trump says hassett warsh top fed contenders 20250807022824962742

ट्रंप ने कहा – हैसेट और वार्श हैं फेड चेयर के प्रमुख दावेदार!

ट्रंप का बयान: फेड चेयर के लिए Hassett और Warsh सबसे आगे? सच या सियासत?

अमेरिकी राजनीति में फिर से Federal Reserve (फेड) की कुर्सी को लेकर बवाल मचा हुआ है। और इस बार डोनाल्ड ट्रंप ने बात को और दिलचस्प बना दिया है। उनका ताजा बयान कुछ यूँ है – Kevin Hassett और Kevin Warsh अगले फेड चेयर के टॉप कंटेंडर्स हैं! ये बयान ऐसे वक्त पर आया है जब Jerome Powell का कार्यकाल खत्म होने को है। सवाल यह है कि क्या ये सिर्फ एक राजनीतिक चाल है या फिर सच में कुछ होने वाला है?

ये सारा ड्रामा क्यों मायने रखता है?

देखिए, Federal Reserve को समझना हो तो इसे अमेरिकी अर्थव्यवस्था का दिमाग मान लीजिए। ब्याज दरें, पैसे की सप्लाई – ये सब इन्हीं के हाथ में होता है। Jerome Powell 2018 से इसकी कमान संभाल रहे हैं, लेकिन अब जब उनका टर्म खत्म हो रहा है, तो अंदर ही अंदर सियासत शुरू हो गई है।

अब ट्रंप जिन दोनों नामों को आगे कर रहे हैं, वो कोई मामूली लोग नहीं हैं। Kevin Hassett ट्रंप के कार्यकाल में Council of Economic Advisers के चेयरमैन रह चुके हैं। वहीं Kevin Warsh का तो फेड से पुराना नाता है – 2006 से 2011 तक गवर्नर रहे हैं। मजे की बात ये है कि ट्रंप और पॉवेल की पहले भी नहीं बनी है। ब्याज दरों को लेकर उनके बीच तनाव रहा है। तो अब आप समझ सकते हैं कि ये बयान क्यों चर्चा में है!

राजनीति की गर्मागर्मी: किसने क्या कहा?

ट्रंप ने तो जैसे पूरा पेंडोरा बॉक्स ही खोल दिया। सिर्फ Hassett और Warsh को आगे करना ही नहीं, बल्कि पॉवेल पर सीधा हमला भी बोल दिया। उनका कहना है कि पॉवेल की नीतियों ने अमेरिकी अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुँचाया है। और तो और, Republican Party के कई नेता भी इस बयान का समर्थन करने लगे हैं।

लेकिन दूसरी तरफ Democratic Party वालों ने इसे “Federal Reserve में राजनीतिक दखल” बताया है। कुछ विश्लेषक तो ये भी कह रहे हैं कि ये सब 2024 के चुनाव से पहले ट्रंप की चाल हो सकती है। क्या आपको भी ऐसा लगता है?

अब आगे क्या? बाइडेन के हाथ में है फैसला

अब सारी निगाहें जो बाइडेन पर टिकी हैं। उन्हें ही तय करना है कि Federal Reserve की कमान किसे सौंपी जाए। अगर Hassett या Warsh को यह जिम्मेदारी मिलती है, तो एक्सपर्ट्स का मानना है कि फेड की नीतियों में कंजर्वेटिव बदलाव आ सकते हैं। और ये बदलाव सिर्फ अमेरिका तक सीमित नहीं रहेगा – पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर इसका असर पड़ेगा।

सच कहूँ तो, Federal Reserve में होने वाला कोई भी बदलाव inflation, employment और economic growth जैसे मुद्दों को नए सिरे से परिभाषित कर सकता है। और तो और, अमेरिकी डॉलर की वैश्विक स्थिति पर भी इसका असर पड़ सकता है। कुल मिलाकर, ये कोई छोटी-मोटी बात नहीं है।

इस ड्रामे के अगले एपिसोड के लिए हमारे साथ जुड़े रहिए। क्योंकि यहाँ कुछ भी हो सकता है!

ट्रंप का बयान और फेड चेयर की दावेदारी: जानिए क्या है पूरा मामला!

अरे भाई, ट्रंप साहब फिर चर्चा में हैं! इस बार फेड चेयर की कुर्सी को लेकर। तो क्या सच में Jerome Powell के बाद Kevin Hassett और Judy Shelton (जिन्हें वार्श भी कहते हैं) अगले दावेदार हो सकते हैं? चलिए, बात करते हैं…

1. ट्रंप ने किन्हें टॉप कंटेंडर बताया?

देखिए, ट्रंप ने कोई रॉकेट साइंस तो नहीं किया। बस एक इंटरव्यू में दो नाम उछाले – Kevin Hassett और Judy Shelton। लेकिन यहाँ ध्यान देने वाली बात ये है कि ये कोई ऑफिशियल नियुक्ति नहीं, बस एक संकेत भर है। असल में, फेड चेयर जैसी जगहों पर तो राजनीति भी खूब चलती है, है न?

2. कौन हैं ये Hassett और Shelton?

अब जरा इन दोनों को समझ लेते हैं। Kevin Hassett को तो आप ट्रंप के पुराने economic advisor के तौर पर जानते ही होंगे। एकदम घोर अर्थशास्त्री। वहीं Judy Shelton… उन पर तो बातचीत अलग ही है! conservative विचारधारा वाली ये economist सोने के मानक (gold standard) की बड़ी supporter मानी जाती हैं। सच कहूँ तो, इनका नाम सुनकर मार्केट वालों के होश उड़ गए!

3. फेड चेयर की नियुक्ति कैसे होती है?

यहाँ थोड़ा सिस्टम समझ लीजिए। US President नाम सुझाते हैं, फिर Senate उसे मंजूरी देती है। सुनने में तो सीधा लगता है, लेकिन भई… ये प्रक्रिया उतनी आसान नहीं! इसमें राजनीति, लॉबीइंग, कॉरपोरेट दबाव – सब चलता है। ठीक वैसे ही जैसे हमारे यहाँ किसी PSU का चेयरमैन बनने के लिए खींचतान होती है!

4. क्या यह बयान कुछ तय कर देता है?

अरे नहीं भाई! ये तो बस ट्रंप का अपना मन भर है। Official announcement? अभी तो बहुत दूर की कौड़ी है। वैसे भी, ट्रंप तो रोज कुछ न कुछ बोल ही देते हैं। असली फैसला तो अभी बाकी है, और इसमें वक्त लगेगा। देखना ये है कि Senate वाले मानेंगे भी या नहीं!

तो क्या सच में फेड को नया चेहरा मिलेगा? या फिर ये सब बयानबाजी ही रह जाएगी? वक्त बताएगा… फिलहाल तो बस इतना ही!

Source: Financial Times – Global Economy | Secondary News Source: Pulsivic.com

More From Author

india global mindspace pm modi vision 20250807015233882232

“भारत को कैसे बनाएं दुनिया की मानसिकता का केंद्र? PM मोदी का विजन”

delhi ncr heatwave no rain cooler fan fail tips 20250807025258177327

दिल्‍ली-NCR में बारिश नहीं, पसीने से तर-बतर! पंखा-कूलर भी फेल, जानें कैसे बचें इस भीषण गर्मी से

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recent Comments