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उत्तराखंड: ITBP और BRO ने तेज किया राहत कार्य, 25 तीर्थयात्रियों को सुरक्षित निकाला

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उत्तराखंड: ITBP और BRO की जान बचाने की मुहिम, 25 तीर्थयात्रियों को मिली नई ज़िंदगी

अभी कुछ दिन पहले की बात है – उत्तराखंड के गंगोत्री और धराली इलाके में बादल फटा तो जैसे प्रकृति ने अपना कहर ढा दिया। लेकिन ITBP और BRO के जवानों ने हार नहीं मानी। गुरुवार को उन्होंने एक और बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए 25 तीर्थयात्रियों को सुरक्षित निकाल लिया। अब तक कुल 307 लोगों की जान बचाई जा चुकी है। और यह सब कैसे? बारिश, भूस्खलन और बदतर मौसम के बावजूद!

असल में पूरी घटना की शुरुआत उत्तरकाशी में पिछले दो दिन से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश से हुई। गंगोत्री हाईवे पर आया भूस्खलन तो जैसे किसी डरावनी फिल्म का सीन लग रहा था – सैकड़ों तीर्थयात्री फंस गए। स्थानीय प्रशासन ने तुरंत ITBP और BRO को मैदान में उतार दिया। ये इलाके तो पहले भी प्राकृतिक आपदाओं के लिए बदनाम रहे हैं, लेकिन इस बार चुनौती कुछ ज़्यादा ही थी।

आज सुबह की ताज़ा खबर यह है कि रेस्क्यू टीमों ने 25 और लोगों को सुरक्षित निकाल लिया। पर अभी भी कुछ लोग फंसे हुए हैं। मौसम की मार ऐसी कि हेलिकॉप्टर से ही खाना-पानी और दवाइयाँ पहुँचाई जा रही हैं। और डराने वाली बात यह कि मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे में और बारिश की चेतावनी जारी कर दी है। स्थिति गंभीर है, यह तो साफ है।

इस पूरे मामले पर CM पुष्कर सिंह धामी ने क्या कहा? उन्होंने सरकार की तरफ से पूरी मदद का भरोसा दिलाया और रेस्क्यू टीमों की तारीफ़ की। ITBP के एक कमांडर ने बताया कि उनके जवान बिना रुके काम कर रहे हैं। पर स्थानीय लोगों की चिंता भी जायज़ है – यहाँ तो हर साल कुछ न कुछ होता रहता है। क्या अब वक्त नहीं आ गया है कि स्थायी समाधान पर काम किया जाए?

अच्छी खबर यह है कि अगर मौसम ने साथ दिया तो राहत कार्यों को और तेज़ किया जाएगा। अतिरिक्त टीमें तैनात की जा सकती हैं। राहत शिविर लगाने की भी तैयारी है। लंबे समय के लिए early warning system और बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी विचार हो रहा है। पर सवाल यह है कि क्या यह सब काफ़ी होगा?

फिलहाल तो उत्तराखंड सरकार और सुरक्षा बलों ने पूरी ताकत झोंक दी है। मौसम की मार अलग। लेकिन एक बात तो तय है – इस पूरे ऑपरेशन में स्थानीय लोगों और volunteers का योगदान कमाल का रहा है। अधिकारियों ने लोगों से सतर्क रहने और emergency helpline नंबरों का इस्तेमाल करने की अपील की है। आखिरकार, जान बचाने का वक्त ही होता है न सबसे कीमती!

Source: News18 Hindi – Nation | Secondary News Source: Pulsivic.com

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