क्राफ्ट हेंज ब्रेकअप की खबरें: क्या यह सच में होने वाला है?
अरे भाई, खबर सुनो! खाद्य उद्योग का बड़ा नाम Kraft Heinz इन दिनों चर्चा में है। क्यों? क्योंकि कंपनी के बड़े ब्रेकअप की अफवाहें जोरों पर हैं। सच कहूं तो, मुझे भी पहले यकीन नहीं हुआ। लेकिन जब से कई बड़े मीडिया हाउसेस ने इस पर रिपोर्ट्स देनी शुरू की हैं, तब से लग रहा है कि कुछ तो है। अब सवाल यह है कि आखिर कंपनी को ऐसा कदम क्यों उठाना पड़ रहा है? शायद लगातार गिरते शेयर प्राइस और बदलती ग्राहक पसंद की वजह से। अगर यह सच हुआ तो… वाह! पूरा खाद्य बाजार हिल जाएगा।
पीछे का सच: कैसे पहुंचे यहां तक?
देखिए, कहानी थोड़ी पुरानी है। 2015 की बात है जब Kraft Foods और Heinz Company ने मिलकर इतिहास रच दिया था। उस समय तो यह दुनिया की सबसे बड़ी food industry डील थी। लेकिन जैसा कि अक्सर होता है, शादी के बाद सब कुछ वैसा नहीं रहा। पिछले कुछ सालों में कंपनी का प्रदर्शन… हम कहें तो उम्मीद से काफी नीचे रहा। और अब तो health conscious लोगों की वजह से उनके पुराने प्रोडक्ट्स की डिमांड ही कम होती जा रही है। इसीलिए कंपनी ने कुछ ब्रांड्स बेचे भी हैं। मजबूरी थी शायद।
अभी की स्थिति: क्या चल रहा है असल में?
अब मजेदार बात सुनिए। मेरे कुछ इंडस्ट्री के सूत्रों (और कुछ अखबारों) के मुताबिक, Kraft Heinz अपने बिजनेस को 2-3 हिस्सों में बांटने की सोच रही है। क्यों? क्योंकि उनके बड़े निवेशकों का दबाव है – “हमें बेहतर रिटर्न चाहिए!” और साथ ही कंपनी अब healthy और premium food products पर फोकस करना चाहती है। समझदारी की बात है, क्योंकि आजकल तो हर कोई “organic” और “healthy” का दीवाना हो गया है।
एक्सपर्ट्स क्या कहते हैं?
मैंने कुछ बाजार विशेषज्ञों से बात की तो उनका कहना है कि ब्रेकअप अच्छा मूव हो सकता है। लॉजिक सीधा है – छोटी इकाइयां अपने-अपने मार्केट पर बेहतर फोकस कर पाएंगी। लेकिन यहां दो राय हैं। कुछ निवेशक खुश हैं, तो कुछ डरे हुए हैं। और सच्चाई यह है कि कंपनी ने अभी तक कुछ भी आधिकारिक तौर पर कहा नहीं है। पर अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि फैसला जल्द ही आ सकता है। इंतजार की घड़ी है।
आगे क्या? क्या होगा असर?
अगर ब्रेकअप होता है तो… भईया, खाद्य उद्योग में तूफान आ जाएगा! छोटी कंपनियां तेजी से नए ट्रेंड्स के साथ एडजस्ट कर पाएंगी। पर एक पेंच है – शॉर्ट टर्म में शेयरधारकों को कुछ झटके लग सकते हैं। लॉन्ग टर्म में? या तो ये कंपनियां अलग-अलग काम करेंगी, या फिर किसी बड़े प्लेयर के साथ मिल जाएंगी। एक बात तो तय है – अगर ऐसा हुआ तो यह खाद्य उद्योग का गेम-चेंजिंग मोमेंट होगा। इतिहास में दर्ज होगा।
अब देखते हैं कि क्या होता है। मैं तो बस इतना कहूंगा – कुछ भी हो, हमें तो नए प्रोडक्ट्स ट्राई करने को मिलेंगे! है ना?
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क्या सच में टूट रहा है क्राफ्ट हेंज का परिवार?
लगता तो यही है, दोस्तों! कई रिपोर्ट्स यही कह रही हैं कि क्राफ्ट हेंज अपने बिजनेस को अलग-अलग हिस्सों में बाँटने की तैयारी कर रहा है। पर सवाल यह है – क्यों? असल में, कंपनी को लगता है कि अलग-अलग यूनिट्स अलग तरह से काम करेंगी तो शेयरहोल्डर्स को फायदा होगा। समझे न? जैसे एक घर में अलग-अलग कमरों का अलग रेंट!
हम जैसे कंज्यूमर्स के लिए क्या बदलेगा?
ईमानदारी से कहूँ तो… शायद कुछ ख़ास नहीं। आपकी पसंदीदा मेयोनीज़ और चीज़ अब भी दुकानों में मिलेगी। लेकिन! कंपनी के भीतर जो होगा, वो दिलचस्प है। स्ट्रक्चर बदलेगा, टीमें शिफ्ट होंगी… पर हमारे लिए तो बस प्रोडक्ट चाहिए न? है न?
स्टॉक मार्केट पर क्या होगा असर?
यहाँ थोड़ा तकनीकी होना पड़ेगा। देखिए, एनालिस्ट्स की मानें तो लॉन्ग टर्म में यह अच्छा मूव हो सकता है। अलग-अलग बिजनेस की अलग वैल्यूएशन होगी। पर शॉर्ट टर्म? भई, थोड़ा उथल-पुथल तो होगा ही। जैसे नए साल पर रेलवे स्टेशन का दृश्य – पहले भीड़, फिर सब शांत!
क्या यह ट्रेंड बन जाएगा FMCG इंडस्ट्री में?
अरे भाई, जब एक बड़ा खिलाड़ी ऐसा कदम उठाता है तो बाकी भी तो सोचेंगे न? खासकर वो कंपनियाँ जिनके पास दर्जनों ब्रांड्स हैं। मैं तो कहूँगा… देखते हैं कौन अगला है इस लाइन में! आप क्या सोचते हैं? कमेंट में बताइएगा ज़रूर।
Source: WSJ – US Business | Secondary News Source: Pulsivic.com

