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PM मोदी का ऑपरेशन सिंदूर सम्मान – “जय श्री राम, हर-हर महादेव” के साथ वीर जवानों को सलाम

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पीएम मोदी का ऑपरेशन सिंदूर सम्मान: जब ‘जय श्री राम’ के नारों से गूंज उठा संसद

क्या आपने कभी सोचा है कि राजनीति और देशभक्ति का असली रंग कैसा होता है? आज का दिन वही दिखा गया। जब पीएम मोदी एनडीए की बैठक में पहुंचे, तो पूरा हॉल ‘जय श्री राम’ और ‘हर-हर महादेव’ के नारों से ऐसे गूंजा, जैसे कोई क्रिकेट मैच नहीं, बल्कि देश की आन का जश्न हो। असल में, यह सिर्फ एक राजनीतिक बैठक नहीं थी – बल्कि ऑपरेशन सिंदूर की कामयाबी पर हमारे जवानों को सलामी देने का मौका था। और देखिए न, पीएम मोदी को भी इसी मौके पर खास सम्मान मिला। क्या यह सही था? शायद हाँ, क्योंकि नेतृत्व भी तो जरूरी है न!

ऑपरेशन सिंदूर: जब आतंकियों की कमर टूटी

अब सवाल यह है कि यह ऑपरेशन इतना खास क्यों है? दरअसल, यह कोई सामान्य सैन्य अभियान नहीं था। सोचिए, जब आपके घर में कोई घुस आए, तो आप क्या करते हैं? ठीक वैसे ही, हमारे जवानों ने आतंकियों के अड्डों को ढहा दिया। एक तरह से कहें तो उनकी ‘रीढ़ तोड़ दी’। मजे की बात यह कि इसने साफ कर दिया – भारत अब ‘zero tolerance’ वाली नीति पर चलेगा। और पीएम मोदी? उन्होंने तो सीधे सैनिकों की पीठ थपथपा दी। सच कहूँ तो, पूरे देश को गर्व हुआ होगा।

वो यादगार पल: जब नारों से भर उठी सभा

मैं आपको बताता हूँ वो दृश्य! जैसे ही मोदी जी हॉल में घुसे, सांसदों ने एक साथ ‘जय श्री राम’ बोल दिया। ऐसा लगा जैसे कोई IPL मैच नहीं, बल्कि देशभक्ति का ज्वार उमड़ पड़ा हो। फिर क्या था – ऑपरेशन सिंदूर की सफलता पर पीएम को सम्मान मिला। राजनाथ सिंह जी ने तो सही कहा – यह सफलता देश की एकजुटता की मिसाल है। लेकिन सबसे मार्मिक पल वो था जब शहीदों को याद किया गया। दिल छू जाने वाला। सच में।

देश की प्रतिक्रिया: तारीफ भी, सवाल भी

अब जरा दिलचस्प बात सुनिए। राजनाथ सिंह जी ने कहा – “भारत अब किसी से नहीं डरता”। सही भी तो है। लेकिन विपक्ष? वो तो हर बार की तरह ‘राजनीतिकरण’ का राग अलापने लगा। एक नेता ने तो यहाँ तक कह दिया कि ‘सेना को राजनीति से दूर रखो’। सच कहूँ? हर बात में राजनीति ढूंढना भी तो गलत है न!

आगे की राह: अब क्या होगा?

तो अब सरकार क्या करने वाली है? पहली बात तो शहीदों के परिवारों की मदद। दूसरा, आतंकवाद के खिलाफ और मुखर होकर बोलना। और तीसरा? हमारी सेना को और मजबूत बनाना। क्योंकि यह ऑपरेशन सिर्फ एक जीत नहीं, बल्कि एक संदेश था – भारत अब पीछे नहीं हटेगा। और हाँ, यह बात दिल में बैठा लीजिए – देश की सुरक्षा सबसे ऊपर। बिल्कुल सही सुना आपने!

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Source: News18 Hindi – Nation | Secondary News Source: Pulsivic.com

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