Site icon surkhiya.com

“अमित शाह, जयशंकर का नया एड्रेस! संसद में बदली गई सभी नेताओं की बैठने की जगह”

amit shah jaishankar new seating arrangement parliament 20250806070444011414

अमित शाह और जयशंकर का नया पता! संसद में हुई बड़ी शिफ्टिंग

दिल्ली में इन दिनों सरकारी दफ्तरों का म्यूजिकल चेयर चल रहा है। और बड़े नाम इसका हिस्सा बने हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने हाल ही में नए संसद परिसर में कर्तव्य भवन-3 का उद्घाटन किया – और अब तो जैसे पूरा खेल ही बदल गया है। गृह मंत्री अमित शाह से लेकर विदेश मंत्री एस. जयशंकर तक, सबके ऑफिस का नया एड्रेस मिल चुका है। ये सब Central Vista Project का हिस्सा है… वो मेगा प्लान जिसमें सारे मंत्रालयों को एक ही छत के नीचे लाने की बात है।

असल में, ये कोई अचानक वाली बात नहीं। Central Vista तो काफी समय से चर्चा में है। सोचिए न, ब्रिटिश ज़माने की इमारतें जहाँ जगह की किल्लत हो, सुविधाएँ पुरानी हों… उसमें आज के दौर का कामकाज चलाना मुश्किल होता है। कर्तव्य भवन-3 जैसी नई इमारतें इसी समस्या का समाधान हैं। पर सवाल यह है कि क्या ये सिर्फ़ इमारतें बदलने की बात है, या फिर काम करने का तरीका भी बदलेगा?

बड़े नेताओं के ऑफिस शिफ्ट हो गए हैं – ये तो स्पष्ट है। अमित शाह और जयशंकर तो बस शुरुआत हैं। सरकार का दावा है कि एक ही कैंपस में सब होने से काम तेज़ होगा, समन्वय बेहतर होगा। मगर क्या वाकई ऐसा होगा? ये तो वक्त ही बताएगा। एक फायदा ये भी बताया जा रहा है कि दिल्ली का ट्रैफिक प्रेशर कुछ कम होगा। हालाँकि, हम दिल्ली वालों को इस पर यकीन करने में थोड़ा वक्त लगेगा!

रिएक्शन? वैसे तो मिले-जुले हैं। सरकारी लोग तारीफ़ों के पुल बाँध रहे हैं – “आधुनिक सुविधाएँ”, “एकीकृत सिस्टम” वगैरह-वगैरह। विपक्ष की राय? उनका तो ये मानना है कि ये सब फिजूलखर्ची है। उनका सवाल सही भी है – देश में और कितनी प्राथमिकताएँ हैं जिन पर ध्यान दिया जाना चाहिए। पर कुछ नागरिक समूहों को लगता है कि अगर कामकाज सच में बेहतर होता है, तो ये इन्वेस्टमेंट ठीक है।

अगले कुछ महीनों में और भी शिफ्टिंग होनी है। सरकार के मुताबिक ये पूरा प्रोजेक्ट अभी शुरुआती दौर में है। असली टेस्ट तो तब होगा जब सारे मंत्रालय नई इमारतों में सेटल हो जाएँगे। तब पता चलेगा कि ये सिर्फ़ बिल्डिंग्स का खेल था या वाकई में कामकाज का तरीका बदला है।

अंत में? सच कहूँ तो अभी कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी। ये तो वक्त ही बताएगा कि ये Central Vista प्रोजेक्ट सफल होता है या नहीं। फिलहाल तो बस इतना – दिल्ली के पावर कॉरिडोर में नया नक्शा बन चुका है। बाकी… देखते हैं आगे क्या होता है!

यह भी पढ़ें:

Source: News18 Hindi – Nation | Secondary News Source: Pulsivic.com

Exit mobile version