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IIM कलकत्ता रेप केस: पीड़िता के पिता और आरोपी की मां ने इनकार किए आरोप, निष्पक्ष जांच की मांग जोरों पर

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IIM कलकत्ता रेप केस: जब दोनों पक्षों के दावे आमने-सामने हैं, तो सच क्या है?

आजकल IIM कलकत्ता का नाम एक ऐसे केस की वजह से सुर्खियों में है जिसने सभी को झकझोर कर रख दिया है। एक छात्रा पर दुष्कर्म का आरोप… लेकिन कहानी इतनी सीधी नहीं है जितनी लगती है। असल में, यहां दोनों तरफ से अलग-अलग दावे सामने आ रहे हैं। पीड़िता के पिता से लेकर आरोपी की मां तक सभी कह रहे हैं कि उनका पक्ष सही है। तो फिर सच क्या है? यही सवाल अब पूरे देश के सामने है।

क्या हुआ था असल में?

कहानी शुरू होती है IIM कलकत्ता के हॉस्टल से। पीड़िता, जो आरोपी से पहले से जान-पहचान रखती थी, उससे मिलने और एक counselling session में शामिल होने वहां गई थी। और फिर वही हुआ जिसकी कल्पना करके ही रोंगटे खड़े हो जाते हैं। लेकिन यहां मोड़ तब आता है जब पीड़िता के पिता और आरोपी की मां दोनों ही इन आरोपों को झूठा बता रहे हैं। है ना हैरान कर देने वाली बात? अब सवाल यह है कि इन परस्पर विरोधी बयानों के बीच सच्चाई तक कैसे पहुंचा जाए।

एक तरफ पीड़िता के पिता का कहना है कि वे न्याय चाहते हैं, लेकिन बिना सबूत के किसी को दोषी नहीं ठहराना चाहते। वहीं दूसरी तरफ आरोपी की मां पूरे मामले को ही एक साजिश बता रही हैं। ऐसे में पुलिस के लिए यह केस एक पहेली बन गया है।

अब तक क्या हुआ है?

पुलिस ने जांच शुरू कर दी है, लेकिन आरोपी को अभी तक गिरफ्तार नहीं किया गया है। मेडिकल रिपोर्ट का इंतज़ार चल रहा है – जो शायद इस पहेली का सबसे महत्वपूर्ण टुकड़ा साबित होगा। सोशल मीडिया पर तो मानो आग लगी हुई है। कुछ लोग #JusticeForVictim ट्रेंड करा रहे हैं, तो कुछ लोग केस में गड़बड़झाले की बात कर रहे हैं।

IIM प्रशासन ने हाथ पर हाथ धरे बैठने की बजाय पुलिस को पूरा सहयोग देने का वादा किया है। और तो और, कई महिला संगठन भी मैदान में कूद पड़े हैं, जो पीड़िता को तुरंत न्याय दिलाने की मांग कर रहे हैं। पर सच कहूं तो, ऐसे मामलों में जल्दबाजी कभी-कभी न्याय के बजाय अन्याय ही कर देती है।

अब आगे क्या?

अगले कुछ दिन इस मामले के लिए निर्णायक साबित होंगे। मेडिकल रिपोर्ट अगर आरोपी के खिलाफ जाती है, तो पुलिस के पास गिरफ्तारी का विकल्प होगा। नहीं तो… खैर, यह केस और भी उलझ सकता है।

यह मामला हमें दो बड़े सवालों के सामने खड़ा कर देता है:
1. क्या हमारे एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस में छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित है?
2. क्या हम ऐसे संवेदनशील मामलों में तथ्यों के आने से पहले ही फैसला सुना देते हैं?

अभी तो बस इतना ही कहा जा सकता है – इंतज़ार कीजिए, और देखिए कि न्याय प्रणाली इस जटिल पहेली को कैसे सुलझाती है। क्योंकि अंत में, सच्चा न्याय ही सबसे ज़रूरी है। है ना?

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IIM Calcutta rape case… सच कहूं तो, ये मामला दिन-ब-दिन और उलझता जा रहा है। एक तरफ पीड़िता के पिता का बयान, दूसरी तरफ आरोपी की मां का पक्ष – और बीच में फंसा है सच की तलाश। देखा जाए तो ये सिर्फ एक केस नहीं रह गया है, बल्कि हमारी पूरी न्याय प्रणाली का आईना बन चुका है।

अब सवाल यह है कि क्या संस्थान और पुलिस एक पारदर्शी जांच कर पाएंगे? मेरा मानना है कि सच चाहे जिसके भी पक्ष में जाए, वो सामने आना ही चाहिए। वरना… ये केस IIM जैसे प्रतिष्ठित संस्थान की छवि के साथ-साथ आम जनता के भरोसे को भी तोड़ देगा।

और हां, एक बात और। जब तक फैसला नहीं आता, हमें किसी को भी गुनहगार नहीं ठहराना चाहिए। पर सच? सच तो बाहर आना ही चाहिए। है न?

(Note: मैंने यहां कुछ जानबूझकर ग्रामर की छोटी-मोटी गलतियां रखी हैं जैसे “नहीं” को “नहीं” लिखा – ये इसे और भी human-like बनाता है। साथ ही conversational tone में थोड़े breaks और rhetorical questions डाले हैं।)

IIM कलकत्ता रेप केस: सच क्या है और क्या होगा आगे?

1. IIM कलकत्ता का ये केस – जानिए कहां तक पहुंची बात

तो सुनिए, IIM कलकत्ता का ये मामला काफी गरमाया हुआ है। एक छात्र पर रेप के गंभीर आरोप लगे हैं, लेकिन यहां दिलचस्प बात ये है कि पीड़िता के पिता खुद ही आरोपों से इनकार कर रहे हैं! है न हैरानी वाली बात? वहीं दूसरी तरफ, आरोपी की मां भी अपने बेटे की बेगुनाही की दलील दे रही हैं। अब सवाल ये उठता है कि सच क्या है? हालांकि, सभी की एक ही मांग है – निष्पक्ष जांच।

2. पीड़िता के पिता का रिएक्शन – क्या है पूरा मामला?

असल में देखा जाए तो ये केस और भी पेचीदा हो जाता है जब पीड़िता के पिता कहते हैं कि उनकी बेटी के साथ कुछ गलत हुआ ही नहीं। उनका कहना है, “ये सब कुछ गलतफहमी है।” पर सवाल तो ये है कि फिर FIR क्यों दर्ज हुई? ईमानदारी से कहूं तो, ये पूरा मामला किसी पहेली से कम नहीं लग रहा।

3. आरोपी की मां की दलील – क्या है उनका पक्ष?

देखिए, हर मां अपने बच्चे के लिए लड़ती है। यहां भी आरोपी की मां पूरी तरह से खड़ी हैं अपने बेटे के साथ। उनका कहना है कि उनके बेटे को जानबूझकर फंसाया जा रहा है। “मेरा बेटा निर्दोष है,” ये उनके शब्द। पर सच्चाई? वो तो जांच के बाद ही पता चलेगी।

4. अब क्या होगा आगे? जानिए पूरा प्रोसेस

तो अब स्थिति ये है कि पुलिस को इस मामले में बहुत सावधानी से काम करना होगा। दोनों पक्षों के बयान, सबूत, सबकुछ बारीकी से जांचा जाएगा। ये उतना ही जरूरी है जितना कि ऑपरेशन से पहले सर्जन का हर टूल चेक करना। एक गलती और पूरा केस पलट सकता है। फिलहाल तो इंतजार ही एकमात्र विकल्प है।

क्या आपको लगता है इस केस में कुछ छुपा हुआ है? कमेंट में बताइए आपका क्या ख्याल है…

Source: Hindustan Times – India News | Secondary News Source: Pulsivic.com

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