NISAR सैटेलाइट: क्या यह सच में ‘सैटेलाइट का बाप’ है?
दोस्तों, अंतरिक्ष की दुनिया में एक नया क्रांतिकारी प्रोजेक्ट आ रहा है – NISAR। NASA और ISRO की यह जोड़ी क्या करने वाली है? असल में यह कोई साधारण सैटेलाइट नहीं, बल्कि एक खास मिशन है जो 2024 में लॉन्च होगा। अब सवाल यह है कि इसे ‘सैटेलाइट का बाप’ क्यों कहा जा रहा है? दरअसल, इसकी क्षमताएं इसे दूसरों से कहीं आगे ले जाती हैं। यह न सिर्फ हाई-रिज़ॉल्यूशन इमेजिंग करेगा, बल्कि जलवायु परिवर्तन से लेकर भूकंप तक – हर बदलाव पर नजर रखेगा। एक तरह से यह हमारी धरती का सुपरहीरो बनने वाला है!
डिज़ाइन: क्या इसमें है खास?
अब बात करते हैं इसके डिज़ाइन की। सुनकर हैरान हो जाएंगे – यह एक बड़े SUV जितना बड़ा है और वजन है लगभग 2,800 किलो! पर सवाल यह नहीं कि यह कितना बड़ा है, बल्कि यह कि इसमें क्या खास है? देखिए, इसका दोहरी-फ्रीक्वेंसी रडार सिस्टम (L-band और S-band) इसे बेहद खास बनाता है। मतलब? यह किसी भी मौसम में, हर हाल में धरती की सटीक तस्वीरें ले सकता है। बारिश हो या धूप – इसके लिए कोई फर्क नहीं पड़ता।
इमेजिंग: क्यों है यह इतना खास?
ईमानदारी से कहूं तो, इसकी इमेजिंग क्षमता मुझे सबसे ज्यादा हैरान करती है। 3D इमेज कैप्चर करने की क्षमता? वाह! यह तो वैज्ञानिकों के लिए वरदान साबित होगा। असल में, यह रियल-टाइम में डेटा कलेक्ट और प्रोसेस कर सकता है – जैसे कोई सुपरस्मार्ट फोन। आपदा प्रबंधन के लिए तो यह किसी गेम-चेंजर से कम नहीं।
परफॉर्मेंस: कितना ताकतवर है यह?
तो अब बात करते हैं इसकी ताकत की। इसके अंदर लगे प्रोसेसिंग यूनिट्स किसी सुपरकंप्यूटर से कम नहीं। AI और मशीन लर्निंग की मदद से यह डेटा को चुटकियों में एनालाइज कर लेगा। NASA और ISRO के इंजीनियर्स ने मिलकर इसे तैयार किया है – और यह सहयोग ही इसकी सबसे बड़ी ताकत है।
कैमरा: आखिर क्यों है यह इतना अच्छा?
सच कहूं तो, इसका रडार सिस्टम मुझे सबसे ज्यादा प्रभावित करता है। जंगलों की कटाई से लेकर ग्लेशियरों के पिघलने तक – हर छोटी-बड़ी चीज पर इसकी नजर रहेगी। और सबसे अच्छी बात? यह रात में भी काम कर सकता है। एकदम ज़बरदस्त। सच में।
खूबियाँ और कमियाँ: क्या है सच्चाई?
अच्छाइयाँ:
– दोहरी फ्रीक्वेंसी रडार? बिल्कुल जबरदस्त!
– जलवायु परिवर्तन पर रिसर्च के लिए तो यह वरदान साबित होगा
– भारत की तकनीकी क्षमता को मिलेगी वैश्विक पहचान
– किसानों से लेकर वैज्ञानिकों तक – सबको फायदा
कमियाँ (हां, कुछ तो होगी ही!):
– कीमत थोड़ी ज्यादा हो सकती है
– डेटा प्रोसेसिंग में आ सकती हैं दिक्कतें
– भविष्य में मेन्टेनेंस हो सकता है चुनौतीपूर्ण
हमारा नजरिया: क्या यह वाकई खास है?
मेरी नजर में तो NISAR भारत के लिए गर्व की बात है। यह न सिर्फ हमारी वैज्ञानिक क्षमता को दिखाता है, बल्कि पूरी दुनिया को बताता है कि भारत अब अंतरिक्ष तकनीक में किसी से पीछे नहीं। जलवायु परिवर्तन से लड़ने में यह हमारा सबसे बड़ा हथियार साबित हो सकता है। एक तरह से देखा जाए तो यह हमारे भविष्य का निवेश है।
भारत को क्या-क्या फायदे मिलेंगे?
1. प्राकृतिक आपदाओं की भविष्यवाणी? अब और भी बेहतर!
2. किसानों के लिए खुशखबरी – कृषि प्रबंधन होगा आसान
3. जंगल और पर्यावरण पर रहेगी सख्त नजर
4. वैश्विक पटल पर भारत की बढ़ेगी पहचान
5. ‘आत्मनिर्भर भारत’ को मिलेगा बल
तो क्या सोचते हैं आप? क्या यह सैटेलाइट वाकई ‘सैटेलाइट का बाप’ साबित होगा? कमेंट में बताइए!
Source: News18 Hindi – Nation | Secondary News Source: Pulsivic.com