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पुरी में लड़की को आग के हवाले करने वाला सनसनीखेज मामला: ओडिशा पुलिस का बयान जानें

पुरी में नाबालिग लड़की की मौत: क्या सच में सब कुछ ‘दुर्घटना’ है?

ओडिशा के पुरी से एक ऐसी खबर आई है जो रोंगटे खड़े कर देती है। एक मासूम 15 साल की लड़की… जिसका शव जलता हुआ मिला। अब सवाल यह है कि क्या यह वाकई एक ‘दुर्घटना’ थी? पुलिस तो यही कह रही है, लेकिन लड़की की मां का दर्द देखिए – वो साफ-साफ तीन लोगों पर बेटी को जिंदा जलाने का आरोप लगा रही हैं। सच क्या है? क्यों पुलिस और परिवार के बयानों में इतना फर्क है?

क्या हुआ था उस रात?

बात पुरी के बालंगा इलाके की है। वो रात शायद उस परिवार के लिए कभी न भूलने वाली रात बन गई। लड़की का जला हुआ शव… और एक मां का सवाल – “मेरी बेटी को क्यों मारा गया?” पुलिस रिपोर्ट में तो सब कुछ ‘सामान्य’ दिखाया जा रहा है, लेकिन गांव वालों की आंखों में डर साफ झलक रहा है। ऐसा क्या हुआ जो पुलिस की जांच और परिवार के दावों में इतना अंतर आ गया?

पुलिस का पक्ष: सबूत नहीं, सवाल बहुत

पुलिस का कहना है कि अभी तक हत्या के कोई सबूत नहीं मिले। मेडिकल रिपोर्ट, फॉरेंसिक… सब ‘दुर्घटना’ की ओर इशारा करते हैं। लेकिन यहां सवाल यह उठता है – क्या सच में कोई 15 साल की लड़की खुद से आग लगा लेती है? परिवार वाले तो पुलिस पर ही उंगली उठा रहे हैं। उनका आरोप – “सच्चाई दबाई जा रही है।” किसकी बात सही है? शायद समय ही बताएगा।

समाज की आवाज: “हमें न्याय चाहिए”

इस मामले ने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया है। स्थानीय नेता बोल रहे हैं, मानवाधिकार संगठन सवाल उठा रहे हैं। लेकिन असल सवाल तो यह है – क्या हमारी बेटियां सुरक्षित नहीं? एक मां का दर्द देखिए जो कह रही है – “मेरी बच्ची को जिंदा जला दिया गया।” क्या यह सिर्फ एक मामला है, या हमारे समाज का आईना?

आगे क्या? सच की तलाश जारी

पुलिस कह रही है कि जांच जारी है। परिवार वाले हाईकोर्ट जाने की बात कर रहे हैं। सरकार भी ‘विशेष जांच टीम’ बनाने की बात कर रही है। लेकिन इन सबके बीच एक सच तो यह भी है कि एक मासूम जिंदगी खत्म हो चुकी है। क्या उसे न्याय मिलेगा? क्या सच सामने आएगा? या फिर यह मामला भी उन हजारों फाइलों में दब जाएगा जहां सच कभी बाहर नहीं आता?

एक बात तो तय है – यह सिर्फ एक लड़की की मौत नहीं, बल्कि हमारे सिस्टम, हमारे समाज के सामने एक बड़ा सवाल है। और जब तक इसका जवाब नहीं मिलता, तब तक शायद हम सबको इसके बारे में सोचते रहना चाहिए। सच में।

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Source: News18 Hindi – Nation | Secondary News Source: Pulsivic.com

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