क्यों लाखों की कार खरीदने वाले 100 रुपये की बचत करते हैं? जानिए इसकी वजह!
अजीब सी बात है न? हम भारतीय कार खरीदते वक्त लाखों रुपये खर्च कर देते हैं, लेकिन insurance पर कुछ हजार बचाने के चक्कर में क्या-क्या नुकसान उठाते हैं! हाल ही में एक रिपोर्ट ने तो यह बताकर ही दंग कर दिया कि देश के 50% से ज्यादा गाड़ी मालिकों के पास insurance ही नहीं है। और PUC certificate? उसकी तो बात ही छोड़िए – सिर्फ 30% लोगों के पास यह जरूरी दस्तावेज है। सच में हैरानी की बात है, क्योंकि ये दोनों चीजें तो कानूनन जरूरी हैं।
देखिए, Motor Vehicles Act, 1989 के मुताबिक हर गाड़ी के लिए third-party insurance और PUC certificate होना बेहद जरूरी है। मगर हम भारतीयों की तो यही आदत है – जब तक कोई ट्रैफिक पुलिस वाला रोक न ले, तब तक याद ही नहीं आता! एक accident हो जाए तब पता चलता है कि insurance न होने का कितना बड़ा नुकसान हो सकता है। और PUC? वो तो पर्यावरण के लिए भी जरूरी है, लेकिन कौन सोचता है भाई!
असल में समस्या यह है कि लोग इसे ‘खर्च’ समझते हैं, जबकि ये तो ‘इन्वेस्टमेंट’ है। मजे की बात ये कि जो लोग insurance पर 5-7 हजार बचा रहे हैं, वही एक accident में लाखों का चूना लगा बैठते हैं। अब तो कई राज्यों में ट्रैफिक पुलिस ने सख्ती शुरू कर दी है – बिना दस्तावेज वाली गाड़ियां जब्त हो रही हैं। और हां, online fraud के डर से भी बहुत से लोग insurance नहीं करवाते। पर भई, थोड़ी सी रिसर्च कर लीजिए, genuine companies से करवा लीजिए!
एक्सपर्ट्स की मानें तो ये हमारी मानसिकता है – “जब तक दिक्कत न हो, तब तक क्यों खर्च करें?” मेरे एक दोस्त ने तो यही सोचकर insurance नहीं करवाया था। नतीजा? पिछले साल एक छोटी सी टक्कर में उसके 2 लाख रुपये पानी में गए! एक insurance वाले भैया ने मुझे बताया था – “साहब, insurance सिर्फ कागज का टुकड़ा नहीं होता, ये तो आपकी गाड़ी का हेलमेट है।” सही कहा न?
अब तो सरकार भी इस मामले में सख्त हो रही है। online policies को और भरोसेमंद बनाया जा रहा है। लेकिन सच तो ये है कि जब तक हम खुद नहीं समझेंगे, तब तक कुछ नहीं होगा। थोड़ी सी समझदारी दिखाइए – insurance और PUC करवा लीजिए। वरना जुर्माना तो लगेगा ही, गाड़ी भी छिन सकती है। और हां, दूसरों की सुरक्षा का भी तो ख्याल रखना चाहिए न?
तो क्या सोच रहे हैं? अगले हफ्ते तक का इंतजार मत कीजिए – आज ही अपने दस्तावेज चेक कीजिए। क्योंकि ये छोटी-छोटी चीजें ही तो बड़ी मुसीबतों से बचाती हैं। है न?
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Source: News18 Hindi – Nation | Secondary News Source: Pulsivic.com