टैरिफ पर ट्रंप का U-टर्न: क्या सच में है 7 दिन की मोहलत में? या फिर चुनावी चाल चल रही है?
अरे भई, अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने तो फिर से वही किया जिसके लिए मशहूर हैं – अचानक से सरप्राइज दे दिया! भारत समेत 69 देशों पर लगने वाले नए टैरिफ को 7 अगस्त तक के लिए रोक दिया है। लेकिन यहाँ पेंच है – हमारे पड़ोसी देशों जैसे पाकिस्तान और बांग्लादेश पर टैरिफ कम है, जबकि भारत को 25% का झटका लगने वाला है। अब सवाल यह है कि यह सच में राहत है या फिर अमेरिकी चुनावों से पहले की कोई चाल? सच कहूँ तो, यह फैसला आर्थिक से ज्यादा राजनीतिक लग रहा है।
पीछे की कहानी: कैसे ‘America First’ ने बदला ट्रेड का गेम?
देखिए, इसे समझने के लिए Trump के ‘America First’ policy को समझना होगा। पिछले चार साल से ये लोग बस एक ही राग अलाप रहे हैं – “हमारा ट्रेड डेफिसिट कम होना चाहिए!” और इसी बहाने हर किसी पर टैरिफ लगा दिया। भारत के साथ भी यही हुआ – पहले स्टील-एल्युमिनियम पर टैक्स, फिर GSP (Generalized System of Preferences) खत्म, और अब यह नया झटका। साफ दिख रहा है न कि अमेरिका अपने फायदे के लिए कुछ भी कर सकता है।
7 दिन की मोहलत: क्या होगा इस बीच?
अब इस पूरे मामले में सबसे मजेदार बात यह है कि सिर्फ 7 दिन की मोहलत क्यों? क्या ये कोई जादू की अंगूठी है जो 7 दिन में सब ठीक कर देगी? विशेषज्ञ कह रहे हैं कि शायद यह समय चल रही trade negotiations के लिए है। लेकिन हैरानी की बात तो यह है कि पाकिस्तान पर सिर्फ 3-5% टैरिफ है! यानी साफ-साफ दिख रहा है कि भारत को दबाने की कोशिश चल रही है। क्या यह किसी डील के लिए जबरदस्ती करने की रणनीति है? शायद।
क्या कह रही है दिल्ली और वाशिंगटन की गलियारें?
इस फैसले पर भारत में हर कोई अपना-अपना राग अलाप रहा है। वाणिज्य मंत्रालय कह रहा है “यह तो बातचीत का हिस्सा है”, जबकि विपक्ष सरकार पर निशाना साध रहा है। FICCI जैसे उद्योग संगठनों की चिंता समझ आती है – pharmaceutical और handicraft सेक्टर को तो खासा नुकसान हो सकता है। वहीं अमेरिका में भी बहस चल रही है। कई लोग मान रहे हैं कि यह Trump की election strategy है – नवंबर के चुनाव से पहले ट्रेड वॉर के मुद्दे को टालना चाहते हैं। स्मार्ट मूव, है न?
आगे क्या? क्या ट्रेड वॉर की तैयारी है?
p>अगले हफ्ते की वार्ताएं बहुत कुछ तय करेंगी। अगर यह 25% टैरिफ लगा तो हमारे MSME सेक्टर के लिए मुश्किल हो जाएगा। एक तरफ तो हमें अपने export markets को diversify करने की जरूरत है, दूसरी तरफ यह पूरा मामला एक बड़ी सच्चाई बता रहा है – आजकल global economy में राजनीति हावी होती जा रही है। economic decisions अक्सर political वजहों से प्रभावित हो रहे हैं। सच कहूँ तो, यह टैरिफ विवाद सिर्फ भारत-अमेरिका रिश्तों की परीक्षा नहीं, बल्कि पूरी वैश्विक व्यवस्था में आ रहे बदलाव का संकेत है। और हाँ, ये आने वाले 7 दिन न सिर्फ हमारे exporters बल्कि पूरी दुनिया की economy के लिए अहम साबित होंगे। देखते हैं, Trump इस बार कौन सा जोक मारते हैं!
टैरिफ पर ट्रंप का U-टर्न: जानिए क्या है पूरा माजरा?
1. ट्रंप ने अचानक टैरिफ में U-टर्न क्यों ले लिया?
अरे भई, ये ट्रंप साहब तो बड़े ही अनपेडिक्टेबल हैं ना? एक तरफ तो पिछले कुछ महीनों से टैरिफ बढ़ाने की धमकी दे रहे थे, और अब ये U-टर्न! असल में, देखा जाए तो ये चुनावी दबाव का खेल है। वो भी क्या करें, आखिर voters को तो खुश रखना ही पड़ेगा। कुछ experts तो ये भी कह रहे हैं कि अमेरिकी businesses और आम consumers की चिल्लाहट ने भी उन्हें झुकाया होगा। सच क्या है? शायद दोनों ही बातें सही हों।
2. 7 दिन की ये मोहलत… समझिए इसका असली मतलब
ये ‘7 दिन’ वाली बात सुनकर मुझे तो वो पुरानी कहावत याद आ गई – “हाथी के दांत खाने के और, दिखाने के और”। कागज पर तो ये negotiation का टाइम है, लेकिन असल में ये एक तरह का cooling period है। एक हफ्ते में क्या-क्या हो सकता है? कोई नया deal, कोई समझौता… या फिर वही ढाक के तीन पात! टाइम पास करने का तरीका है भाई।
3. क्या भारत भी इसका शिकार बनेगा?
अब ये सवाल तो बिल्कुल वाजिब है। सीधी बात – हां, प्रभाव तो पड़ेगा ही। भारत और अमेरिका के बीच पहले से ही टैरिफ को लेकर खींचतान चल रही है। लेकिन यहां एक silver lining भी है। अगर हमें भी ये 7 दिन की मोहलत मिल जाए, तो कम से कम सांस तो ले पाएंगे ना? पर याद रखिए, ये सिर्फ एक छोटी सी राहत होगी, permanent solution नहीं।
4. क्या सच में चुनावी दबाव ने ट्रंप को झुकाया?
ईमानदारी से कहूं तो… बिल्कुल! ये राजनीति है भाई, यहां हर फैसले के पीछे कोई न कोई calculation होता है। कुछ analysts तो ये तक कह रहे हैं कि ट्रंप अब ‘बुल्ली’ से ‘बुद्धिमान’ नेता बनना चाहते हैं। Official बयानों में अंतरराष्ट्रीय संबंधों की बात करेंगे, लेकिन ground reality कुछ और ही कहानी बयां करती है। आखिर 2020 का election भी तो आने वाला है ना?
Source: News18 Hindi – Nation | Secondary News Source: Pulsivic.com