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“गलवान के बाद पहली बार! PM मोदी की चीन यात्रा, शी जिनपिंग से मुलाकात पर दुनिया की नजर”

गलवान के बाद पहली बार! मोदी जी की चीन यात्रा – क्या बदलेगा इस बार?

अरे भाई, अगर आपको लगता है कि ये सिर्फ एक और सामान्य SCO समिट है, तो आपको फिर से सोचने की जरूरत है। PM मोदी की ये चीन यात्रा असल में किसी राजनीतिक थ्रिलर से कम नहीं! 31 अगस्त को होने वाली ये ट्रिप सच में खास है – क्योंकि ये 2020 में गलवान में हुए उस bloody clash के बाद पहली बार हो रही है जब हमारे PM चीन की धरती पर कदम रखेंगे। और हाँ, शी जिनपिंग से मिलने की बात तो है ही… पूरी दुनिया की नज़रें इस पर टिकी हैं। सच कहूँ तो, ये मुलाकात उतनी ही दिलचस्प हो सकती है जितनी कि कोई क्रिकेट मैच का last over!

पहले समझिए पूरा बैकग्राउंड

याद है न वो जून 2020 का दिन? जब गलवान में हमारे 20 जवानों ने शहादत दी थी। उसके बाद से तो भारत-चीन के रिश्ते ठीक वैसे ही हैं जैसे किसी के घर में लगी दरार – ऊपर से तो दिखती नहीं, लेकिन अंदर से पूरी इमारत हिल रही है। और अब इसी बीच SCO समिट में ये मीटिंग? बिल्कुल मसाला फिल्म जैसा मामला! SCO वैसे तो economic और security cooperation की बात करता है, लेकिन इस बार तो game बिल्कुल अलग है। खासकर तब जब अमेरिका और चीन आमने-सामने खड़े हैं और भारत बीच में tightrope walk कर रहा है।

क्या-क्या हो सकता है agenda पर?

सरकारी तौर पर तो अभी कोई confirmation नहीं हुई है… लेकिन यार, अंदरूनी सूत्र क्या कह रहे हैं? लगता है मोदी जी का चीन जाना लगभग पक्का है। और अगर मुलाकात हुई तो? देखिए, border dispute तो टेबल पर आएगा ही – वो तो ऐसा है जैसे रिश्तेदारी में दहेज का मुद्दा, हमेशा रहता है! पर साथ ही trade imbalance और technology transfer जैसे मसले भी उछलेंगे। और हाँ, अमेरिका? वो तो पूरी नज़र गड़ाए बैठा है – जैसे कोई ससुराल वाले shaadi के मौके पर!

कौन क्या बोल रहा है?

देखिए न, हमारे opposition leaders तो सवाल उठा ही रहे हैं – “चीन ने गलवान के बाद क्या किया?” वहीं चीन का प्यारा-प्यारा Global Times अखबार कह रहा है कि ये मुलाकात relations को गर्मा सकती है। कुछ experts की राय? ये meeting एक तरह का icebreaker हो सकती है। पर सच पूछो तो, जब तक बातचीत नहीं होती, सब अटकलें ही हैं। ठीक वैसे ही जैसे मौसम विभाग का पूर्वानुमान!

आगे क्या? कुछ predictions…

अगर सब ठीक रहा तो? LAC पर tension कम हो सकती है, trade balance के लिए कोई deal हो सकती है। पर सबसे बड़ा सवाल – क्या भारत अपनी strategic autonomy बनाए रख पाएगा? या चीन के सामने झुक जाएगा? Western countries तो इस पर नज़र गड़ाए बैठे हैं। एक बात तो clear है – ये meeting सिर्फ दो देशों की नहीं, पूरी दुनिया की राजनीति को प्रभावित करने वाली है। जैसे कि chess का कोई बड़ा move जो पूरे game का रुख बदल दे!

तो क्या सोचते हैं आप? क्या ये यात्रा वाकई कुछ बदल पाएगी? कमेंट में बताइएगा जरूर!

PM मोदी की China यात्रा और शी जिनपिंग से मुलाकात – जानिए वो सब जो आप पूछना चाहते हैं

1. आखिर PM मोदी China क्यों जा रहे हैं? असली मकसद क्या है?

देखिए, ये कोई सामान्य यात्रा नहीं है। Galwan clash के बाद से ही दोनों देशों के रिश्ते एक तनावपूर्ण दौर से गुजर रहे हैं। ऐसे में ये मुलाकात कुछ बर्फ़ पिघलाने वाली हो सकती है। पर सवाल यह है – क्या सच में कुछ बदलेगा? Diplomatic relations को मजबूत करने की बात तो होगी, लेकिन असली चुनौती तो trust वापस लाने की है।

2. Galwan Valley का मुद्दा – क्या इस बार कुछ अलग होगा?

ईमानदारी से कहूं तो, इस मुद्दे पर चर्चा तो होगी ही। LAC पर तनाव भारत के लिए सिरदर्द बना हुआ है, और PM मोदी इसे नज़रअंदाज़ नहीं कर सकते। पर सच्चाई ये है कि China अपने रुख से हटने वाला नहीं। तो क्या ये सिर्फ़ एक formal discussion तक सीमित रहेगा? शायद। लेकिन कम से कम हमारी तरफ़ से तो स्पष्ट संदेश जाएगा – ये हमारी सीमा है, और इसमें कोई समझौता नहीं।

3. Trade पर क्या असर पड़ेगा? क्या Chinese products पर restrictions कम होंगे?

अरे भई, ये तो बड़ा दिलचस्प सवाल है! पिछले कुछ सालों में हमने Chinese goods पर कड़े कदम उठाए हैं – और सही भी किया। लेकिन business है तो discussions भी होंगे ही। पर मेरी निजी राय? Make in India को बढ़ावा देने के लिए हमें Chinese products पर निर्भरता कम करनी ही होगी। हो सकता है कुछ नए agreements पर बात हो, लेकिन पूरी तरह से restrictions हटेंगे? नहीं, ऐसा लगता नहीं।

4. पूरी दुनिया की नज़रें इस meeting पर क्यों टिकी हैं?

सोचिए न – Asia के दो सबसे बड़े देश, दोनों nuclear powers, और दोनों की economy पूरी दुनिया को प्रभावित करती है। America हो या Russia, सब जानना चाहते हैं कि क्या ये meeting कुछ बड़ा बदलाव लाएगी। मेरा मानना है कि ये सिर्फ़ एक शुरुआत है। असली game तो अभी बाकी है। देखते हैं कौन किसकी चाल समझ पाता है!

Source: News18 Hindi – Nation | Secondary News Source: Pulsivic.com

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