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“लालू का ‘लैंड फॉर जॉब’ केस SC में फेल! क्या है पूरा मामला और कहां पेच फंसा?”

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लालू का ‘लैंड फॉर जॉब’ केस SC में धड़ाम! अब क्या होगा?

अरे भई, लालू यादव को सुप्रीम कोर्ट से एक और झटका लगा है। सच कहूं तो, ये तो आने वाला ही था – कोर्ट ने उनकी याचिका को ठुकरा दिया। वो भी ऐसे, जैसे कोई बच्चे का बहाना सुनकर मना कर दे। असल में, लालू जी चाहते थे कि ‘लैंड फॉर जॉब’ केस में ट्रायल कोर्ट की कार्यवाही रुक जाए। लेकिन SC ने साफ कर दिया – “नहीं भई, चलता रहो।” अब CBI के हाथ खुल गए हैं, और लगता है जल्द ही कुछ बड़ी एक्शन देखने को मिलेगी। सच बात तो ये है कि ये सिर्फ कानूनी मामला नहीं, बल्कि लालू की राजनीतिक कमर तोड़ने की कोशिश है। आपको नहीं लगता?

ये ‘लैंड फॉर जॉब’ वाला मामला क्या बला है?

देखिए न, कहानी तो 2004-2009 की है जब लालू जी रेल मंत्री थे। क्या कर रहे थे? अरे, लोगों को रेलवे में नौकरी देने के बदले में जमीन ले रहे थे! सीधा-सादा सौदा। “आप जमीन दो, हम नौकरी देंगे।” पर ये तो चलता कहाँ है भई? CBI ने तो पूरा चार्जशीट ही ठोक दिया है – लालू, परिवार, और कुछ और लोग भी फंसे हैं। सबसे मजेदार बात? नीतीश कुमार की JD(U) ने CBI की पूरी जांच का समर्थन कर दिया। राजनीति का ये खेल देखिए – कल तक साथ थे, आज विरोधी बन गए!

SC ने क्या फैसला सुनाया? असर क्या होगा?

सुप्रीम कोर्ट ने बस इतना कहा – “भई, ट्रायल तो चलेगा ही।” और ये एक लाइन का फैसला लालू के लिए सिरदर्द बन गया है। अब CBI जमकर कार्रवाई करेगी – नए वारंट, नई गिरफ्तारियाँ, जल्दी-जल्दी सुनवाई। सच पूछो तो लालू जी के लिए मुसीबत बढ़ती जा रही है। एक तरफ कानूनी पचड़ा, दूसरी तरफ राजनीतिक इमेज धूमिल होना। पर सवाल ये है कि क्या वो इससे उबर पाएंगे? मुझे तो नहीं लगता।

राजनीति में हड़कंप! कौन क्या बोला?

RJD वाले तो बिफरे हुए हैं – “ये सब साजिश है!” वो लालू को बचाने के लिए हर कोशिश करेंगे। वहीं BJP और JD(U) खुशी से झूम रहे हैं। BJP का कहना है – “कानून की जीत हुई”, जबकि JD(U) वाले कह रहे हैं – “चक्र घूम रहा है।” मतलब साफ है – बदला लेने का वक्त आ गया। एक्सपर्ट्स की मानें तो अब ट्रायल तेजी से आगे बढ़ेगा, और शायद 2024 के चुनावों से पहले ही फैसला आ जाए। अब देखना ये है कि बिहार की सियासत में ये कैसे भूचाल लाएगा।

अब आगे क्या? लालू के पास कोई रास्ता?

अब सारी नजरें ट्रायल कोर्ट पर हैं। अगर लालू को सजा हो गई तो… अरे भई, बिहार की राजनीति ही बदल जाएगी! RJD के लिए तो मुसीबत खड़ी हो जाएगी। हाँ, लालू के पास अभी भी हाईकोर्ट में अपील का विकल्प है, पर हालात उनके खिलाफ जा रहे हैं। मेरा मानना है कि ये केस 2024 से पहले बिहार के समीकरण बिगाड़ सकता है। क्या आपको नहीं लगता कि नीतीश कुमार इसका पूरा फायदा उठाएंगे?

चलो, अभी के लिए इतना ही। नई अपडेट्स के लिए बने रहिए हमारे साथ। और हाँ, कमेंट में जरूर बताइए – आपको क्या लगता है, लालू इस बार बच पाएंगे या नहीं?

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लालू का ‘लैंड फॉर जॉब’ केस – SC का फैसला और उसके मायने

अरे भाई, सुप्रीम कोर्ट ने तो लालू यादव को एक और झटका दे दिया है। पर सवाल यह है कि यह ‘लैंड फॉर जॉब’ केस आखिर है क्या? और इसका असर बिहार की राजनीति पर क्या पड़ेगा? चलिए, बात करते हैं।

1. वही पुराना घोटाला, नए सिरे से सुर्खियों में

देखिए, यह कहानी तो 90s की है जब बिहार में लालू यादव का राज था। कहा जा रहा है कि सरकारी नौकरियों के बदले में ज़मीन ली जा रही थी। सीधी भाषा में कहें तो – “आप जॉब लो, हम ज़मीन लेंगे” वाला गेम। CBI ने तो लालू और उनके परिवार पर सीधे आरोप लगा दिए। पर सच क्या है? वो तो अदालत ही तय करेगी।

2. SC ने क्या कहा? समझिए एक मिनट में

सुप्रीम कोर्ट ने लालू की याचिका ठुकरा दी। मतलब साफ है – केस चलेगा! कोर्ट ने कहा कि यह मामला हल्का नहीं है। ईमानदारी से कहूं तो, यह फैसला थोड़ा अजीब लगता है क्योंकि लालू पहले ही चारा घोटाले में सजा काट चुके हैं। पर न्याय का अपना तरीका है न?

3. राजनीति पर भूकंप आने वाला है?

असल में… RJD के लिए यह खबर बिल्कुल अच्छी नहीं है। लालू तो जेल जा चुके हैं, पर अब यह नया केस? बिहार में तो यह मुद्दा गरमा जाएगा। एक तरफ तो लालू के समर्थक उन्हें निर्दोष बताएंगे, दूसरी तरफ विरोधी इसे उनकी दूसरी हार बताएंगे। देखिए, क्या होता है!

4. अब आगे क्या? ट्रायल कोर्ट की लंबी लड़ाई

तो स्थिति यह है कि अब मामला वापस ट्रायल कोर्ट में जाएगा। CBI को सबूत पेश करने होंगे। गवाहों को बुलाना होगा। और हाँ, यह प्रक्रिया महीनों… शायद सालों ले सकती है। एक बात तो तय है – बिहार की सियासत में यह केस अब एक बड़ा मुद्दा बन चुका है। क्या आपको नहीं लगता?

PS: अगर आपको लगता है कि यह सिर्फ लालू का मामला है, तो फिर से सोचिए। यह तो सिस्टम पर सवाल है। पर यह बहस फिर कभी…

Source: News18 Hindi – Nation | Secondary News Source: Pulsivic.com

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