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ट्रंप vs मस्क: जुबानी जंग में टेस्ला के शेयर धड़ाम, अरबों का नुकसान!

ट्रंप vs मस्क: जब दो बड़े अहंकार टकराए तो क्या हुआ? टेस्ला के शेयरों ने लगाई डुबकी!

अरे भई, क्या सीन है! पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और टेस्ला के सीईओ एलन मस्क – दोनों ही अपने-अपने मैदान के बादशाह। लेकिन जब ये दोनों आमने-सामने आते हैं, तो वॉल स्ट्रीट का बाजार डगमगाने लगता है। हाल ही में ट्रंप ने मस्क को लेकर एक ऐसा बयान दिया जिसने सबकी नींद उड़ा दी – कहा कि वो मस्क को निर्वासित करने पर विचार कर सकते हैं! सुनकर ही टेस्ला के शेयरों ने ऐसी छलांग लगाई, लेकिन नीचे की तरफ। अरे यार, एक बयान ने क्या-क्या कर दिया – निवेशकों में दहशत, मीडिया में तूफान, और कंपनी का बाजार पूंजीकरण अरबों डॉलर तक सिमट गया। क्या बात है न?

पूरी कहानी क्या है?

देखिए, ये विवाद अचानक से नहीं उठा। ये तो धीरे-धीरे पक रहा था, जैसे धीमी आंच पर पकने वाली दाल। जून में ही ट्रंप ने मस्क को मिलने वाले सरकारी अनुबंधों में कटौती की धमकी दे दी थी। असल में मस्क का ट्विटर (अब X) का अधिग्रहण और उनकी राजनीतिक टिप्पणियां ट्रंप को पच नहीं रही थीं। और हाल ही में जब मस्क ने खुलकर ट्रंप की आलोचना की, तो ये आग में घी डालने जैसा हो गया। सच कहूं तो, दोनों ही अपनी-अपनी जगह बिल्कुल सही हैं… या फिर दोनों ही गलत। समझ नहीं आता!

वह बयान जिसने तबाही मचा दी

मंगलवार को हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में जब ट्रंप से सीधे पूछा गया कि क्या वो मस्क को निर्वासित करने पर विचार कर रहे हैं, तो उनका जवाब था – “मुझे नहीं पता। हमें इस पर विचार करना होगा।” बस फिर क्या था! मीडिया वालों के लिए तो जैसे दिवाली आ गई। लेकिन असली मज़ा तो टेस्ला के शेयरधारकों को चखना पड़ा – 5% से ज्यादा की गिरावट! अरे भाई, इतने में तो किसी की नींद ही उड़ जाए। बाजार के जानकारों का कहना है कि ये अस्थिरता का संकेत है। मतलब साफ है – अभी और उथल-पुथल हो सकती है।

किसने क्या कहा?

इस पूरे मामले पर सबकी अपनी-अपनी राय है। वॉल स्ट्रीट के विश्लेषक तो ये कह रहे हैं कि ये टकराव लंबे समय तक निवेशकों के विश्वास को प्रभावित कर सकता है। सोशल मीडिया पर तो जैसे माहौल गरमा गया है – एक तरफ मस्क के फैंस इसे “अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला” बता रहे हैं, तो दूसरी तरफ ट्रंप के समर्थक इसे “देशहित” का मामला बता रहे हैं। और हैरानी की बात ये कि टेस्ला की तरफ से अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। क्या मस्क सच में चुप्पी साधे बैठे हैं, या फिर कोई बड़ा चाल चल रहे हैं?

आगे क्या होगा? आपकी राय?

अब सवाल यह है कि ये सब आगे कहाँ जाएगा? फाइनेंस एक्सपर्ट्स की मानें तो टेस्ला के शेयरों में और गिरावट आ सकती है। और 2024 के अमेरिकी चुनावों में ये मुद्दा गरमा सकता है, क्योंकि मस्क का युवा वोटर्स पर काफी प्रभाव है। मस्क अब क्या करेंगे? क्या वो ट्रंप से बातचीत करेंगे, या फिर कोर्ट-कचहरी का रास्ता अपनाएंगे? आपको क्या लगता है?

अंत में: ये सिर्फ दो बड़े लोगों की लड़ाई नहीं है। ये तो पूरी अमेरिकी अर्थव्यवस्था और टेक इंडस्ट्री के लिए एक बड़ा सवाल खड़ा कर देता है। एक राजनेता के बयान ने एक टेक कंपनी को कैसे हिला दिया, ये साबित करता है कि आज की दुनिया में राजनीति और बिजनेस एक-दूसरे से गहरे जुड़े हुए हैं। सच कहूं तो, ये तो सिर्फ शुरुआत है!

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देखा जाए तो, ट्रंप और मस्क के बीच यह जुबानी जंग सिर्फ सुर्खियाँ ही नहीं बटोर रही, बल्कि टेस्ला के शेयरों को भी धड़ाम करने पर तुली हुई है। सच कहूँ तो, अरबों डॉलर का यह नुकसान देखकर लगता है कि बड़े-बड़े नामों की एक-आध बयानबाज़ी भी Market को कैसे हिलाकर रख देती है। Investors के लिए तो यह मामला पूरा सबक बन गया है – Social Media और Public Statements को कभी हल्के में नहीं लेना चाहिए।

अब सवाल यह है कि आगे क्या? असल में, अब पूरी बॉल मस्क और टेस्ला की टीम के कोर्ट में है। वो कैसे इस आग को शांत करते हैं, कैसे Investors का भरोसा वापस लाते हैं… यह देखना दिलचस्प होगा। क्योंकि अब तो बात सिर्फ शेयर प्राइस की नहीं, बल्कि कंपनी की विश्वसनीयता की भी हो गई है।

और हाँ, एक बात और – क्या आपने नोटिस किया कि आजकल ये सोशल मीडिया वॉर कितनी जल्दी असली दुनिया पर असर डालने लगे हैं? जैसे कोई ट्वीट करे और बस… Market हिल जाए! थोड़ा डरावना भी है, है न?

Source: Aaj Tak – Home | Secondary News Source: Pulsivic.com

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