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“उपराष्ट्रपति चुनाव से लेकर J-K राज्य दर्जा तक: 5 अगस्त से पहले की बड़ी राजनीतिक हलचलें क्या इशारा कर रही हैं?”

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उपराष्ट्रपति चुनाव से J-K तक: 5 अगस्त से पहले की राजनीतिक हलचलें क्या दिखा रही हैं?

दिल्ली की राजनीति में इन दिनों कुछ तो चल रहा है, और वो बहुत बड़ा है! अभी रविवार को ही PM मोदी और अमित शाह ने राष्ट्रपति मुर्मू से मुलाकात की – और बस, फिर क्या था? सारे राजनीतिक गलियारे गर्म हो उठे। सच कहूं तो, ये मीटिंग कोई सामान्य चाय-पानी वाली बात नहीं थी। खासकर तब, जब NDA को उपराष्ट्रपति चुनाव में जीत मिल चुकी है और राज्यसभा में सरकार का पलड़ा भारी है। अब तो बड़े बदलाव की राह आसान लग रही है, है न?

याद कीजिए वो 5 अगस्त 2019 का दिन? जब धारा 370 हटाकर J&K को दो हिस्सों में बांट दिया गया था। सरकार ने तब वादा किया था कि राज्य का दर्जा वापस मिलेगा। पर तीन साल बीत गए… और वो वादा? अधूरा पड़ा है। लेकिन अब लगता है कि उपराष्ट्रपति चुनाव के बाद के नए समीकरणों ने इस मामले में जान डाल दी है। क्या ये सही वक्त है J&K के लिए?

असल में सबसे ज़्यादा चर्चा तो PM और अमित शाह की उस मुलाकात को लेकर हो रही है। दिल्ली के जानकार तो यही कह रहे हैं – “लगता है J&K को राज्य का दर्जा वापस मिलने वाला है।” और सुनिए, विधानसभा चुनाव की तैयारियां भी जोर-शोर से चल रही हैं। ऐसा लगता है मानो सरकार ने अपनी चालें अंतिम मोड़ पर ले आई हों। पर सवाल ये कि क्या ये सब सच में होगा?

देखा जाए तो अलग-अलग दलों की प्रतिक्रियाएं भी मज़ेदार हैं। भाजपा वाले तो हमेशा की तरह “जनहित” की रट लगाए हुए हैं। वहीं कांग्रेस वाले सवाल उठा रहे हैं – “ये सब दिखावा है!” स्थानीय नेताओं की बात सुनें तो उन्हें उम्मीद है कि जल्द ही लोकतंत्र वापस आएगा। पर सच्चाई? वो तो वक्त ही बताएगा।

तो अब सवाल ये कि आगे क्या? राजनीतिक जानकारों की मानें तो अगस्त के पहले हफ्ते में कुछ बड़ा हो सकता है। शायद J&K को लेकर कोई ऐलान। या फिर विधानसभा चुनाव की तारीखें। एक बात तो तय है – केंद्र सरकार इस मामले में पूरी गंभीरता से काम कर रही है। कानूनी बदलावों पर भी तेजी से काम चल रहा है।

अंत में बस इतना कहूंगा – दिल्ली के सूत्र और हालिया घटनाक्रम देखकर लगता है कि J&K के मामले में कोई बड़ा फैसला आने वाला है। और ये फैसला? सिर्फ J&K ही नहीं, बल्कि पूरे देश की राजनीति को नई दिशा दे सकता है। क्या आप तैयार हैं इस बदलाव के लिए?

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Source: Aaj Tak – Home | Secondary News Source: Pulsivic.com

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