Operation Sindhur रोकने को किसी नेता ने नहीं कहा? पीएम मोदी का बयान और उसके मायने
आज प्रधानमंत्री मोदी ने एक जनसभा में कुछ ऐसा कह दिया जिसने दिल्ली की राजनीति को हिलाकर रख दिया। सीधे-सपाट अंदाज में उन्होंने कहा – “Operation Sindhur को रोकने की गुजारिश किसी नेता ने नहीं की थी।” और देखते ही देखते यह बयान ट्रेंड करने लगा। सवाल यह है कि क्या यह सैन्य नीतियों पर चल रही बहस का अंतिम पड़ाव होगा? शायद नहीं।
पूरा मामला क्या है?
Operation Sindhur – यह नाम तो आपने भी सुना होगा। भारतीय सेना का वह गोपनीय अभियान जिसमें आतंकवादियों के ठिकानों पर सटीक प्रहार किए गए थे। लेकिन पिछले कुछ दिनों से… अरे भई, राजनीति तो होनी ही थी न! विपक्ष के कुछ नेताओं ने दावा किया कि सरकार ने दबाव में आकर ऑपरेशन रोक दिया। सच्चाई क्या है? अभी तक पता नहीं, पर बहस जरूर गर्म है।
आज क्या नया हुआ?
मोदी जी आज बिल्कुल क्लियर थे – “सेना को पूरी आजादी है।” और यह सिर्फ उनका बयान नहीं था। रक्षा मंत्रालय ने भी इसकी पुष्टि की। सेना प्रमुख तक ने कह दिया – “हम किसी के दबाव में काम नहीं करते।” एक तरफ तो यह अच्छी बात है, लेकिन दूसरी तरफ सवाल भी तो उठने ही वाले हैं न?
किसने क्या कहा?
राहुल गांधी की प्रतिक्रिया? वही पुरानी रिकॉर्ड – “जांच होनी चाहिए।” भाजपा वालों ने? उनका तो स्टाइल ही है विपक्ष पर निशाना साधने का। पर असल में सबसे समझदार बात तो रक्षा विशेषज्ञों ने कही – “इतने संवेदनशील मामले सार्वजनिक बहस के लिए नहीं होते।” सही कहा, है न?
अब आगे क्या?
अब तो लगता है संसद में फिर से बहस होगी। विपक्ष दस्तावेज मांगेगा। सरकार जवाब देगी। और हम सब? हम तो बस यही चाहते हैं कि देश की सुरक्षा से कोई समझौता न हो। बाकी… देखते हैं आगे क्या होता है।
एक बात तो तय है – अभी तक न तो कोई ठोस सबूत आया है, न ही कोई नतीजा। पर राजनीति? वो तो चलती रहेगी!
Source: Times of India – Main | Secondary News Source: Pulsivic.com

