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ट्रंप और पैरामाउंट के बीच $20B के ’60 मिनट्स’ मुकदमे का समाधान? अदालती दस्तावेजों में खुलासा

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ट्रंप और पैरामाउंट का 1.6 लाख करोड़ वाला ’60 मिनट्स’ मुकदमा: क्या अब शांति होगी?

अमेरिकी राजनीति और मीडिया की दुनिया में एक बवाल सा मचा हुआ है। सोचिए, डोनाल्ड ट्रंप और Paramount Global (जो CBS की पैरेंट कंपनी है) के बीच 20 बिलियन डॉलर यानी हमारे लगभग 1.6 लाख करोड़ रुपये का मुकदमा चल रहा है! अदालती कागजात से पता चला है कि दोनों पक्ष अब इस झगड़े को कोर्ट के बाहर सुलझाने की कोशिश कर रहे हैं। “Good faith” में बातचीत चल रही है, पर सवाल यह है कि क्या यह सच में काम करेगा? यह सारा विवाद तो 2020 में शुरू हुआ था, जब CBS के मशहूर शो “60 Minutes” ने ट्रंप का एक इंटरव्यू दिखाया था। ट्रंप का दावा? कि उन्हें जानबूझकर बदनाम करने के लिए एडिट किया गया। सच क्या है? वो तो अदालत ही बताएगी।

यह सारा झगड़ा क्यों शुरू हुआ?

कहानी तब शुरू होती है जब CBS ने कमला हैरिस का एक इंटरव्यू प्रसारित किया। ट्रंप की शिकायत? कि उनके हिस्से को जानबूझकर गलत तरीके से काट-छांट कर दिखाया गया। उनका कहना है कि इससे उनकी छवि धूमिल हुई और राजनीतिक नुकसान हुआ। और फिर क्या? 20 बिलियन डॉलर का मुकदमा ठोक दिया! यह रकम इतनी बड़ी है कि अमेरिकी मीडिया इतिहास में शायद ही किसी ने ऐसी मांग की हो। सच कहूं तो यह तो हद ही हो गई।

क्या समझौता हो पाएगा?

देखिए, अदालती कागजात तो यही कहते हैं कि दोनों तरफ से वकील गंभीरता से बातचीत कर रहे हैं। ट्रंप साइड तो पैसे के साथ-साथ CBS को पक्षपाती करार देने पर अड़ी हुई है। वहीं Paramount Global की तरफ से अभी तक कोई ऑफिशियल बयान नहीं आया है। पर मीडिया वालों की मानें तो कंपनी कोर्ट की लंबी लड़ाई से बचना चाहती है। समझौते की संभावना? 50-50। क्योंकि ट्रंप तो ट्रंप हैं – समझौता करना उनके स्वभाव में है या नहीं, यह तो वक्त ही बताएगा।

लोग इस पर क्या कह रहे हैं?

इस मामले ने अमेरिका में तूफान सा ला दिया है। ट्रंप के चाहने वाले इसे “fake news” के खिलाफ एक जीत के रूप में देख रहे हैं। वहीं मीडिया एक्सपर्ट्स की राय अलग है – उनका मानना है कि यह केस दिखाता है कि मीडिया और राजनीति के बीच का तनाव कितना बढ़ गया है। कानून जानकार तो यहां तक कह रहे हैं कि अगर यह मामला कोर्ट में गया तो इसका असर अमेरिकी पत्रकारिता के भविष्य पर पड़ सकता है। सच कहूं तो यह सिर्फ एक मुकदमा नहीं, बल्कि एक बड़ी लड़ाई का प्रतीक बन गया है।

अब आगे क्या?

अगले कुछ हफ्ते बेहद अहम होंगे। अगर समझौता हो जाता है तो ठीक, वरना? फिर तो लंबी कानूनी लड़ाई शुरू होगी। गवाह, सबूत, क्रॉस-एग्जामिनेशन – सब कुछ। कई लोग तो यहां तक कह रहे हैं कि इस केस का नतीजा भविष्य में मीडिया और सेलिब्रिटीज़ के झगड़ों के लिए एक मिसाल बनेगा। सच तो यह है कि सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या अमेरिका के सबसे विवादित राष्ट्रपति और एक बड़ी मीडिया कंपनी के बीच यह झगड़ा शांत होगा, या फिर यह एक और लंबी कहानी का पहला अध्याय साबित होगा।

एक बात तो तय है – यह मामला सिर्फ पैसे का नहीं, बल्कि अहंकार और सत्ता का खेल है। और जैसा कि हम जानते हैं, यह खेल बहुत गंदा हो सकता है।

ट्रंप vs पैरामाउंट $20B ’60 मिनट्स’ मुकदमा: जानिए पूरा माजरा

अरे भाई, अमेरिकी राजनीति और बॉलीवुड ड्रामे में क्या फर्क है? दोनों ही रोज नए-नए विवाद लेकर आते हैं! और अब ये नया मामला – 20 अरब डॉलर का ’60 मिनट्स’ विवाद। सुनने में ही दिलचस्प लगता है न? चलिए, बिना समय गंवाए समझते हैं पूरा मसला।

1. असल में झगड़ा किस बात पर है?

देखिए, बात यह है कि ट्रंप साहब और पैरामाउंट ग्लोबल के बीच ’60 मिनट्स’ शो को लेकर कुछ जमीन-आसमान के वादे हुए थे। अब ट्रंप का कहना है कि कंपनी ने उनके साथ धोखा किया। वैसे तो ये बड़े लोगों के झगड़े हैं, लेकिन इतने बड़े अमाउंट की बात हो तो सुनने वालों के कान खड़े हो जाते हैं। सच ना?

2. कोर्ट के कागजात में क्या चटपटा सामने आया?

अब यहाँ मजा आ गया! कोर्ट डॉक्यूमेंट्स से पता चला कि दोनों पक्षों ने कुछ गुप्त बातचीत की थी। ठीक वैसे ही जैसे हमारे यहाँ शादी-विवाह में रिश्तेदार गुप्त मीटिंग करते हैं। एक नया रास्ता भी निकाला गया, पर… अंत तक बात नहीं बनी। क्या आपको नहीं लगता कि ये सब बहुत फिल्मी लग रहा है?

3. क्या ट्रंप इस बार बच निकलेंगे?

ईमानदारी से कहूँ तो, यह कहना मुश्किल है। एक्सपर्ट्स की राय अलग-अलग है। पर एक बात दिलचस्प है – कुछ लीगल डॉक्यूमेंट्स ऐसे हैं जो ट्रंप के पक्ष में जाते दिख रहे हैं। पर याद रखिए, अदालती मामलों में कुछ भी तय नहीं होता जब तक फैसला न आ जाए। आपका क्या ख्याल है?

4. पैरामाउंट के शेयरों पर क्या असर पड़ा?

शुरू में तो शेयर्स ने डुबकी लगाई – जैसे कोई नया साला ससुराल पहली बार आया हो! लेकिन अब स्थिति सामान्य हो गई है। मार्केट को लग रहा है कि आखिरकार दोनों पक्ष समझौता कर लेंगे। वैसे भी, ये बड़ी कंपनियाँ हैं – इनके झगड़े भी बिजनेस का हिस्सा होते हैं। है न?

तो ये थी पूरी कहानी संक्षेप में। अगर आपको लगता है कि मैंने कोई पॉइंट मिस किया है, तो कमेंट में जरूर बताइएगा। और हाँ, अगर आपको यह जानकारी उपयोगी लगी हो तो शेयर जरूर करें!

Source: NY Post – Business | Secondary News Source: Pulsivic.com

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