Site icon surkhiya.com

पाकिस्तान में बलूच विद्रोहियों का बड़ा हमला! 17 जगहों पर ऑपरेशन बाम, जानें पूरा मामला

baloch rebels attack pakistan operation bam 20250710175449404815

पाकिस्तान में बलूच विद्रोहियों का बड़ा हमला: 17 जगहों पर ऑपरेशन बाम

अरे भाई, पाकिस्तान के बलूचिस्तान में जो हुआ, वो किसी एक्शन मूवी से कम नहीं! BLA (बलूचिस्तान लिबरेशन फ्रंट) ने एक साथ 17 जगहों पर धावा बोल दिया – सरकारी दफ्तर, सैन्य ठिकाने, संचार नेटवर्क… सब निशाने पर। इसे उन्होंने ‘ऑपरेशन बाम’ का नाम दिया है। सच कहूँ तो, ये कोई छोटी-मोटी घटना नहीं है। ये तो बलूचिस्तान के उस पुराने संघर्ष को ही नई दिशा देने वाला मोड़ लगता है।

संघर्ष की पृष्ठभूमि: क्यों भड़क रही है आग?

देखिए, बलूचिस्तान पाकिस्तान का सबसे बड़ा प्रांत तो है ही, सबसे उखड़ा हुआ इलाका भी है। यहाँ की कहानी वैसी ही है जैसे कश्मीर में… बस थोड़े अलग अंदाज़ में। BLA जैसे ग्रुप्स का कहना है कि उनकी ज़मीन पर पाकिस्तान ने कब्जा कर रखा है। वहीं इस्लामाबाद वालों के लिए ये सब ‘आतंकवादी’ हैं। सच तो ये है कि पिछले कुछ सालों में यहाँ हिंसा का ग्राफ लगातार ऊपर ही जा रहा है। क्या आपको नहीं लगता कि ये सिलसिला अब खतरनाक मोड़ पर पहुँच चुका है?

ऑपरेशन बाम: क्या हुआ असल में?

इस बार BLA ने जो किया, वो किसी पेशेवर सेना से कम नहीं था। एक साथ 17 जगहों पर हमला! सैन्य चौकियाँ, पुलिस स्टेशन… बम धमाकों से पूरा इलाका थर्रा उठा। पाकिस्तानी फौज ने भी जवाबी एक्शन लिया और कह रही है कि कई ‘आतंकवादियों’ को ढेर कर दिया। पर सच्चाई? वो तो अभी धुंधली ही है। हताहतों की सही संख्या किसी को पता नहीं। एक बात तय है – दोनों तरफ से खून की नदियाँ बही हैं।

कौन क्या बोला? प्रतिक्रियाओं का अंदाज़

BLA वालों का कहना है – “ये हमारी आज़ादी की जंग है!” वहीं पाकिस्तान सरकार की राय में ये सिर्फ ‘आतंकवाद’ है। मजे की बात ये कि स्थानीय लोग भी दो खेमों में बँटे हुए हैं। कुछ कहते हैं कि ये हिंसा बेकार है, तो कुछ का मानना है कि प्राकृतिक संसाधनों की लूट के खिलाफ ये जंग जायज़ है। सवाल ये है कि इन सबके बीच आम बलूची का क्या होगा?

आगे क्या? भविष्य के अनुमान

अब तो लगता है आग और भड़केगी। पाकिस्तानी फौज बड़ा ऑपरेशन कर सकती है। और हाँ, सुरक्षा बलों की संख्या बढ़ेगी – जिसका मतलब है आम लोगों के लिए और परेशानियाँ। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी नज़रें इस ओर हैं, खासकर मानवाधिकार उल्लंघन के आरोपों को लेकर। सच तो ये है कि अगर ये हिंसा यूँ ही चलती रही, तो पूरा क्षेत्र ही अस्थिर हो सकता है। क्या आपको नहीं लगता कि ये सिर्फ पाकिस्तान की नहीं, बल्कि पूरे दक्षिण एशिया की सुरक्षा के लिए चिंता का विषय है?

यह भी पढ़ें:

पाकिस्तान में बलूच विद्रोहियों का हमला – जानिए पूरा मामला

1. बलूच विद्रोहियों ने पाकिस्तान में कहाँ-कहाँ हमला किया?

देखिए, ये कोई छोटी-मोटी घटना नहीं है। बलूच विद्रोहियों ने एक साथ पाकिस्तान के 17 अलग-अलग locations पर धावा बोला है! और हैरानी की बात ये कि ज्यादातर निशाने पर थे बलूचिस्तान प्रांत के military और government targets। असल में, ये कोई आम हमला नहीं बल्कि एक पूरा ऑपरेशन था – जिसका नाम है ‘ऑपरेशन बाम’। कुछ-कुछ वैसा ही जैसे कोई चेस का मास्टर एक साथ कई मोर्चों पर चाल चल दे।

2. ऑपरेशन बाम क्या है और इसका मकसद क्या है?

अब सवाल यह उठता है कि आखिर ये ऑपरेशन बाम है क्या? तो सुनिए, ये बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) का एक सोचा-समझा, प्लान्ड अटैक है। मतलब ये कोई अचानक की गई कार्रवाई नहीं थी। ईमानदारी से कहूं तो इनका मकसद दोहरा है – पहला तो पाकिस्तान सरकार पर दबाव बनाना, और दूसरा… अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बलूचिस्तान की आजादी की बात को उठाना। थोड़ा वैसा ही जैसे कश्मीर मुद्दे को UN में उठाया जाता है।

3. इस हमले में कितना नुकसान हुआ है?

अभी तक की खबरों को मानें तो… स्थिति गंभीर है। पाकिस्तानी security forces को भारी नुकसान उठाना पड़ा है – कई जवान शहीद हुए हैं, कई घायल। और तो और, कुछ government buildings और military installations भी बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। पर सच कहूं? Exact figures का तो अभी इंतज़ार करना पड़ेगा। पाकिस्तानी मीडिया और आर्मी के बयानों में अक्सर अंतर होता ही है।

4. बलूच विद्रोहियों और पाकिस्तान सरकार के बीच conflict की वजह क्या है?

ये कोई नई लड़ाई नहीं है दोस्तों। सच तो ये है कि ये conflict तो उसी दिन शुरू हो गया था जब बलूचिस्तान पाकिस्तान का हिस्सा बना। बलूच लोगों का मानना है – और उनके पास कुछ हद तक सही तर्क भी हैं – कि उनके प्राकृतिक resources (गैस, खनिज, आदि) का दोहन तो हो रहा है, पर विकास के नाम पर कुछ नहीं मिल रहा। तो सवाल ये उठता है कि क्या ये autonomy या आजादी की मांग जायज़ नहीं? हालांकि… पाकिस्तान सरकार का नज़रिया अलग है। वो इसे देश की अखंडता का सवाल बताते हैं।

Source: Navbharat Times – Default | Secondary News Source: Pulsivic.com

Exit mobile version