबसे पहले क्या करें?
सच कहूं तो, एक अच्छी LinkedIn प्रोफाइल की नींव दो चीज़ों से बनती है – एक ऐसी फोटो जिसमें आप professional लगें (न कि शादी वाले सूट में!) और एक headline जो सीधे दिमाग में घुस जाए। ये दोनों मिलकर आपकी पहली पहचान बनाते हैं। और हां, recruiters तो इन्हें देखकर ही swipe करते हैं, है न?
2. क्या LinkedIn पर ज्यादा connections का मतलब ज्यादा success?
देखिए, 500+ connections दिखाने से अच्छा लगता है, ये तो सच है। लेकिन असल सवाल ये है – क्या ये सभी connections useful हैं? मेरा मानना है कि 100 relevant connections (जैसे आपके industry के लोग, पुराने colleagues, या recruiters) 1000 random लोगों से कहीं बेहतर हैं। Quality over quantity, हमेशा!
3. LinkedIn profile को search में ऊपर कैसे लाएं?
अरे भाई, यहां SEO की बारी आती है! अपनी profile में उन keywords को naturally घुमाइए जो आपकी job role या skills से मेल खाते हों। सिर्फ headline में नहीं – about section और experience में भी इन्हें बिखेर दीजिए। ऐसा करने पर recruiters की search list में आप ऊपर आने लगेंगे। मजा आ जाएगा!
4. क्या LinkedIn पर रोज-रोज आना जरूरी है?
सुनिए, अगर आपको लगता है कि profile बनाकर छोड़ देना काफी है, तो फिर… नहीं, ऐसा बिल्कुल नहीं है! हफ्ते में 2-3 बार कुछ meaningful posts share करें, दूसरों के content पर genuine comments दें। ये algorithm को दिखाता है कि आप active हैं – और फिर वो आपको और लोगों तक पहुंचाने लगता है। छोटी-छोटी बातें, बड़ा फर्क!
Source: News18 Hindi – Nation | Secondary News Source: Pulsivic.com