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कौन सी देवी अपने भाई पर मोहित थी? शादी और बच्चों की चाहत का रहस्य!

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क्या एक देवी को अपने भाई से प्यार हो सकता है? यमुना और यमराज की अनोखी कहानी!

हिंदू माइथोलॉजी में भाई-बहन का रिश्ता तो पवित्र माना जाता है, लेकिन क्या आप जानते हैं एक ऐसी देवी की कहानी जिसने अपने ही भाई से शादी करने की ख्वाहिश की थी? सच कहूं तो पहली बार सुनने में थोड़ा अजीब लगता है, है न? ये किस्सा है यमुना नदी और यमराज का – जो जुड़वां थे फिर भी उनके रास्ते एकदम अलग हो गए। असल में, ये कहानी सिर्फ पौराणिक घटना नहीं, बल्कि प्रेम, इच्छाओं और धर्म के बीच की उस जंग को दिखाती है जो आज भी किसी न किसी रूप में चलती रहती है।

जुड़वां भाई-बहन जिनकी कहानी ने मोड़ लिया अजीबो-गरीब रास्ता

कहानी शुरू होती है सूर्य देव और उनकी पत्नी संज्ञा से। इनके यहाँ पैदा हुए यम और यमुना – नाम तो एक जैसे, लेकिन स्वभाव में जमीन-आसमान का फर्क! यमराज बने धर्म के रखवाले, वहीं यमुना… उनका दिल तो बचपन से ही भावुक था। अब यहाँ सवाल ये उठता है कि क्या ये सिर्फ बहन का भाई के प्रति स्नेह था या फिर कुछ और? देखा जाए तो पौराणिक कथाओं में ऐसे कई मोड़ आते हैं जो सोचने पर मजबूर कर देते हैं।

“भैया, मुझसे शादी कर लो!” – जब यमुना ने रखा अजीब प्रस्ताव

समय बीतता गया और यमुना की भावनाएं इतनी तेज हो गईं कि उन्होंने यमराज को सीधे शादी का प्रस्ताव दे डाला! सोचिए, आज के जमाने में भी ऐसा हो तो कितना shocking लगेगा। यमुना चाहती थीं कि वो भाई-बहन के रिश्ते से आगे बढ़कर पति-पत्नी बनें। लेकिन यमराज ने साफ मना कर दिया। उनका कहना था – “ये धर्म के खिलाफ है।” सच कहूं तो यमराज की बात में दम तो था। पर क्या भावनाओं को नियमों से काबू किया जा सकता है?

जब प्यार बदल गया क्रोध में – श्राप और वरदान का दिलचस्प मेल

यमराज के इनकार ने यमुना को तोड़कर रख दिया। गुस्से में उन्होंने यमराज को श्राप दे डाला। अब यहाँ मजेदार बात ये है कि अलग-अलग पुराणों में इस श्राप का वर्णन अलग है। पर एक बात clear है – यमराज को इस फैसले का पछतावा होगा। और हैरानी की बात? यमराज ने गुस्से की जगह यमुना को वरदान दिया! कहा – “तुम नदी के रूप में पूजी जाओगी।” क्या आपको नहीं लगता कि ये कहानी असल में बहुत गहरी है?

आज भी जिंदा है ये कहानी – यमुना नदी का महत्व

आज भी हिंदू धर्म में यमुना नदी को बेहद पवित्र माना जाता है, खासकर कृष्ण भक्तों के लिए। और दिलचस्प बात? यमुना के किनारे यमराज की पूजा की परंपरा आज भी चली आ रही है। शायद ये कहानी हमें याद दिलाती है कि कुछ रिश्ते अपनी मूल purity में ही खूबसूरत होते हैं।

सीख क्या है? – आज के जमाने में इस कहानी की प्रासंगिकता

आज के दौर में जब relationships के नए-नए फॉर्म सामने आ रहे हैं, ये कहानी और भी मायने रखती है। क्या हमेशा भावनाओं को follow करना सही होता है? या फिर समाज के नियमों की भी कोई अहमियत है? मेरी निजी राय? हर कहानी से हमें कुछ न कुछ सीखने को मिलता है। और यमुना-यमराज की ये कथा तो बिल्कुल वैसी ही है – जिसे सुनकर दिमाग में कई सवाल उठते हैं। आपको क्या लगता है?

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Source: News18 Hindi – Nation | Secondary News Source: Pulsivic.com

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