Site icon surkhiya.com

NYC में जोहरान ममदानी का बड़ा प्लान: अमीरों और कॉर्पोरेट्स पर बढ़ेगा टैक्स, वोटर्स में मतभेद

zohran mamdani nyc tax hike wealthy corporations voters divi 20250706235303182902

NYC में जोहरान ममदानी का बड़ा प्लान: अमीरों और कॉर्पोरेट्स पर टैक्स बढ़ेगा, पर क्या यह चलेगा?

अरे भई, NYC की राजनीति में एक नया मज़मा लगने वाला है! डेमोक्रेटिक मेयर पद के दावेदार जोहरान ममदानी ने ऐसा प्रस्ताव रखा है जिससे शहर के अमीरों की नींद उड़ सकती है। सीधी बात – वो चाहते हैं कि टॉप 1% अमीरों और बड़ी कंपनियों से ज्यादा टैक्स वसूला जाए। पैसा कहाँ जाएगा? स्कूलों, अस्पतालों और सार्वजनिक सेवाओं में। अच्छी बात लगती है न? पर सर्वे कहता है लोग दो खेमों में बंटे हैं। कुछ कह रहे हैं “बहुत ज़रूरी कदम है”, तो कुछ डर रहे हैं कि “ये तो बिजनेस भगाएगा”।

पूरी कहानी समझिए

देखिए, NYC पिछले कुछ सालों से दोहरी मार झेल रहा है – एक तरफ महंगाई का भूत, दूसरी तरफ रहने का संकट। ऐसे में ममदानी, जो पहले से ही प्रोग्रेसिव विचारों के लिए जाने जाते हैं, ने ये बोल्ड मूव किया है। उनका लॉजिक सीधा है – जिनके पास है, वो थोड़ा और दें। पर सवाल ये है कि क्या ये प्लान वाकई काम करेगा? क्योंकि जब आप अमीरों पर टैक्स बढ़ाते हैं, तो कहीं वो अपना बोरिया-बिस्तर तो नहीं समेट लेंगे?

लोग क्या कह रहे हैं?

एक ताज़ा सर्वे बताता है कि 52% लोग शहर की आर्थिक हालत को लेकर परेशान हैं। लेकिन हैरानी की बात – सिर्फ 45% ही इस टैक्स प्लान के पक्ष में हैं। क्यों? क्योंकि डर है कि बिजनेस भाग जाएंगे। एक रेस्टोरेंट मालिक ने तो मुझसे कहा – “भाई, मैं अभी जूझ रहा हूँ। अगर टैक्स और बढ़ा तो मैं टेक्सास चला जाऊँगा।” सच्ची बात है।

वहीं दूसरी तरफ, एक टीचर ने कहा – “अच्छा हुआ कोई तो अमीरों से पूछ रहा है! हमारे स्कूलों को फंड चाहिए।” बिल्कुल सही। पर सवाल बैलेंस का है।

अब आगे क्या?

अभी तो ये प्रस्ताव चर्चा के चरण में है। विधानसभा से पास होना बाकी है। अगर ये लागू हुआ, तो NYC अमेरिका के उन चुनिंदा शहरों में शामिल हो जाएगा जहां अमीर सबसे ज्यादा टैक्स भरते हैं। पर मुझे लगता है, आने वाले दिनों में ये मुद्दा ज़ोरदार बहस छेड़ेगा। चुनाव प्रचार में तो ये बम्पर इश्यू बन सकता है।

सच कहूँ तो, ये सिर्फ NYC की बात नहीं है। पूरे देश की नज़र इस पर टिकी है। अगर यहाँ ये प्लान कामयाब हुआ, तो दूसरे शहर भी इस रास्ते पर चल सकते हैं। पर सवाल वही – क्या ये सच में प्रैक्टिकल है? आपको क्या लगता है?

यह भी पढ़ें:

Source: NY Post – US News | Secondary News Source: Pulsivic.com

Exit mobile version