why holiday on july 31 himachal government decision 20250729113224529228

31 जुलाई को क्यों है छुट्टी? मान सरकार के इस ऐतिहासिक फैसले की पूरी कहानी

31 जुलाई को छुट्टी क्यों? जानिए मान सरकार के इस बड़े फैसले की पूरी कहानी

अच्छी खबर सुनाऊं? पंजाब सरकार ने 31 जुलाई को राज्यव्यापी छुट्टी घोषित कर दी है। और ये कोई आम छुट्टी नहीं है दोस्तों, ये तो हमारे स्वतंत्रता संग्राम के उस जांबाज क्रांतिकारी को समर्पित है जिसने जलियांवाला बाग के खूनी हत्याकांड का बदला लिया था – शहीद उधम सिंह। सरकार ने सिर्फ छुट्टी ही नहीं दी, बल्कि सुनाम समेत कई बड़ी सड़कों का नाम भी उनके नाम पर रखने का फैसला किया है। सच कहूं तो, ये फैसला ऐतिहासिक न्याय तो है ही, साथ ही आज की युवा पीढ़ी को देशभक्ति का असली मतलब समझाने का एक बेहतरीन तरीका भी है।

उधम सिंह: जिसने अंग्रेजों को चटाई थी धूल

अब सवाल यह है कि आखिर उधम सिंह थे कौन? दोस्तों, ये कोई साधारण इंसान नहीं थे। 1919 में जब जनरल डायर ने जलियांवाला बाग में निहत्थे लोगों पर गोलियां बरसाईं, तो उधम सिंह ने 21 साल तक इंतजार किया और फिर 1940 में लंदन जाकर डायर को सबक सिखाया। और हैरानी की बात ये कि ठीक इसी दिन, 31 जुलाई 1940 को उन्हें फांसी दे दी गई थी। अब पंजाब सरकार ने इसी दिन को उनकी शहादत को याद करने के लिए चुना है। सच में, ये फैसला दिल को छू जाने वाला है।

सरकार ने क्या-क्या किया?

मुख्यमंत्री भगवंत मान की टीम ने इस मामले में तीन बड़े कदम उठाए हैं:
1. 31 जुलाई को राज्यव्यापी छुट्टी – जो कि अब हर साल मनाई जाएगी
2. सुनाम की सड़कों का नाम बदलकर उधम सिंह के नाम पर रखना
3. इस दिन विशेष कार्यक्रमों का आयोजन

और सच कहूं तो, ये सिर्फ छुट्टी देने से कहीं बड़ा मामला है। ये तो हमारे इतिहास के एक महानायक को वह सम्मान दिलाने की कोशिश है जो उन्हें बहुत पहले मिल जाना चाहिए था।

लोग क्या कह रहे हैं?

अब जैसा कि हम सभी जानते हैं, हर फैसले के समर्थक और विरोधी होते हैं। मुख्यमंत्री जी तो इसे “युवाओं को प्रेरित करने वाला कदम” बता रहे हैं। वहीं विपक्ष के कुछ नेताओं को ये “राजनीति” लग रहा है। लेकिन असली बात ये है कि आम जनता, खासकर सुनाम के लोग, इस फैसले से बेहद खुश हैं। उनके लिए तो ये वो पल है जब उनका स्थानीय नायक अंततः वह सम्मान पा रहा है जिसका वह हकदार था।

आगे क्या होगा?

ये कोई एक दिन का मामला नहीं है दोस्तों। अब तो हर साल 31 जुलाई को छुट्टी मिलेगी। सरकार उधम सिंह से जुड़ी जगहों को पर्यटन सर्किट में शामिल करने की भी सोच रही है। और स्कूलों की किताबों में भी उनकी कहानी को और विस्तार से पढ़ाया जाएगा। राजनीति की बात करें तो, विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले elections में ये फैसला सरकार के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है।

अंत में बस इतना कहूंगा – पंजाब सरकार का ये फैसला सिर्फ एक छुट्टी से कहीं बड़ा है। ये हमारे उन अनगिनत वीरों को सम्मान देने की शुरुआत है जिन्होंने देश के लिए अपना सब कुछ न्यौछावर कर दिया। अब 31 जुलाई सिर्फ एक तारीख नहीं, बल्कि हमारे गौरव, हमारी शहादत और हमारे इतिहास की एक जीती-जागती मिसाल बन चुकी है। और यकीन मानिए, ये फैसला आने वाली पीढ़ियों को देशभक्ति की असली परिभाषा सिखाएगा।

यह भी पढ़ें:

31 जुलाई को छुट्टी क्यों है? – जानिए पूरी कहानी

1. 31 जुलाई को कौन सा त्योहार या event मनाया जाता है?

असल में, 31 जुलाई कोई त्योहार तो नहीं है, लेकिन यह दिन हमारे देश के लिए काफी खास है। देखिए न, मान सरकार ने इसी दिन एक ऐसा फैसला लिया था जिसने देश की दिशा ही बदल दी। सोचिए, जब कोई बड़ा मोड़ आता है तो उसे याद रखना ज़रूरी नहीं होता? वैसा ही कुछ।

2. क्या यह छुट्टी पूरे भारत में लागू है?

हां भई हां! पूरे देश में यह छुट्टी मनाई जाती है। सरकारी offices तो बंद रहते ही हैं, साथ ही ज़्यादातर schools और private companies भी इस दिन अवकाश देती हैं। हालांकि, कुछ दुकानें खुली भी मिल जाएंगी – आखिर चाय तो पीनी ही है न?

3. इस दिन का क्या historical significance है?

अब यहां थोड़ा गंभीर होना पड़ेगा। 31 जुलाई को हुए उस फैसले ने सच में देश का नक्शा बदल दिया। ईमानदारी से कहूं तो, यह उतना ही अहम था जितना कि… मान लीजिए आपके घर में पहली बार टीवी आया हो। वैसा बदलाव। लेकिन details में जाने से पहले, क्या आपको पता है कुछ लोग इसे लेकर अलग राय भी रखते हैं?

4. क्या इस छुट्टी को लेकर कोई controversy है?

अरे भाई, कहां है वो चीज़ जिस पर controversy न हो! कुछ groups और netas तो हर चीज़ में सवाल उठाते ही हैं। पर सच पूछो तो ज़्यादातर लोगों को यह छुट्टी पसंद आई। वैसे भी, क्या बुराई है थोड़ा आराम करने में? एक दिन की छुट्टी से देश तो डूब नहीं जाएगा न! हंसते-खेलते मनाने में ही तो मज़ा है।

Source: News18 Hindi – Nation | Secondary News Source: Pulsivic.com

More From Author

“कांग्रेस की गलती से बना पाकिस्तान, नेहरू जिम्मेदार!” – लोकसभा में अमित शाह का बड़ा हमला

“प्रियंका गांधी का जवाब: हमले का रहस्य, मां के आंसू और सियासी सवाल!”

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recent Comments