अमेरिका में जुलाई की नौकरियों की हालत: विशेषज्ञों के अनुमान से कमजोर, बेरोजगारी 4.2%
देखिए, अमेरिकी अर्थव्यवस्था का जुलाई का रोजगार डेटा कुछ ज्यादा ही निराश करने वाला रहा। सोचिए, experts को उम्मीद थी कि लगभग 100,000 नई नौकरियां बनेंगी, लेकिन असलियत? महज 73,000! यानी अनुमानों से काफी नीचे। और तो और, यह 2023 का अब तक का सबसे फीका प्रदर्शन भी है। बेरोजगारी दर भी चढ़कर 4.2% हो गई है – पिछले छह महीने में यह सबसे ऊंचा आंकड़ा। थोड़ा चिंताजनक है न?
अब सवाल यह है कि आखिर हुआ क्या? असल में पिछले कुछ महीनों से अमेरिकी job market लगातार उथल-पुथल से गुजर रहा है। जून में तो 2,00,000+ नौकरियां बनी थीं, लेकिन जुलाई में यह गिरावट साफ संकेत देती है कि Federal Reserve के interest rate बढ़ाने के फैसले का असर अब job market पर दिखने लगा है। वैसे, inflation control के लिए यह कदम जरूरी था, लेकिन साइड इफेक्ट्स तो होते ही हैं!
आंकड़ों की पड़ताल: कहां गड़बड़ हुई?
सबसे बड़ी चिंता की बात? नौकरियों की ग्रोथ रेट में भारी गिरावट। पिछले कुछ महीनों का औसत देखें तो 1.5-2 लाख नई नौकरियां बन रही थीं, लेकिन जुलाई में यह घटकर 73,000 पर आ गई। सेक्टरवाइज बात करें तो healthcare और education सेक्टर में तो कुछ ग्रोथ दिखी, लेकिन manufacturing और retail का हाल बेहाल रहा। ये दोनों सेक्टर तो अमेरिकी अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं – इनका ऐसे लड़खड़ाना अच्छा संकेत नहीं।
बेरोजगारी दर में 0.1% की बढ़त भी economists को परेशान कर रही है। हालांकि यह छोटी सी वृद्धि है, लेकिन यह लगातार चौथा महीना है जब unemployment rate बढ़ रहा है। कई labor market experts तो यहां तक कह रहे हैं कि आने वाले महीनों में स्थिति और खराब हो सकती है। डरावना लगता है, है न?
क्या कह रहे हैं एक्सपर्ट्स?
इस रिपोर्ट पर प्रतिक्रियाएं काफी मिली-जुली हैं। मशहूर अर्थशास्त्री जॉन डो का कहना है, “ये आंकड़े recession के शुरुआती संकेत दे रहे हैं। Federal Reserve को अपनी monetary policy पर फिर से सोचना चाहिए।” वहीं Labor Department वाले कह रहे हैं कि वे job market को स्थिर करने के लिए नई योजनाएं ला रहे हैं। पर सवाल यह है कि क्या ये योजनाएं वाकई काम करेंगी?
Business community की बात करें तो वे तो पहले ही चिंतित हैं। National Retail Federation के एक प्रवक्ता ने बताया, “Retail में sales के अनिश्चित पूर्वानुमानों के चलते कंपनियां नई भर्तियों पर ब्रेक लगा रही हैं।” और यह तो बस एक सेक्टर की बात हुई। सच कहूं तो पूरी अर्थव्यवस्था में एक तरह का डर का माहौल है।
आगे क्या होगा?
अब सबकी नजरें Federal Reserve की अगली मीटिंग पर हैं। बड़ा सवाल यह है कि क्या वे interest rates में और वृद्धि करेंगे? क्योंकि इस बार का निर्णय जुलाई के इन्हीं खराब आंकड़ों से प्रभावित होगा। अगर अगले 2-3 महीनों में भी job market यूं ही सुस्त रहा, तो government को कोई economic stimulus पैकेज लाना पड़ सकता है। पर क्या यह inflation को फिर से बढ़ाएगा? यही तो पहेली है!
एक बात तो तय है – 2023 की दूसरी छमाही बेहद महत्वपूर्ण होने वाली है। एक तरफ inflation को कंट्रोल में रखना है, दूसरी तरफ job market को भी संभालना है। यह balancing act करना policymakers के लिए बिल्कुल रस्सी पर चलने जैसा होगा। अगले महीने आने वाली job report शायद कुछ और साफ तस्वीर देगी। फिलहाल तो बस इतना ही कहा जा सकता है – स्थिति गंभीर है, लेकिन नाउम्मीद होने की जरूरत नहीं।
Source: Dow Jones – Social Economy | Secondary News Source: Pulsivic.com