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Zohran Mamdani पर विवाद: कॉलंबिया यूनिवर्सिटी आवेदन पर विरोधी का चौंकाने वाला बयान – ‘अब वह शहीद बन गए!’

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ज़ोरान ममदानी पर फिर विवाद: कॉलंबिया यूनिवर्सिटी वाला मामला और एक ऐसा बयान जिसने सबको चौंका दिया!

अरे भई, न्यूयॉर्क की राजनीति में शोर मचाने वाले ज़ोरान ममदानी फिर सुर्खियों में हैं। पर इस बार का मामला थोड़ा अजीब है – कॉलंबिया यूनिवर्सिटी में दाखिले को लेकर सवाल उठ रहे हैं। और सबसे मजेदार बात? उनके सबसे बड़े राजनीतिक विरोधी कर्टिस स्लीवा ने अचानक उनका बचाव करते हुए कह दिया, “अब तो ये शहीद बन गए!” सच कहूं तो, ये बयान सुनकर मैं भी चौंक गया।

पूरा माजरा क्या है?

देखिए, ज़ोरान ममदानी को तो आप जानते ही होंगे – DSA वाले, प्रगतिशील विचारधारा, हमेशा कुछ न कुछ बहस छेड़ने वाले। लेकिन इस बार बात अलग है। आरोप ये है कि उन्होंने अपने राजनीतिक रसूख का फायदा उठाकर कॉलंबिया यूनिवर्सिटी में दाखिला लिया। और भई, ये कोई छोटा-मोटा आरोप नहीं है – न्यूयॉर्क के बड़े-बड़े नेता जैसे कुओमो और एडम्स तक इस पर बोल पड़े हैं।

विरोधी ने क्यों किया सपोर्ट? ये है असली सवाल!

अब यहां सबसे चटपटा ट्विस्ट आता है। GOP के मेयर उम्मीदवार कर्टिस स्लीवा, जो आमतौर पर ममदानी के हर बयान पर झट से प्रतिक्रिया देते हैं, उन्होंने इस बार कहा कि ये सब आलोचना “बहुत ज्यादा हो रही है”। और तो और, उन्होंने ये तक कह दिया कि इससे ममदानी को फायदा ही होगा! सच बताऊं, राजनीति में ऐसे उलटे पल बहुत कम देखने को मिलते हैं।

क्या कह रही है न्यूयॉर्क की राजनीति?

इस पूरे मामले पर अलग-अलग लोगों की अलग-अलग राय है। ममदानी के वाले तो कह रहे हैं कि ये सब बेकार का ड्रामा है। वहीं दूसरी तरफ, कुछ रिपब्लिकन लीडर्स इसे ‘अंदरूनी सिस्टम’ की मिसाल बता रहे हैं। पर असली मसला ये है कि स्लीवा का ये बयान दिखाता है कि ये मामला अब साधारण आरोप-प्रत्यारोप से कहीं आगे निकल चुका है।

आगे क्या होगा? ये है बड़ा सवाल!

अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि ये सब आगे किस दिशा में जाएगा। क्या ममदानी के सपोर्टर्स और ज्यादा एक्टिव हो जाएंगे? क्या कॉलंबिया यूनिवर्सिटी कुछ क्लीयर करेगी? एक बात तो तय है – न्यूयॉर्क की राजनीति में ये नया विवाद ‘लिबरल बनाम कंजर्वेटिव’ वाली पुरानी बहस को फिर से जिंदा कर देगा।

अंत में बस इतना ही – अब तो बस ये देखना है कि क्या सच में ममदानी इस पूरे मामले में ‘शहीद’ बनकर उभरेंगे, जैसा कि उनके ही विरोधी ने कहा है। वैसे, राजनीति में कुछ भी हो सकता है, है न?

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Source: NY Post – US News | Secondary News Source: Pulsivic.com

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