NEET-UG बिजली कटौती वाला केस: 75 बच्चों के रिजल्ट आ गए, लेकिन हाईकोर्ट ने कहा – ‘री-एग्जाम नहीं!’
सुनो यार, NEET-UG 2025 का वो विवाद याद है जहाँ बिजली गुल होने से 75 बच्चे परेशान हो गए थे? अब NTA ने उनके रिजल्ट जारी कर दिए हैं। अगर आप भी उनमें से एक हैं तो जल्दी से neet.nta.nic.in पर चेक कर लो। पर साथ ही एक बड़ी खबर – हाईकोर्ट ने इन छात्रों के लिए दोबारा परीक्षा कराने की मांग ठुकरा दी है। अब ये केस और भी दिलचस्प हो गया है, है ना?
असल में ये सारा मामला 4 मई को शुरू हुआ था, जब NEET-UG की परीक्षा चल रही थी। कुछ सेंटर्स पर बिजली चली गई और 75 बच्चों ने शिकायत की कि वे पेपर पूरा नहीं कर पाए। उनका कहना था – “भईया, बिना बिजली के हम कैसे लिखते? ये तो नाइंसाफी है!” इसके बाद तो मामला NTA से होता हुआ कोर्ट तक पहुँच गया।
अब NTA ने इन 75 बच्चों के रिजल्ट जारी कर दिए हैं। लेकिन यहाँ मजा तब हुआ जब हाईकोर्ट ने री-एग्जाम की मांग को ना कह दिया। कोर्ट का कहना है कि NTA ने सही तरीके से जाँच की है। अब छात्रों की प्रतिक्रिया? कुछ खुश हैं, कुछ नाराज। जैसे कि राहुल (नाम बदला हुआ) का कहना है – “मेरा पेपर तो बर्बाद हो गया, और अब ये रिजल्ट?” वहीं दूसरी तरफ प्रिया कहती हैं – “शुक्र है कि कम से कम रिजल्ट तो आ गया।”
NTA के एक अधिकारी ने बताया – “हमने हर शिकायत को गंभीरता से लिया है।” पर क्या सच में? क्योंकि एक छात्र तो यहाँ तक कह रहा था – “सर, मेरी बात सुनने वाला कोई नहीं था।” शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में बच्चों के हित सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण हैं। और हाँ, अगली बार बैकअप बिजली का इंतजाम तो कर ही लेना चाहिए!
तो अब क्या? अब बच्चों के पास दो ही रास्ते हैं – या तो हाईकोर्ट में फिर से अपील करें, या सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाएँ। वहीं NTA ने भविष्य के लिए बेहतर इंतजामों का वादा किया है। पर सच कहूँ तो, ये केस एक बार फिर हमें दिखा देता है कि हमारी परीक्षा व्यवस्था में कितने छेद हैं। क्या सरकार और एजेंसियाँ इससे सबक लेंगी? वक्त ही बताएगा।
एक बात तो तय है – ये 75 बच्चे इस साल NEET की तैयारी करते समय बिजली कटौती की कहानी तो जरूर बताएँगे। है ना?
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क्या है ये NEET-UG बिजली कटौती वाला मामला?
देखिए, बात ये है कि NEET-UG exam के दौरान एक center में अचानक बिजली चली गई। और भईया, सिर्फ 5-10 मिनट नहीं… पूरे 45 मिनट तक बच्चे अंधेरे में बैठे रहे! नतीजा? 75 छात्रों ने फिर से exam देने की मांग उठाई। लेकिन हाईकोर्ट ने उनकी इस गुहार को ठुकरा दिया। सच कहूं तो, ये केस काफी चर्चा में रहा है।
क्या उन 75 बच्चों का रिजल्ट आ चुका है?
हां भई, रिजल्ट तो आ ही गया है। हाईकोर्ट ने साफ कह दिया कि दोबारा exam लेना कोई solution नहीं है। मतलब? बच्चों को जो marks मिले हैं, वही final हैं। थोड़ा कड़वा सच है, लेकिन है तो सच ही ना?
अच्छा, तो हाईकोर्ट ने री-एग्जाम की मांग क्यों ठुकराई?
सुनिए, कोर्ट का logic समझिए – बिजली कटौती तो हर जगह होती है ना? अगर हर बार ऐसा होने पर exam दोबारा लिया जाए, तो ये तो endless cycle बन जाएगी। और सच बताऊं? पूरे देशभर के लाखों students के साथ ये unfair भी होता। कोर्ट ने इसे ‘practical नहीं’ बताया। समझ आता है ना?
तो क्या अब इन students के पास कोई रास्ता नहीं बचा?
अभी के हालात देखें तो… Supreme Court में appeal का option तो है। लेकिन यार, अभी तक कोई official movement नहीं हुई है। मेरा personal opinion? थोड़ी chances तो हैं, लेकिन बहुत कम। क्योंकि हाईकोर्ट का फैसला काफी स्पष्ट था। हालांकि, कानून के मामले में कुछ भी possible होता है!
एक बात और – अगर आपमें से कोई student यहां पढ़ रहा है, तो हिम्मत न हारें। Life में और भी कई opportunities आती हैं। सच कहूं तो, एक exam पूरी जिंदगी नहीं होता!
Source: News18 Hindi – Nation | Secondary News Source: Pulsivic.com