तेजस्वी यादव और दो वोटर आईडी का सियासी तूफान: क्या है पूरा माजरा?
अरे भई, बिहार की राजनीति में मसाला तो कभी कम नहीं होता! इस बार RJD के युवा नेता तेजस्वी यादव फिर सुर्खियों में हैं – और वजह है उनके नाम से मिले दो वोटर आईडी कार्ड। सोशल मीडिया पर तूफान मचा हुआ है, चुनाव आयोग ने जांच शुरू कर दी है, और NDA वाले तो मानो जैसे मौके की तलाश में ही बैठे थे – FIR दर्ज करने की मांग कर डाली। पर सच क्या है? चलिए समझते हैं।
क्या है पूरा केस?
बात ये है कि तेजस्वी के नाम से दो वोटर आईडी मिले हैं – एक पटना के पते से, दूसरा दिल्ली के। अब सवाल यह है कि क्या ये गलती है या जानबूझकर? क्योंकि भारत के कानून में Section 17 साफ कहती है – एक व्यक्ति, एक वोटर ID। बस। ये नियम बना ही इसलिए है ताकि कोई एक से ज्यादा बार वोट न डाल सके। पर ऐसा हो कैसे गया? चुनाव आयोग की व्यवस्था में कोई चूक रह गई या फिर…?
राजनीति गरमाई
जैसे ही ये खबर आई, NDA वालों ने तो जैसे छापा मार लिया! “कानून तोड़ा है, सजा मिलनी चाहिए!” वहीं RJD का कहना है – “अरे ये तो पुराना मामला है, राजनीति कर रहे हैं ये लोग।” सच कहूं तो दोनों पक्षों के बयानों में इतना तीखापन था कि लगा जैसे बिहार की सियासत में नया मसाला पड़ गया हो। चुनाव आयोग वाले बीच में फंसे हुए हैं – “जांच कर रहे हैं” का स्टैंडर्ड जवाब देकर पल्ला झाड़ रहे हैं।
क्या कह रहे हैं लोग?
NDA के एक नेता तो बिल्कुल आग बबूला – “साफ कानून तोड़ा है, एक्शन लो!” RJD वाले बचाव में उतरे – “झूठे आरोप हैं, साजिश है!” बीच में चुनाव आयोग वाला बाबू – “हम देख रहे हैं…” वाली रट लगाए हुए है। असल में देखा जाए तो ये केस सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि पूरी तरह राजनीतिक बन चुका है।
आगे क्या होगा?
अगर जांच में सच सामने आया तो? Section 31 के तहत जुर्माना से लेकर जेल तक की सजा का प्रावधान है। पर मुझे लगता है, इससे भी ज्यादा दिलचस्प होगा इसका राजनीतिक असर। बिहार की सरकार पर क्या प्रभाव पड़ेगा? क्या ये मामला वोटर ID सिस्टम में सुधार लाएगा? ईमानदारी से कहूं तो अभी तो सिर्फ शुरुआत है।
एक बात तो तय है – ये केस हमें याद दिलाता है कि हमारी चुनाव प्रणाली में पारदर्शिता कितनी जरूरी है। अब देखना ये है कि चुनाव आयोग की रिपोर्ट क्या कहती है, और राजनेता इसका कैसे फायदा उठाते हैं। बिहार की सियासत… एकदम मस्त। सच में।
यह भी पढ़ें:
- Tejaswi Yadav Epic Number Changed Election Commission Rjd Row
- Tejashwi Yadav 2 Voter Cards Bjp Accusation Election Commission Epic Controversy
- 345 Political Parties Missing Election Commission Action
दो Voter ID रखना? सच में? यह सिर्फ गलत नहीं, बल्कि कानूनन जुर्म है। और अगर तेजस्वी यादव के मामले में आरोप सही निकले, तो भई… बड़ी मुश्किल हो सकती है उनके लिए। सजा हो या जुर्माना, परेशानी तो पक्की।
असल में बात यह है कि चुनावी प्रक्रिया हमारे लोकतंत्र की रीढ़ है। इसे साफ-सुथरा रखना हम सबकी जिम्मेदारी है। वैसे भी सोचो, अगर हर कोई दो-दो Voter ID बनाने लगे, तो क्या होगा? एक तरफ तो यह धोखाधड़ी है, दूसरी तरफ यह हमारे वोट की ताकत को कमजोर करता है।
अगर आपको कोई शक हो या जानकारी चाहिए, तो Election Commission की website पर जाएं। या फिर अपने इलाके के निर्वाचन कार्यालय में पूछताछ करें। बेहतर होगा कि सबकुछ कानून के दायरे में ही रखें। सच कहूं तो, ऐसी गलतियों से बचना ही समझदारी है!
भारत में दो वोटर आईडी रखने पर क्या होता है? पूरी जानकारी यहाँ!
1. क्या दो वोटर आईडी रखना सच में गुनाह है?
सीधा जवाब – हाँ, बिल्कुल! Representation of the People Act, 1950 की धारा 17 को पढ़ लीजिए, साफ लिखा है कि एक से ज्यादा constituency में वोटर नहीं बन सकते। अब सोचिए, अगर ऐसा होने दिया जाए तो चुनावों में क्या हालात हो जाएँगे? एक आदमी कई जगह वोट डालने लगेगा!
2. पकड़े गए तो क्या होगा? जेल तो नहीं जाना पड़ेगा?
देखिए, IPC की धारा 171-D बड़ी सख्त है – 1 साल की जेल या जुर्माना, या फिर दोनों! और सबसे डरावनी बात? यह cognizable offense है, यानी पुलिस को warrant की भी जरूरत नहीं। सीधे आपके पीछे पड़ जाएगी। ऐसी मुसीबत में कौन पड़ना चाहेगा भला?
3. तेजस्वी यादव वाला मामला क्या है? असलियत क्या है?
अभी तो बस आरोप है कि उनके पास दो वोटर आईडी हैं – एक दिल्ली वाली, एक बिहार वाली। अगर सच निकला तो? फिर तो बड़ी मुश्किल हो जाएगी ना! वोटर रजिस्ट्रेशन कैंसिल होगा, केस चलेगा… राजनीति में तो ऐसे मामले हमेशा बवाल खड़ा कर देते हैं।
4. अरे भई! गलती से दो आईडी बन गए हों तो?
घबराइए मत! गलतियाँ हो जाती हैं। तुरंत अपने इलेक्टोरल ऑफिस को बता दीजिए – online भी शिकायत कर सकते हैं। मैं एक दोस्त का केस जानता हूँ जिसने ऐसा ही किया था। समय रहते सुधार लिया तो कोई दिक्कत नहीं। लेकिन… अगर चुप रहे तो? फिर पछताना पड़ेगा!
एक सलाह और – अपना नाम electoral roll में चेक करते रहिए। कभी-कभी तो सिस्टम की गलती से भी ऐसा हो जाता है। सतर्क रहिए, सुरक्षित रहिए!
Source: News18 Hindi – Nation | Secondary News Source: Pulsivic.com