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“वाशिंगटन पोस्ट का तंज: ट्रंप को ‘जोकर’ कहने वाले असली जोकर ने किया खुलासा!”

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वाशिंगटन पोस्ट का तंज: क्या ट्रंप को ‘जोकर’ कहना सच में मजाक था?

अरे भई, वाशिंगटन पोस्ट ने तो एकदम धमाका कर दिया है! उन्होंने एक ऐसा लेख छापा है जिसने सोशल मीडिया से लेकर चाय की दुकान तक बहस छेड़ दी है। सब जानते हैं कि डोनाल्ड ट्रंप को उनके विरोधी अक्सर ‘जोकर’ कहकर बुलाते हैं। लेकिन इस लेख में एक ऐसा पेंच है जिसके बारे में शायद ही किसी ने सोचा होगा। लेखक कह रहा है कि असली जोकर्स का अपमान हो रहा है! सोचिए न, एक तरफ तो ये पेशेवर कॉमेडियन लोगों को हंसाने के लिए दिन-रात मेहनत करते हैं, और दूसरी तरफ ट्रंप साहब जो कर रहे हैं… खैर, आप समझ ही गए होंगे।

अब थोड़ा पीछे चलते हैं। ट्रंप जी ने तो अपने ट्वीट्स और बयानों से हमेशा ही सुर्खियां बटोरी हैं। उनकी अजीबोगरीब स्टाइल के चलते लोग उन्हें ‘हास्यास्पद’ या ‘जोकर’ जैसे नाम देते रहे। पर यहां मजा ये है कि वाशिंगटन पोस्ट ने सीधे कह दिया – भई, ये तो असली जोकर्स के साथ अन्याय है! एकदम सही बात कही है न? क्योंकि असली जोकर तो लोगों का दिल बहलाते हैं, जबकि यहां तो सीन बिल्कुल उल्टा है।

लेख का मुख्य प्वाइंट तो एकदम स्पॉट ऑन है। जोकर्स का काम होता है लोगों को खुश करना, मनोरंजन करना। और ट्रंप? उनका हर दूसरा बयान तो ऐसा लगता है जैसे किसी ने हॉर्नेट्स के छत्ते में डंडा मार दिया हो! लेखक ने तो यहां तक कह दिया कि “जोकर” शब्द का इस्तेमाल करके हम उन कलाकारों का अपमान कर रहे हैं जो वाकई इस कला को सम्मान देते हैं। और सच कहूं तो, ये बात सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल गई। ट्रंप के फैंस और हेटर्स दोनों ही इस पर अपनी-अपनी राय देने में जुट गए।

प्रतिक्रियाओं का स्पेक्ट्रम तो देखने लायक था। एक तरफ ट्रंप के समर्थक चिल्ला रहे थे कि ये तो मीडिया का हमेशा वाला ‘लिब्रल एजेंडा’ है। वहीं दूसरी तरफ, उनके आलोचकों ने लेख की तारीफ करते हुए कहा कि आखिरकार कोई तो बोल रहा है! सबसे मजेदार? असली जोकर्स का एक ग्रुप भी इस बहस में कूद पड़ा। उन्होंने कहा कि उन्हें तो बरसों से ये शब्द का गलत इस्तेमाल पर ऐतराज था। अब ये बात सामने आई है तो अच्छा ही हुआ।

तो अब सवाल ये है कि आगे क्या होगा? एक्सपर्ट्स कह रहे हैं कि ये मामला राजनीति और कॉमेडी के बीच की उस धुंधली लाइन पर बहस छेड़ सकता है जिसे अब तक नजरअंदाज किया जाता रहा। और हां, ट्रंप जी से जवाब आने की उम्मीद तो है ही – वो भी अपने क्लासिक स्टाइल में। शायद अब से लोग ‘जोकर’ जैसे शब्दों को फेंकने से पहले दो बार सोचेंगे। क्योंकि ये केस तो याद दिला ही गया है कि शब्दों की ताकत को कभी कम नहीं आंकना चाहिए। सच कहूं तो, कभी-कभी एक शब्द भी कितना बड़ा तूफान खड़ा कर सकता है!

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वाशिंगटन पोस्ट और ट्रंप पर तंज – जानिए पूरी कहानी

वाशिंगटन पोस्ट ने ट्रंप को ‘जोकर’ क्यों कहा?

देखिए, मामला कुछ यूँ है – वाशिंगटन पोस्ट ने ट्रंप की policies और उनके public statements पर एक तीखा तंज किया। असल में, ये कोई गंभीर analysis नहीं था, बल्कि एक satirical comment था जो उनके controversial decisions पर सीधा निशाना साधता था। हालांकि, क्या ये सच में सही था? ये तो पाठकों को तय करना है।

किसने ट्रंप को ‘जोकर’ कहने वाले को असली जोकर बताया?

अब यहाँ मजेदार बात ये हुई कि कुछ critics और political analysts ने इसी तंज को उल्टा पलट दिया! उनका कहना था कि ये खुद एक ‘जोकर’ जैसा ही है। क्यों? क्योंकि उन्हें लगा ये एकदम biased और unfair criticism है। एक तरफ तो… लेकिन दूसरी तरफ… समझने वाली बात है न?

ट्रंप ने इस तंज का क्या जवाब दिया?

अभी तक तो ट्रंप ने इस specific comment पर कोई official reaction नहीं दिया है। पर हम सब जानते हैं न उनका style? Media criticism आते ही ‘fake news’ का तीर चला देते हैं। इस बार भी शायद वही हुआ होगा। क्या आपको नहीं लगता?

क्या यह तंज सिर्फ ट्रंप तक ही सीमित है या औरों पर भी लागू होता है?

ईमानदारी से कहूं तो ये तंज तो ट्रंप के specific actions पर था, लेकिन भाई… media का ये तरीका नया थोड़े ही है! Leaders से लेकर celebrities तक, हर किसी पर ये satirical comments करती रहती है। कभी हल्के-फुल्के अंदाज में, तो कभी ज़हर उगलते हुए। सच कहूं तो, ये तो चलता ही रहता है। है न?

Source: NY Post – US News | Secondary News Source: Pulsivic.com

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