“ट्रंप का रूसी राष्ट्रपति पर तीखा हमला: ‘वो बातें अच्छी करते हैं, लेकिन रात के अंधेरे में बम बरसाते हैं'”

ट्रंप ने पुतिन को सुनाई खरी-खरी: “दिन में तो शांति की बातें, रात को उड़ा देते हैं बम!”

अरे भई, डोनाल्ड ट्रंप फिर से सुर्खियों में हैं – और इस बार उनका निशाना है व्लादिमीर पुतिन! सच कहूं तो ट्रंप का यह बयान किसी बम से कम नहीं: “यार ये पुतिन साहब दिन भर तो शांति की गप्पें मारते हैं, पर रात के अंधेरे में missile उड़ाने से बाज नहीं आते।” है ना तीखा? और सही भी तो है – यूक्रेन में तो हालात दिन-ब-दिन बिगड़ते जा रहे हैं, जहां पिछले कुछ हफ्तों से civilian areas पर हमले हो रहे हैं। ट्रंप ने जहां पुतिन को खरी-खरी सुनाई, वहीं युद्ध खत्म करने की अपील भी की। पर सवाल यह है कि क्या पुतिन सुनेंगे?

क्या सच में बदल गया ट्रंप का स्टैंड?

देखिए ना, यूक्रेन-रूस वाली यह जंग तो फरवरी 2022 से चल रही है – हज़ारों मौतें, बर्बाद हुए शहर… पर हैरानी की बात यह कि ट्रंप तो पहले पुतिन के बड़े फैन लगते थे! अपने presidential tenure के दौरान तो उन्हें खूब सराहते थे। लेकिन अब? अब तो बिल्कुल ही अलग सुर में बोल रहे हैं। विश्लेषकों का कहना है कि power plants और residential areas पर हुए recent attacks ने ट्रंप को मजबूर कर दिया। एक तरफ तो diplomacy की बातें, दूसरी तरफ missiles… समझ नहीं आता किस पर यकीन करें!

ट्रंप के बयान की खास बातें

अब ज़रा गौर से सुनिए ट्रंप ने क्या-क्या कहा:
“पुतिन तो मीटिंग्स में गांधी जी बन जाते हैं, लेकिन असल में तो ये…”
और फिर उन्होंने पुतिन पर ‘दोगलेपन’ का आरोप लगाया। सच्चाई यही है ना? Table पर बातें अलग, ground पर एक्शन अलग। इस बीच अमेरिका ने यूक्रेन को और military aid देने का फैसला किया है। पर क्या यह युद्ध रुकेगा? शायद नहीं…

दुनिया ने क्या कहा?

अब बात करें reactions की तो… रूसी media तो ट्रंप के बयान को ‘अमेरिकी चुनावी ड्रामा’ बता रहा है। वहीं ज़ेलेंस्की ने इसे सही ठहराया है: “पूरी दुनिया को रूस के खिलाफ खड़ा होना चाहिए।” अमेरिका में? Republicans खुश हैं, Democrats याद दिला रहे हैं कि ट्रंप खुद तो पहले पुतिन के साथ हाथ में हाथ डाले फिरते थे! क्या कहें… राजनीति है, सब चलता है!

आगे क्या होगा?

अब सवाल यह कि ट्रंप का यह बयान क्या बदलेगा? 2024 elections पर तो असर पड़ेगा ही। यूक्रेन को शायद और military equipment मिले। पर पुतिन? उन पर कोई फर्क पड़ेगा? मुश्किल लगता है। ये तो वही हैं ना जो… आप समझ ही गए होंगे।

एक बात तो तय है – यह सिर्फ यूक्रेन-रूस की लड़ाई नहीं रही। पूरी दुनिया की ताकतें इससे प्रभावित हो रही हैं। और ट्रंप ने तो इस आग में घी ही डाल दिया है!

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Source: Aaj Tak – Home | Secondary News Source: Pulsivic.com

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