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दूल्हा दुल्हन को लेकर घर लौटा, लेकिन रास्ते में पहुंचा थाने! पूरी कहानी जानें

दूल्हा-दुल्हन की बारात का सफर… जो थाने तक पहुंच गया! क्या हुआ था असल में?

करनाल का मेरठ रोड… शनिवार की रात… और एक ऐसी घटना जिसे सुनकर आपको लगेगा कि ये किसी फिल्म का सीन है। सोचिए, बारात लौट रही है, खुशियां मनाई जा रही हैं, और तभी अचानक कुछ अज्ञात लोगों ने बस पर हमला बोल दिया। सिर्फ लूटपाट नहीं, बल्कि एक ऐसा सदमा जिसने पूरी बारात की खुशियों पर पानी फेर दिया। पुलिस ने तो FIR दर्ज कर ली, पर सवाल ये है कि आखिर ये हादसा हुआ क्यों? और क्या इसे रोका जा सकता था?

वो शराब ठेका जहां शुरू हुई सारी मुसीबत

कहानी शुरू होती है मेरठ रोड पर एक शराब ठेके के पास से। रात के करीब 10 बजे, जब बारात मेरठ से शादी करके करनाल लौट रही थी। स्थानीय लोगों की मानें तो यहां पहले भी ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं। पर सवाल ये उठता है – क्या पुलिस ने कोई सबक लिया? या फिर हर बार की तरह इस बार भी सिर्फ FIR दर्ज करके मामला रफा-दफा कर दिया जाएगा?

वो भयावह मंजर: कांच टूटे, चीखें गूंजीं

कल्पना कीजिए – बस के शीशे टूटते हैं, अंदर लाठी-डंडे बरसने लगते हैं। गहने छीन लिए जाते हैं, जेबें काटी जाती हैं। और सबसे दुखद? दूल्हा-दुल्हन की जगह अस्पताल के बेड पर आंसू बहाते परिवार को देखना। पुलिस ने कुछ संदिग्धों को पकड़ा जरूर है, पर क्या ये काफी है? अस्पताल वालों का कहना है कि सबकी हालत स्थिर है… पर मन की टूटन को कौन सहारा देगा?

आहें और वादे: किसकी सुनेंगे हम?

दूल्हे के पिता की आवाज़ कांपती है जब वो कहते हैं, “शादी के बाद बेटे को सुरक्षित घर लाना चाहते थे… ये क्या हो गया?” वहीं पुलिस वाले अपने पुराने रटे-रटाए वादे दोहराते हैं – “जल्द पकड़ेंगे, सख्त कार्रवाई होगी।” राजनीतिक दलों ने भी मौके का फायदा उठाते हुए प्रशासन पर निशाना साध लिया है। पर असल सवाल ये है – क्या कभी सच में कुछ बदलेगा?

CCTV फुटेज और नए वादे

अब पुलिस CCTV फुटेज चेक कर रही है। परिवार वाले हाई-लेवल जांच की मांग कर रहे हैं। शराब ठेकों के आसपास सुरक्षा बढ़ाने की बात हो रही है। पर हम सब जानते हैं न? ये सब कितनी देर तक याद रखा जाएगा? अगले हफ्ते तक भी ये मामला मीडिया में दिखेगा या नहीं, कोई गारंटी नहीं!

अंत में एक सवाल जो हर बार अनुत्तरित रह जाता है

ये घटना सिर्फ एक अपराध नहीं, बल्कि हमारी कानून व्यवस्था पर एक बड़ा सवाल खड़ा करती है। क्या वाकई पुलिस की प्रतिक्रिया सिर्फ घटना के बाद ही सक्रिय होती है? क्या हम ऐसी व्यवस्था बना पाएंगे जहां दूल्हा-दुल्हन बिना डर के अपने घर लौट सकें? या फिर… अगली बारात का इंतज़ार करें जिसका सफर थाने तक पहुंचे? सोचने वाली बात है। सच में।

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Source: News18 Hindi – Nation | Secondary News Source: Pulsivic.com

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