“अब जंग जीतनी है तो बदलना होगा!” – CDS अनिल चौहान का बयान और हमारी सेना की नई चुनौतियाँ
अरे भाई, क्या आपने CDS जनरल अनिल चौहान के ताज़ा बयान पर गौर किया? दिल्ली में ‘एनुअल ट्राइडेंट लेक्चर’ के दौरान उन्होंने जो कहा, वो सचमुच सोचने पर मजबूर कर देने वाला है। असल में बात ये है कि अब पुराने तरीकों से काम नहीं चलेगा। युद्ध का मैदान बदल चुका है, और हमें भी बदलना होगा – रणनीति से लेकर तकनीक तक, हर स्तर पर।
मजे की बात ये है कि ये बयान ऐसे वक्त में आया है जब चीन की शरारतें और पाकिस्तान की हरकतें थमने का नाम ही नहीं ले रही। लेकिन सिर्फ यही नहीं… अब तो ड्रोन्स, साइबर वॉरफेयर जैसी चीजें भी मैदान में आ गई हैं। आत्मनिर्भर भारत की बात तो अच्छी लगती है, पर CDS साहब सही कह रहे हैं – अभी तो बस शुरुआत है!
जनरल चौहान ने कुछ बेहद अहम बातें कहीं। सुनिए न:
– अब सिर्फ बंदूकें और टैंक भर से काम नहीं चलेगा
– साइबर स्पेस और अंतरिक्ष में भी लड़ाई होगी (है न नई बात?)
– सीमा पर इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करना होगा
– AI और ड्रोन टेक्नोलॉजी में निवेश ज़रूरी
सबसे बड़ी बात? तीनों सेनाओं को मिलकर काम करना होगा। एकदम टीम इंडिया की तरह!
अब विशेषज्ञ क्या कह रहे हैं? ज़्यादातर तो इस बयान की तारीफ़ कर रहे हैं। सच भी तो है – 21वीं सदी में 20वीं सदी की रणनीतियाँ कैसे चलेंगी? हालाँकि… कुछ लोग सवाल भी उठा रहे हैं। जैसे कि क्या सरकार इतने बड़े बदलाव के लिए तैयार है? वहीं जूनियर अधिकारियों का उत्साह देखने लायक है। उनका कहना है कि नई टेक्नोलॉजी से न सिर्फ हम मजबूत होंगे, बल्कि हमारे जवानों की सुरक्षा भी बढ़ेगी।
तो अब क्या? सूत्रों की मानें तो जल्द ही एक विस्तृत एक्शन प्लान आ सकता है। पर सवाल ये है कि क्या हमारा रक्षा बजट इतने बड़े बदलाव को संभाल पाएगा? निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ानी होगी। और हाँ… चीन-पाक तो बस मौके की ताक में हैं। CDS साहब का ये बयान एक तरह से अलार्म बेल है – समय आ गया है बदलने का, वरना पिछड़ जाएँगे!
क्या आपको नहीं लगता कि अब वाकई सेना में बड़े बदलाव की ज़रूरत है? कमेंट में बताइएगा ज़रूर!
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Source: News18 Hindi – Nation | Secondary News Source: Pulsivic.com